अगर आपको बालों से संबंधित समस्याएं हैं तो आप क्या करें?

अगर आपको बालों से संबंधित समस्याएं हैं तो आप क्या करें?  

बालों की समस्या के ज्योतिषीय कारण क्या हैं? बालों का कारक ग्रह शुक्र व बुध होते हैं। बुध ग्रह के कमजोर व पीड़ित होने पर बालों की समस्या का सामना करना पड़ता है। शुक्र ग्रह कमजोर या पीड़ित होने पर बाल सुंदर व चमकदार नहीं होते व झड़ते हैं। अगर आपके बाल झड़ते हों तो क्या करें? पानी ज्यादा पीयें। सफेद वस्तुओं और सफेद कपड़ों का प्रयोग ज्यादा करने की कोशिश करें। तनाव कम रखें। तांबे की कटोरी में दही डालकर दो तीन दिन रखें। दही थोड़ी हरे रंग ले लेगी। फिर दही को सप्ताह में दो बार सिर पर लगायें। 15 से 20 मिनट बाद सिर धो लें। अगर आप गंजेपन से पीड़ित हैं तो क्या करें? अगर गंजापन आगे से पीछे की ओर बढ़ रहा है तो आपकी कुंडली में सूर्य व बुध कमजोर है या पीड़ित है। ऐसी स्थिति में आप सूर्य को रोज सुबह जल का अघ्र्य दें व ऊ आदित्य नमः का 108 बार उच्चारण करें। हरे धनिया को पीस कर लुग्दी बना लें व सिर पर कम से कम दो घंटे के लिए लगायें और सिर धो लें। सप्ताह में कम से कम दो बार ऐसी प्रक्रिया दोहरायें अवश्य आपको लाभ मिलेगा। अगर गंजापन सिर के मध्य भाग में हो रहा है तो इसका संबंध आपकी कुंडली में बृहस्पति ग्रह के अत्यधिक बली होने से है। ऐसी स्थिति में रोज सुबह सूर्य जल देते समय जल में थोड़ी हल्दी अवश्य डालें और ऊँ आदित्य नमः का 108 बार जप करें व गुरु स्थान पर धार्मिक किताबों का दान करें। अगर आपके बाल पतले व दो मुखी हैं तो ऐसी स्थिति में क्या करें? ऐसी समस्या तभी उत्पन्न होती है अगर आपकी जनमकुंडली में शुक्र व चंद्र ग्रह दोनों की स्थिति बहुत कमजोर व पीड़ित है। आप दही में नींबू का रस मिलाकर बालों में लगायें व 15 मिनट बाद बालों को सादे पानी से धो दें, खाने में खट्टी वस्तुओं का प्रयोग न करें आपको लाभ अवश्य मिलेगा। जल्दी लाभ के लिए दूध व दूध से बनी वस्तुओं का खाने में अधिक प्रयोग करें। अगर आपके बालों में रूसी है तो क्या करें? अगर आपकी कुंडली में बुध ग्रह कमजोर या पीड़ित है तो बालों मंे रूसी की समस्या बनेगी। ऐसी स्थिति में पानी में थोड़ा सा सिरका डालकर सिर की त्वचा व बालों पर हल्के हाथों से लगायें व कुछ देर बाद सादे पानी से धो दें। सप्ताह में कम से कम दो बार यह प्रक्रिया दोहरायें। साथ में बालों पर जैतून के तेल की मालिश करें व छोटी उंगली में तांबे का छल्ला बुधवार के दिन डालें आपको अवश्य लाभ होगा।


लाल किताब विशेषांक  सितम्बर 2015

लाल किताब ज्योतिषीय फलादेश की अन्यान्य पद्धतियों में से सर्वोत्तम एवं विश्वसनीय पद्धति है। भारत में लाल किताब का आगमन 1930 के दशक में एक भारतीय ब्रिटिश अधिकारी पं. रूप चन्द जोशी के प्रयासों के फलस्वरूप माना जाता है। पं. रूप चन्द जोशी ने फलकथन की प्राचीन विधा की खोज कर इसे पुनस्र्थापित किया। लालकिताब के महान ज्ञाताओं के द्वारा यह अनुभवसिद्ध है कि लाल किताब के द्वारा अनुशंसित उपाय अशुभ ग्रहों के अशुभत्व को समाप्त कर शुभ फलदायी परिणाम देते हैं। यही नहीं इसके अलावा हर कार्य के लिए भी सटीक एवं उपयुक्त उपायों की चर्चा लाल किताब में की गइ्र्र है जैसे विवाह, सन्तान इत्यादि। फ्यूचर समाचार के इस विशेषांक में अनेक विषयों पर विद्वान ज्योतिषियों के आलेख उद्धृत हैं। फ्यूचर समाचार के इस विशेषांक में समाविष्ट कुछ अति महत्वपूर्ण आलेख हैं: लाल किताब एक परिचय, लाल किताब के विशेष नियम, पितृ ऋण, मातृ ऋण आदि की व्याख्या एवं फलादेश, लाल किताब के उपायों के प्रकार, ऋण एवं उनके उपाय, लाल किताब उपाय- जन्मकुण्डली के बिना भी मददगार, दान, मकान एवं धर्म स्थल संबंधी नियम, घरों के अनुसार ग्रहों का प्रभाव आदि। दूसरे अन्य महत्वपूर्ण एवं प्रशंसनीय आलेखों में शामिल हैं- ईशा का नन्हा विभोर, दी फूल, पंच पक्षी इत्यादि।

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