प्रश्नकत्र्ता जब प्रश्न से संबंधित कार्ड निकालता है या निकलवाता है तो जो भी कार्ड निकलता है वह प्रश्नकत्र्ता को रिपे्रजेंट करता है। उसकी समस्याएं व गुण उसी कार्ड में निहित होती हैं। मान लीजिए किसी प्रश्नकत्र्ता का कार्ड सेशन में ‘दी फूल’’ कार्ड निकला तो जो विशेषताएं ‘दी फूल’ कार्ड की हैं वही विशेषताएं प्रश्नकत्र्ता की भी होंगी। ‘दी फूल’ कार्ड टैरो डेक में मेजर अरकाना का अननंबर्ड कार्ड है इसको जीरो (0) नंबर कार्ड का नाम दिया गया है। मेजर अरकाना में कुल 22 कार्ड हैं जिसमें 21 कार्ड नंबर्ड कार्ड हैं लेकिन 22 वें कार्ड ‘दी फूल’ को कोई नंबर नहीं दिया गया। इसलिये इस कार्ड को अननंबर्ड व जीरो (0) कार्ड कहा गया है। ‘दी फूल’ कार्ड में एक युवक पहाड़ी रास्ते पर लापरवाही से जा रहा है, हर तरफ से बेखबर कि उसके रास्ते में क्या-क्या तकलीफें आने वाली हैं। एक कुत्ता उसके पीछे-पीछे आ रहा है जो उसे काट भी सकता है। उसके पैर में चप्पल भी नहीं है। उसने एक लाठी पर एक पोटली बांध कर अपने कंधे पर लटका रखी है। सिर पर पगड़ी नहीं है, पैसे नहीं हैं पर वह मस्ती से आगे बढ़ा चला जा रहा है। यह कार्ड जिस व्यक्ति के लिये निकला है यह सिंबल है उसके लिये कि वह व्यक्ति किसी नये काम की शुरूआत करने जा रहा है। वह व्यक्ति बेहद सीधा सादा है, इससे अनजान कि उसके रास्ते में क्या-क्या बाधाएं आने वाली हैं। वह अपना काम करता रहता है। उसको कोई धोखा भी दे सकता है, उसको दूसरे लोग ठग सकते हैं, नुकसान पहुंचा सकते हैं। उसको कोई चोट पहुंचा सकता है। यह चोट दिल पर भी लग सकती है और वह परेशानी में पड़ सकता है। उसको कोई आर्थिक हानि भी पहुंचा सकता है। ऐसा व्यक्ति बस अपना काम करता रहता है बिना यह समझे कि इसका अंजाम बुरा भी हो सकता है। वह जिस सच्चाई व ईमानदारी से काम करता है या दूसरों से व्यवहार करता है वह सोचता है दूसरे लोग भी मेरे जैसे ही हैं, पर वास्तव में ऐसा नहीं होता। अपने चारों ओर की पथरीली राहें, कांटों, बाधाओं, बैक बाइटर्स, दुश्मनों को वह देख नहीं पाता। कुछ लोग ऐसे इंसान को मूर्ख समझते हैं और अपना काम निकालने के लिए उसका इस्तेमाल करते हैं और उस पर हंसते भी हैं कि हमने उसको मूर्ख बना दिया। अगर प्रश्नकत्र्ता या जिसके लिये प्रश्न पूछा गया है और कार्ड सेशन में उसके लिये ‘दी फूल’ कार्ड निकलता है तो कुछ चालाक उससे अपना काम निकाल लेते हैं पर समय आने पर उसकी कोई मदद नहीं करते हैं। अगर वह युवा है, पैसे वाला है तो उसके धन पर दूसरे लोग ऐसा करते हैं तथा उसकी जरूरत पर कन्नी काट लेते हैं। अगर वह नौकरी में है तो कुछ लोग उसकी सादगी का अनावश्यक लाभ उठाते हुए अपने हिस्से का काम भी उससे करवा लेते हैं तथा समय आने पर उसका साथ न देकर बल्कि उसको नीचा दिखाते हैं, बाॅस से उसकी शिकायत कर सकते हैं। शादी-शुदा जिंदगी में भी पत्नी उस पर हावी रहती है, उसकी बात नहीं सुनती, अपनी चलाती है। परिवार में भी भाई-बहन उससे अपनी बात मनवा लेते हैं, उसकी सहृदयता का अनुचित लाभ उठाते हैं। माता-पिता भी उससे ही अधिक अपेक्षा रखते हैं। अगर यह कार्ड किसी स्त्री का निकले तो उसके ससुराल वाले उसे दबा सकते हैं, पति भी उससे अपनी ही बात मनवायेगा उसकी बात नहीं मानेगा। अगर एक ऐसा युवक जिसे बुरे युवकों का संग मिल गया तो बुरी संगत से युवक के चरित्र का हनन भी हो सकता है क्योंकि सरल हृदय के व्यक्ति पर दूसरों की अच्छी या बुरी संगत का असर जल्दी पड़ता है। बुरी संगत के कारण उसका स्वास्थ्य भी खराब हो सकता है, उसके खाने-पीने की गलत आदतों के कारण। अर्थात यह कि जीवन के हर क्षेत्र में लोग उसके सीधेपन का लाभ उठा कर उसको नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसका सीधा अर्थ तो यह है कि ऐसा व्यक्ति सच्चा/ईमानदार, बड़ों का आज्ञाकारी व सहृदयी है, पर ऋणात्मक अर्थ में उसके इस गुण का लाभ उठा कर दूसरे लोग उसको हानि पहुंचा सकते हैं। ऐसे व्यक्ति को सावधान रहने की आवश्यकता है। चारों तरफ चैकन्ना रहकर ही वह व्यक्ति सफल व सुखी बनकर रह सकता है।


