लाल किताब और संतान सुख

लाल किताब और संतान सुख  

लाल किताब के अनुसार संतान सुख दिलाने वाला ग्रह केतु माना जाता है। संतान एवं परिवार के सुख के लिए निम्न उपाय करना चाहिए: - प्रत्येक माह परिवार के सभी सदस्यों की संख्या और घर में आने वाले मेहमानों की संख्या से अधिक रोटियां बना कर पशुओं को खिला दें। - प्रतिदिन अपने भोजन में से तीन निवाले कुत्ते के लिए अवश्य निकाल दें। जहां भोजन बने वहीं बैठ कर खाएं। Û संतान के जन्म से पहले किसी पात्र में दूध तथा शक्कर भर कर, गर्भवती स्त्री का हाथ लगवा कर, रख लें। संतान के जन्म के बाद इन पात्रों को धर्म स्थान में चढ़ा दें। - गणेश जी की आराधना करनी चाहिए। गर्भवती स्त्री की दायीं भुजा में लाल धागा बांध दें। यह धागा डेढ़ वर्ष तक बंधा रहने दें। साथ ही गाय को प्रतिदिन रोटी खिलायें। - रात को सोते समय सिरहाने जल से भरा पात्र रखें तथा प्रातः काल उसे पेड़-पौधों में डाल दें। - संतान की रक्षा के लिए सौ दिन या अधिक समय तक घर से बाहर जाना हो, तो नदी पार करते समय जल में तांबे का पैसा डालना चाहिए। - मीठी रोटियां बना कर कुत्तों को खिलाना चाहिए। - कुतिया का जन्मा मात्र एक नर बच्चा घर में रखने से कुल की वृद्धि होती है। - संतान न होने पर अपने भोजन का आधा भाग गाय को खिलायें और गाय की सेवा करें। - संतान के उत्तम स्वास्थ्य के लिए गाय को भोजन खिलायें।


लाल किताब विशेषांक  सितम्बर 2015

लाल किताब ज्योतिषीय फलादेश की अन्यान्य पद्धतियों में से सर्वोत्तम एवं विश्वसनीय पद्धति है। भारत में लाल किताब का आगमन 1930 के दशक में एक भारतीय ब्रिटिश अधिकारी पं. रूप चन्द जोशी के प्रयासों के फलस्वरूप माना जाता है। पं. रूप चन्द जोशी ने फलकथन की प्राचीन विधा की खोज कर इसे पुनस्र्थापित किया। लालकिताब के महान ज्ञाताओं के द्वारा यह अनुभवसिद्ध है कि लाल किताब के द्वारा अनुशंसित उपाय अशुभ ग्रहों के अशुभत्व को समाप्त कर शुभ फलदायी परिणाम देते हैं। यही नहीं इसके अलावा हर कार्य के लिए भी सटीक एवं उपयुक्त उपायों की चर्चा लाल किताब में की गइ्र्र है जैसे विवाह, सन्तान इत्यादि। फ्यूचर समाचार के इस विशेषांक में अनेक विषयों पर विद्वान ज्योतिषियों के आलेख उद्धृत हैं। फ्यूचर समाचार के इस विशेषांक में समाविष्ट कुछ अति महत्वपूर्ण आलेख हैं: लाल किताब एक परिचय, लाल किताब के विशेष नियम, पितृ ऋण, मातृ ऋण आदि की व्याख्या एवं फलादेश, लाल किताब के उपायों के प्रकार, ऋण एवं उनके उपाय, लाल किताब उपाय- जन्मकुण्डली के बिना भी मददगार, दान, मकान एवं धर्म स्थल संबंधी नियम, घरों के अनुसार ग्रहों का प्रभाव आदि। दूसरे अन्य महत्वपूर्ण एवं प्रशंसनीय आलेखों में शामिल हैं- ईशा का नन्हा विभोर, दी फूल, पंच पक्षी इत्यादि।

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