जीवन में विशेष प्रभावशाली हैं नक्षत्र चिह्न

जीवन में विशेष प्रभावशाली हैं नक्षत्र चिह्न  

जातक के हाथ में नक्षत्र की स्थिति अत्यंत महत्वपूर्ण मानी गयी है, जो जीवन में अत्यंत प्रभावशाली होती हैं। व्यक्ति की जीवन धारा बदलने में नक्षत्र चिह्न अहम भूमिका निभाते हैं। गुरु क्षेत्र पर नक्षत्र चिह्न: जब जातक के हाथ मे गुरु क्षेत्र पर नक्षत्र का चिह्न होता है, तो उसके दो अर्थ निकलते हैं। जब नक्षत्र चिह्न गुरु पर्वत के उच्च स्थान में होता है, तो उस व्यक्ति को उच्च पद प्राप्त होता है। ऐसे जातक उच्च पदों पर कार्यरत देखे जा सकते हैं। तर्जनी के मूल अथवा मध्य स्थान से हटा नक्षत्र चिह्न व्यक्ति को महत्वाकांक्षी बनाता है। शनि क्षेत्र पर नक्षत्र चिह्न: जिन जातकों के हाथों में शनि पर्वत पर नक्षत्र का चिह्न होता है, उनका जीवन आश्चर्यों से श्रा होता है तथा क्रूर कार्यों द्वारा वे इतिहास बनाते हैं तथा इनका अंत अत्यंत दुखद होता है। सूर्य क्षेत्र पर नक्षत्र चिह्न: जिन जातकों के हाथांे में सूर्य पर्वत पर नक्षत्र का चिह्न पाया जाता हैं, वे अंसतोषी स्वभाव के होते हैं तथा जीवन के अंतिम चरण में उन्हें धन तथा वैश्व की प्राप्ति होती है और इनका स्वास्थ्य खराब रहता हैं। बुध क्षेत्र पर नक्षत्र चिह्न: जिन जातकों के हाथों में बुध पर्वत पर नक्षत्र का चिह्न पाया जाता है, वे प्रवक्ता तथा विज्ञान के क्षेत्र में शोधकर्ता होते हैं। बुध क्षेत्र में नक्षत्र चिह्न वाले लोग व्यापार में अपार सफलता प्राप्त करते श्ी देखे जाते हैं। बुध पर्वत पर नक्षत्र चिह्न विशेष सफलता देता है तथा जातक को अपने जीवन में धन-वैश्व का अपार सुख शेगते देखा गया है। मंगल क्षेत्र पर नक्षत्र चिह्न: जिन जातकों के नीचे वाले मंगल क्षेत्र पर नक्षत्र चिह्न होता है, वे अपने परिश्रम तथा साहस के बल पर स्थान बनाते हैं। अगर ऊपर मंगल पर नक्षत्र का चिह्न होता है, तो ऐसे जातक असाधारण योद्धा होते हैं तथा युद्ध क्षेत्र में विशेष शौर्य का प्रदर्शन करते हैं। वे राष्ट्रीय स्तर पर वीर चक्र आदि प्राप्त करते हैं तथा अपना इतिहास बनाने में समर्थ होते हैं। चंद्र क्षेत्र पर नक्षत्र चिह्न: जिस जातक के चंद्र क्षेत्र पर नक्षत्र चिह्न पाया जाता है, वह कल्पनाशील तथा शवुक होता है। ऐसे नक्षत्र चिह्न वाले जातक कलाकार तथा कवि और लेखक होतेे हैं। सफल कलाकारांे के हाथांे पर चंद्र स्थान में नक्षत्र चिह्न सुगमता से देखने को मिलता है। नीचस्थ चंद्र स्थान पर नक्षत्र चिह्न होने पर जातक पागल अथवा जल आदि में डूब कर आत्महत्या करता है। शुक्र क्षेत्र में नक्षत्र चिह्न: जिन जातको के हाथों पर शुक्र क्षेत्र में नक्षत्र का चिह्न पाया जाता है, वे विशेष पे्रमी होते हैं तथा पे्रम विवाह में सफल होते हैं। उन्हें समय पर धन-वैश्व शग्य से प्राप्त होता है। अगर स्त्री तथा पुरुष दोनांे के हाथों मेे नक्षत्र चिह्न होता है, तो उनमे आपस में विशेष पे्रम होता हैं तथा वे सुखी और संपन्न होते हैं। अगर शुक्र क्षेत्र निर्बल होता है, तो ऐसा जातक चरित्रहीन होता है। शुक्र क्षेत्र का नक्षत्र बलवान स्थिति में शुश्सूचक ही माना गया है।


हस्त रेखाएं और ज्योतिष  अप्रैल 2011

जो ज्योतिष में है वही हाथ की रेखाओं में है दोनों एक दूसरे के पूरक है। हाथ की विभिन्न रेखाएं क्या फलित कथन करती है इसकी जानकारी इस विशेषांक में दी गई है।

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