आपकी त्वचा और उसकी देखभाल़

आपकी त्वचा और उसकी देखभाल़  

सदियों से मनुष्य ग्रहों और नक्षत्रों की सहायता से जीवन में होने वाली अच्छी-बुरी घटनाएं और उनके क्रम का अनुमान लगाते आए हैं। यानि जो लोग पूर्णतया ज्योतिष को मानने से कतराते हैं वे भी कहीं न कहीं आकाश या ब्रह्मांड में बनने वाली स्थितियों के प्रभाव को नहीं झुठला पाते और जब यह सिद्ध है कि यही स्थितियां कैरियर, लव लाईफ, जीवन में आने वाली कठिनाइयों, अच्छे अवसरों पर प्रभाव डालती हैं तो कहीं न कहीं इन तारों के समूह यानि राशियां हमारे जीवन के सभी पहलुओं को दर्शाती हैं। आज हम इनका प्रभाव स्त्री की संवेदनशील त्वचा पर जानेंगे। प्रायः सभी स्त्री अपनी त्वचा और उसके रख-रखाव को लेकर काफी चिंतित रहती हैं, कभी पैक लगाती हंै, तो कभी घरेलू नुस्खे, कोई एलोवेरा मलती हैं तो कोई पार्लर में फेशियल जरूर कराती हैं पर सभी की त्वचा अलग प्रकार की होती है और इसलिए किसी को ज्यादा ध्यान रखना पड़ता है तो किसी को बिना कुछ किए भी दमकता चेहरा कुदरती रूप से वरदान स्वरूप मिलता है। आइए जानते हैं विभिन्न राशियों की महिलाओं की त्वचा के विशेष लक्षण: मेष: आप महत्वाकांक्षी, दृढ़ और गरम मिजाज की स्त्री हैं और अग्नि तत्व लग्न/राशि होने के कारण आपकी त्वचा कुछ तैलीय होती है और आपकी त्वचा को गर्मी ज्यादा बर्दाश्त नहीं होती। बहुत जल्दी खरोंच, लाल चकत्ते पड़ जाते हैं। अधिक पसीना आने के कारण त्वचा पर पिम्पल इत्यादि भी अधिक निकलते हैं। आपको अपने चेहरे को ठंडा रखने की कोशिश करनी चाहिए जैसे एलोवेरा मल सकती हैं, आइस मसाज ले सकती हैं। खीरे के स्लाइस या जूस भी इस्तेमाल करना चाहिए। गर्मी और बारिश के मौसम में फेशियल टोनर जरूर इस्तेमाल करें। वृष: आपकी लग्न/राशि पृथ्वी तत्व है और स्वभाव से आप धैर्यपूर्ण, थोड़ी जिद्दी होती हैं और आपको जीवन में बदलाव बहुत कम पसंद होते हैं। आपकी त्वचा कुछ सुखी और नाजुक प्रवृत्ति की होती है जिसकी वजह से आप इरिटेशन और खुजली भी महसूस करती हैं। इसके लिए आपको एलोवेरा इस्तेमाल करना चाहिए और हमेशा अच्छी गुणवत्ता की क्रीम से चेहरे को माॅइश्चराइज्ड रखना चाहिए ताकि वह फटे नहीं। मिथुन: आपकी लग्न/राशि वायु तत्व है। आप जिज्ञासु स्वभाव की महिला हैं और निर्णय लेने में काफी वक्त लगाती हैं। आपको बदलाव बेहद पसंद होते हैं जिसके कारण बहुत बार योजना बनाकर आप उस पर नहीं टिक पातीं। आपको सांस संबंधी एलर्जी की संभावना ज्यादा होती है। आपकी त्वचा थोड़ी रूखी होती है और बिना देखभाल के फटने लगती है। इसलिए आपको अपनी आदत से हटकर नए-नए ब्यूटी उत्पाद नहीं इस्तेमाल करने चाहिए और एक ही ब्यूटी रेजीम को टिक कर फाॅलो करना चाहिए। आपको गुलाब जल का इस्तेमाल अधिक करना चाहिए। कर्क: आप जल तत्व लग्न/राशि वाली महिला हैं। आपका स्वभाव संवेदनशील, भावुक और हर तरह से तीव्र होता है। आपका अंडर आई एरिया काफी सेन्सिटीव होता है और ज्यादा सोचने या देर तक काम करने के कारण कुछ सूजा सा प्रतीत होता है इसलिए आपको खीरे का स्लाइस या ठंडे पानी में टी बैग डिप करके आंखों को ठंडक प्रदान करनी चाहिए और सन एक्सपोजर से पहले हमेशा अपनी मुलायम त्वचा पर सनस्क्रीन अप्लाई करनी चाहिए। सिंह: अग्नि तत्व लग्न/राशि होने के कारण आपका व्यक्तित्व प्रभावशाली होता है और त्वचा सामान्य