बाधा निवारण हेतु टोटके

बाधा निवारण हेतु टोटके  

बाधा निवारण हेतु टोटके डाॅ. उर्वशी बंधु कई बार घरेलू उपाय इतने प्रभावशाली होते हैं कि रुके हुए कार्य तुरंत बनने लग जाते हैं। यहां बाधा निवारण एवं कार्य सिद्धि के महत्वपूर्ण टोटके दिए जा रहे हैं... विवाह विलंब जिन्हें मंगल दोष हो या मंगल के कारण जिनके विवाह में विलंब हो रहा हो या दाम्पत्य सुख में कमी हो तो शुक्ल पक्ष के मंगलवार से यह टोटका शुरू करें। हनुमान जी को नौ मंगलवार सिंदूर चढ़ाएं, ध्यान रखें कोई आपको टोके नहीं। बिना बोले चुपचाप घर लौट आएं। ऐसा करने से रुका हुआ कार्य बनता है। इसमें आस्था आवश्यक है। यदि विवाह में देरी हो रही हो या कोई और बाधा आ रही हो, तो अनार का वृक्ष शुक्ल पक्ष के शुक्रवार को लगाएं व उसकी सेवा करें, जल अर्पण करें। अनार स्वयं न खायें। ध्यान रहे, वृक्ष लगाते वक्त कोई आपको टोके नहीं, अगर टोके आप उत्तर न दें व टोक को प्रभावहीन करने के लिए। मन में श्री राम श्री राम, ग्यारह बार बोलें। मनपसंद नौकरी प्रतिभा होने के बावजूद यदि मनपसंद नौकरी नहीं मिल रही हो, तो शुक्ल पक्ष के शनिवार से शुरू कर हर शनिवार कच्चे दूध में थोड़ा गुड़ मिलाकर जामुन के पेड़ की जड़ में चढ़ाएं। दूध चढ़ाने जाते समय से वापस आते तक किसी से बात न करें। मंगलवार को सूर्यास्त के बाद अंधों, कोढ़ियों, अपंगों को हलवा बांटें। शीघ्र ही लाभ अनुभव होगा। नया घर कई बार नया घर खरीदने में बहुत अवरोध व दिक्कतें आती हैं ऐसे में हर शनिवार एक कटोरी सरसों का तेल किसी भी मंदिर में रख दें। मुड़कर पीछे न देखें। किसी फकीर या साधु से ताबीज न लें। फिर बना बनाया फ्लैट लें, जमीन लेकर मकान बनाना लाभदायक नहीं होगा। उच्च रक्तचाप यदि उच्च रक्तचाप की शिकायत हो, तो शुक्ल पक्ष के मंगलवार को हनुमान जी को चोला, सिंदूर व अनार चढ़ाएं। चढ़ा कर बिना किसी से बात किए, हनुमान जी के बीज मंत्र का मन ही मन जप करते हुए घर आएं। बिल्ली रास्ता काट जाए बिल्ली रास्ता काट जाए, थोड़ी देर रुक जाएं, घर नजदीक हो तो वापस जाएं, जल पीएं व 21 बार श्री रामाय नमः बोलते हुए वापस कार्य के लिए जाएं, कार्य सफल होगा। कार्य सिद्धि किसी आवश्यक कार्य में रुकावट हो, मन में संशय हो कि कार्य बनेगा या नहीं, तो सफेद कागज के एक टुकड़े पर लाल स्याही से त्रिभुज बनाएं, उसमें श्री लिखें और उसे लपेट कर मस्तक से लगा कर जेब में रख कर ले जाएं। कार्य सिद्ध हो जाने पर मंदिर में किसी भी मूर्ति के समक्ष चुपचाप रखकर बगैर किसी से बोले घर आ जाएं । बाधा निवारण यदि अचानक लाभ की स्थितियां बन रही हों, पर बाधाएं आ रही हों तो आक की रूई की बत्ती और तिल के तेल का दीपक शनिवार को संध्या के समय किसी तिराहे पर बिना बोले, टोके रख आएं। शनैश्चरी अमावस्या हो तो और भी अच्छा, अप्रत्याशित लाभ मिलेगा। शुक्ल पक्ष में या होली के दिन सफेद कनेर घर में लगाएं, विघ्न बाधाएं दूर होंगी, आर्थिक पक्ष मजबूत होगा। व्यथा निवारण कभी बेहद परेशान हों, समस्याओं ने घेर रखा हो, किसी से कहने से बेहतर है कि आप तुलसी के पौधे से एकांत में अपनी व्यथा सुना दें। ध्यान रहे, कोई टोके नहीं। मन हल्का हो जाएगा और भगवत कृपा से समाधान हो।



चार धाम विशेषांक   अप्रैल 2007

चार धाम विशेषांक के एक अंक में संपूर्ण भारत दर्शन किया जा सकता है.? क्यों प्रसिद्द हैं चारधाम? चारधाम की यात्रा क्यों करनी चाहिए? शक्तिपीठों की शक्ति का रहस्य, शिव धाम एवं द्वादश ज्योतिर्लिंग, राम, कृष्ण, तिरुपति, बालाजी, ज्वालाजी, वैष्णों देवी आदि स्थलों की महिमा

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