लाल किताब विशेषांक  सितम्बर 2015

लाल किताब ज्योतिषीय फलादेश की अन्यान्य पद्धतियों में से सर्वोत्तम एवं विश्वसनीय पद्धति है। भारत में लाल किताब का आगमन 1930 के दशक में एक भारतीय ब्रिटिश अधिकारी पं. रूप चन्द जोशी के प्रयासों के फलस्वरूप माना जाता है। पं. रूप चन्द जोशी ने फलकथन की प्राचीन विधा की खोज कर इसे पुनस्र्थापित किया। लालकिताब के महान ज्ञाताओं के द्वारा यह अनुभवसिद्ध है कि लाल किताब के द्वारा अनुशंसित उपाय अशुभ ग्रहों के अशुभत्व को समाप्त कर शुभ फलदायी परिणाम देते हैं। यही नहीं इसके अलावा हर कार्य के लिए भी सटीक एवं उपयुक्त उपायों की चर्चा लाल किताब में की गइ्र्र है जैसे विवाह, सन्तान इत्यादि। फ्यूचर समाचार के इस विशेषांक में अनेक विषयों पर विद्वान ज्योतिषियों के आलेख उद्धृत हैं। फ्यूचर समाचार के इस विशेषांक में समाविष्ट कुछ अति महत्वपूर्ण आलेख हैं: लाल किताब एक परिचय, लाल किताब के विशेष नियम, पितृ ऋण, मातृ ऋण आदि की व्याख्या एवं फलादेश, लाल किताब के उपायों के प्रकार, ऋण एवं उनके उपाय, लाल किताब उपाय- जन्मकुण्डली के बिना भी मददगार, दान, मकान एवं धर्म स्थल संबंधी नियम, घरों के अनुसार ग्रहों का प्रभाव आदि। दूसरे अन्य महत्वपूर्ण एवं प्रशंसनीय आलेखों में शामिल हैं- ईशा का नन्हा विभोर, दी फूल, पंच पक्षी इत्यादि।

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