से तैलीय की तरफ होती है। हमेशा आकर्षण का केंद्र बने रहने के लिए आप अपने लुक्स और त्वचा का खास ख्याल रखती हैं। रेगुलर केयर करती हैं और ग्लो पैक्स भी खूब इस्तेमाल करती हैं। आपको भी त्वचा को कूल करना चाहिए। गुलाब जल का प्रयोग आपके लिए काफी लाभकारी है। कन्या: आप व्यावहारिकता और बुद्धिमत्ता से परिपूर्ण स्त्री हैं। आपकी त्वचा कुछ रूखी होती है इसलिए आपको अधिक से अधिक इसकी नर्मी बनाये रखने के लिए खूब क्रीम लगाना चाहिए। आपको रेगुलर फेस मसाज भी लेनी चाहिए ताकि लंबे समय में रिंकल्स जल्दी न पड़े। गुलाब और चंदन के तेलों का प्रयोग अच्छा है। आपके लग्न/राशि के लिए फेशियल स्टीम्स भी लाभदायक है। तुला: शुक्र की लग्न/राशि होने के कारण कुदरती अच्छी त्वचा का तोहफा आपको मिला होता है और अच्छे से अच्छे ब्यूटी प्रोडक्ट्स और रेगुलर पार्लर विजिट्स से आप इसे खूब मेंटेंन भी करती हैं। आप जो पदार्थ इस्तेमाल करती हैं उसकी खूशबू और ब्रांड आपके लिए काफी महत्वपूर्ण होती है। वृश्चिक: जल तत्व लग्न/राशि और मंगल की प्रधानता होने के कारण आपको अधिक से अधिक जल का सेवन करना चाहिए। आपकी त्वचा भी थोड़ी ड्राय से नाॅर्मल होती है परंतु गर्मियों में टी-जोन पर पिम्पल या ब्लैक हेड्स होने की शिकायत रहती है जिसके लिए आपको खास ख्याल रखना चाहिए। आप करीबी लोगों की सलाह से ब्यूटी प्रोडक्ट का चुनाव करती हैं। धनु: आपकी लग्न/राशि अग्नि तत्व है और इसका स्वामी गुरु है। त्वचा की बात करें तो आप हमेशा पिम्पल्स और दानों से परेशान रहती हैं क्योंकि आपकी त्वचा तैलीय होती है। इसे ठंडा रखने के लिए आपको चंदन और मुल्तानी मिट्टी के पैक चेहरे पर लगाने चाहिए और रेगुलर चेहरे को अच्छे फेस वाश से धोना चाहिए। आपको अच्छी कंपनी का टोनर भी अवश्य इस्तेमाल करना चाहिए। मकर: शनि का लग्न/राशि होने के कारण आपकी स्किन थोड़ी हार्ड और रफ होती है। अत्यधिक काम में व्यस्त रहने के कारण आप त्वचा का खास ख्याल नहीं रखतीं जबकि आपको इसकी केयर के लिए वक्त निकालना चाहिए। त्वचा को स्ट्रेसआउट रखना चाहिए क्योंकि आपकी त्वचा कुछ थकी-थकी प्रतीत होती है। आपको नींबू के रस, अनार का प्रयोग करना चाहिए और त्वचा पर फ्लावर एक्सट्रैक्ट वाले प्रोडक्ट इस्तेमाल करने चाहिए। अच्छी खूशबू आपके मन और त्वचा दोनों को तरोताजा रखेगी। कुंभ: आपकी लग्न/राशि वायु तत्व है और आपकी त्वचा काफी मुलायम होती है जिसे रेगुलर केयर की आवश्यकता होती है। आपको सुबह उठते ही ठंडे पानी से 2-3 बार चेहरे को धोना चाहिए और कोई लाइट क्रीम लगाना चाहिए। आपको पार्लर वगैरह जाना ज्यादा पसंद नहीं होता इसलिए आपको रोज त्वचा का ख्याल रखना चाहिए। आपके लिए बादाम युक्त प्रोडक्ट अच्छे हैं। मीन: आपकी जल तत्व लग्न/राशि है और त्वचा गुरु प्रधान होने के कारण अधिकतम तैलीय होती है और त्वचा के छिद्र भी खुले होते हैं। आपको काफी पिम्पल्स की शिकायत रहती है। सेन्सिटिव त्वचा होने के कारण आपको अच्छे डाॅक्टर की सहायता लेनी चाहिए। आपको अधिक से अधिक पानी का सेवन करना चाहिए। बाजार में मिलने वाले ब्यूटी प्राॅडक्ट से बेहतर आप घर की किचेन में प्रयोग होने वाली चीजों का प्रयोग करना पसंद करती हैं जैसे दही-बेसन, नीम की पत्ती का झाला इत्यादि। आप चेहरे को खूबसूरत रखने के लिए कड़वी चीजें पीने से भी नहीं कतरातीं।


