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स्तन कैंसर महिलाओं को होने वाला एक भयंकर रोग

फ़रवरी 2011

व्यूस: 23685

महिलाओं में पाए जाने वाले सबसे खतरनाक रोग स्तन कैंसर के बारे में पूर्व जानकारी इस रोग के प्रारंभिक अवस्था में ही कैसे प्राप्त की जा सकती है और रोगी को कालग्रसित होने से आसानी से बचाया जा सकता है। आइए, जानें इस बारे में विभिन्न लग्... और पढ़ें

ज्योतिषस्वास्थ्यज्योतिषीय विश्लेषणज्योतिषीय योगचिकित्सा ज्योतिषहस्तरेखा सिद्धान्तराशि

ज्योतिष की नज़र में मानसून विचार

जुलाई 2005

व्यूस: 23684

ज्योतिष शास्त्र को तीन प्रमुख भागों में बांटा गया है: 1. गणित (सिद्धांत) 2. जातक (होरा) 3. संहिता । त्रिस्कंध ज्योतिष शास्त्र चतुर्लक्षमृदाहवम। गण जातकं विप्र संहिता स्कन्धा संक्षितम।। गणित में लग्नादि, वर्गादि, भाव स्पष्ट... और पढ़ें

ज्योतिषमेदनीय ज्योतिषभविष्यवाणी तकनीक

विवाह के समय ध्यान रखने योग्य बातें

अकतूबर 2013

व्यूस: 23678

हिंदू धर्म शास्त्रों में हमारे सोलह संस्कार बताए गए हैं। इन संस्कारों में काफी महत्वपूर्ण विवाह संस्कार है। शादी को व्यक्ति का दूसरा जन्म भी माना जाता है क्योंकि इसके बाद वर-वधू सहित दोनों के परिवारों का जीवन पूरी तरह बदल जाता है।... और पढ़ें

ज्योतिषज्योतिषीय योगकुंडली व्याख्याघरविवाहग्रहभविष्यवाणी तकनीक

दाम्पत्य जीवन सुखी बनाने के उपाय

मार्च 2014

व्यूस: 22678

विवाह के बाद पति-पत्नी का दांपत्य जीवन प्रारंभ होता है जो दीर्घकाल तक चलता रहता है परंतु कभी-कभी ऐसा होता है कि कुंडली मिलान ठीक न होने या स्वभाव में भिन्नता, संतान का न होना, संतान का बिगड़ जाना, शारीरिक अक्षमता आदि के कारण दांपत्... और पढ़ें

ज्योतिषज्योतिषीय योगविवाह

लग्नानुसार विदेश यात्रा के प्रमुख योग

अप्रैल 2013

व्यूस: 22369

जन्मकुंडली के द्वादश भावों में से प्रमुखता, अष्टम भाव, नवम, सप्तम, बारहवां भाव विदेश यात्रा से सम्बंधित है। तृतीय भाव से भी लघु यात्राओं की जानकारी ली जाती है।... और पढ़ें

ज्योतिषप्रसिद्ध लोगज्योतिषीय योगभविष्यवाणी तकनीकराशि

राशि -ग्रह-नक्षत्र के अनुसार रुद्राक्ष धारण

मई 2010

व्यूस: 22296

वर्तमान समय में शुद्ध एवं दोषमुक्त रत्न बहुत कीमती हो चले हैं, जिससे वे जनसाधारण की पहुंच से बाहर है। अतः विकल्प के रूप में रूद्राक्ष धारण एक सरल एवं सस्ता उपाय है। ग्रह राशि नक्षत्र के अनुसार रूद्राक्ष धारण का संक्षिप्त विवरण यहा... और पढ़ें

ज्योतिषअंक ज्योतिषउपायनक्षत्रव्यवसायरूद्राक्षराशि

वृक्षों का ज्योतिषीय महत्व

अप्रैल 2012

व्यूस: 21995

फल और फूल तो सभी के उपयोग में आते ही हैं, पर इनकी छाल, तना, जड़ तक उपयोग में आते हैं, जहां तक कि इनको श्रद्धापूर्वक नमन करने मात्र से जीवन की विभिन्न कठिनाईयां सुगमता से दूर हो जाती है, और विधि विधान से पूजा करने पर तो मनोकामनाएं भ... और पढ़ें

ज्योतिषउपाय

यश, धन और पद की स्थिति कैसे जानें

अप्रैल 2007

व्यूस: 21965

भारतीय धर्म और संस्कृति में मनुष्य के चार पुरुषार्थों - धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष में से जीवन में अर्थ प्राप्त करना एक अनिवार्य पुरुषार्थ है, जिसके लिए हमारे पौराणिक ग्रंथों में अपनी योग्यता व क्षमता के अनुरूप निष्काम भाव से कर्म क... और पढ़ें

ज्योतिषप्रसिद्ध लोगज्योतिषीय योगदशायशभविष्यवाणी तकनीकसंपत्ति

नक्षत्र, राशियां और ग्रह

फ़रवरी 2013

व्यूस: 21821

गगन मंडल में ग्रहों की स्थिति का पता करने के लिए देवताओं ने वृताकार आकाश या भचक्र के ३६० अंशों को १२ समान खण्डों में बांटा। तीस अंश के ये भाग राशि कहलाये। जिस भाग का जैसा स्वरूप दिखाई देता है उसी के आधार पर राशियों का नामकरण किया ... और पढ़ें

ज्योतिषनक्षत्रग्रहराशि

भाग्य, पुरुषार्थ और कर्म

अप्रैल 2013

व्यूस: 21670

जीवन में पुरुषार्थ और भाग्य दोनों का ही अलग अलग महत्व है। ये ठीक है की पुरुषार्थ की भूमिका भाग्य से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है। लेकिन इससे भाग्य का महत्व किसी भी तरह से कम नहीं हो जाता।... और पढ़ें

ज्योतिषअध्यात्म, धर्म आदि

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