brihat_report No Thanks Get this offer
fututrepoint
futurepoint_offer Get Offer
मोक्षदायिनी सप्त पुरियां

मोक्षदायिनी सप्त पुरियां  

मोक्षदायिनी सप्त पुरियां सप्त पुरियां भगवान के विभिन्न अवतारों के लिए प्रसिद्ध हैं। यहां की भूमि इतनी पावन मानी जाती है कि यहां जाने मात्र से समस्त पाप कट जाते हैं और मृत्योपरांत मोक्ष की प्राप्ति होती है... काशी इसका नाम बनारस या वाराणसी भी है। उत्तर रेलवे की मुगल सराय से अमृतसर तथा देहरादून जाने वाली मुख्य लाइन के मुगल सराय स्टेशन से 7 मील पर काशी और उससे 4 मील आगे बनारस छावनी स्टेशन है। इलाहाबाद के प्रयोग स्टेशन से भी जंघई होकर एक सीधी लाइन काशी होती हुई बनारस-छावनी तक जाती है। पूर्वोत्तर रेलवे की एक लाइन भटनी से तथा दूसरी छपरा से इलाहाबाद सिटी तक जाती है। उनसे भी बनारस सिटी होते हुए बनारस छावनी जा सकते हैं। गंगा किनारे यह भगवान शंकर की प्रसिद्ध पुरी है। कंची दक्षिण रेलवे मद्रास से धनुष्कोटि जाने वाली मुख्य लाइन के मद्रास स्टेशन से 35 मील पर चेंगलपट स्टेशन है। वहां से एक लाइन अरकोनम् तक जाती है। इस लाइन पर कांजीवरम् स्टेशन है। स्टेशन का नाम कांजीवरम् है, किंतु नगर का नाम कांचीपुरम् है। प्राचीन काल में पितामह ब्रह्मा जी ने यहां मां भगवती के दर्शन के लिए दुष्कर तपस्या की थी। महालक्ष्मी हाथ में कमल धारण किये उनके सामने प्रकट हुईं। अयोध्यापुरी उत्तर रेलवे की मुगल सराय-लखनऊ लाइन के मुगल सराय स्टेशन से 128 मील पर अयोध्या स्टेशन है। भगवान श्रीराम की यह पवित्र अवतार भूमि सरयू तट पर है। उज्जैन मध्य रेलवे की मुंबई-भोपाल दिल्ली लाइन के भोपाल स्टेशन से एक लाइन उज्जैन जाती है। पश्चिम रेलवे की मुंबई-कोटा-दिल्ली लाइन पर नागदा स्टेशन से एक बड़ी लाइन भी उज्जैन तक गई है। पश्चिम रेलवे की एक छोटी लाइन भी अजमेर से खंडवा तक जाती है। उक्त लाइन के महू स्टेशन से भी एक लाइन उज्जैन को गई है। शिप्रा नदी के तट पर बसी महाकाल की यह नगरी पतित पावनी है। कहते हैं महाकाल को नमस्कार कर लेने पर फिर मृत्यु की चिंता नहीं रहती। कीट या पतंग भी यहां मरने पर भगवान शिव के अनुचर होते हंै। द्वारकापुरी यह चार धामों में एक धाम भी है। पश्चिम रेलवे की सुरेंद्रनगर-ओखा पोर्ट लाइन पर यह नगर समुद्र किनारे का स्टेशन है। भगवान कृष्ण ने इसे समुद्र के बीच में विशेष रूप से बसाया था। मथुरापुरी पूर्वोत्तर रेलवे की आगरा फो. र्ट से गोरखपुर जाने वाली लाइन तथा पश्चिम रेलवे की मुंबई-कोटा-दिल्ली लाइन पर मथुरा स्टेशन है। यमुना तट पर भगवान श्री कृष्ण चंद्र की अवतार भूमि का यह पवित्र नगर स्थित है।


चार धाम विशेषांक   अप्रैल 2007

चार धाम विशेषांक के एक अंक में संपूर्ण भारत दर्शन किया जा सकता है.? क्यों प्रसिद्द हैं चारधाम? चारधाम की यात्रा क्यों करनी चाहिए? शक्तिपीठों की शक्ति का रहस्य, शिव धाम एवं द्वादश ज्योतिर्लिंग, राम, कृष्ण, तिरुपति, बालाजी, ज्वालाजी, वैष्णों देवी आदि स्थलों की महिमा

सब्सक्राइब

.