लाल किताब विशेषांक  सितम्बर 2015

लाल किताब ज्योतिषीय फलादेश की अन्यान्य पद्धतियों में से सर्वोत्तम एवं विश्वसनीय पद्धति है। भारत में लाल किताब का आगमन 1930 के दशक में एक भारतीय ब्रिटिश अधिकारी पं. रूप चन्द जोशी के प्रयासों के फलस्वरूप माना जाता है। पं. रूप चन्द जोशी ने फलकथन की प्राचीन विधा की खोज कर इसे पुनस्र्थापित किया। लालकिताब के महान ज्ञाताओं के द्वारा यह अनुभवसिद्ध है कि लाल किताब के द्वारा अनुशंसित उपाय अशुभ ग्रहों के अशुभत्व को समाप्त कर शुभ फलदायी परिणाम देते हैं। यही नहीं इसके अलावा हर कार्य के लिए भी सटीक एवं उपयुक्त उपायों की चर्चा लाल किताब में की गइ्र्र है जैसे विवाह, सन्तान इत्यादि। फ्यूचर समाचार के इस विशेषांक में अनेक विषयों पर विद्वान ज्योतिषियों के आलेख उद्धृत हैं। फ्यूचर समाचार के इस विशेषांक में समाविष्ट कुछ अति महत्वपूर्ण आलेख हैं: लाल किताब एक परिचय, लाल किताब के विशेष नियम, पितृ ऋण, मातृ ऋण आदि की व्याख्या एवं फलादेश, लाल किताब के उपायों के प्रकार, ऋण एवं उनके उपाय, लाल किताब उपाय- जन्मकुण्डली के बिना भी मददगार, दान, मकान एवं धर्म स्थल संबंधी नियम, घरों के अनुसार ग्रहों का प्रभाव आदि। दूसरे अन्य महत्वपूर्ण एवं प्रशंसनीय आलेखों में शामिल हैं- ईशा का नन्हा विभोर, दी फूल, पंच पक्षी इत्यादि।

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