पैरों से भविष्य निर्धारण

पैरों से भविष्य निर्धारण  

पैरों से भविष्य निर्धारण डॉ. महेश मोहन झा पैरों से भविष्य ज्ञान को सामुद्रिक शास्त्र का ही एक हिस्सा मानना चाहिए। शरीर से भविष्य कथन की पद्धति में सभी अंग अपनी-अपनी भूमिका निभाते हैं। पैर भी हमारी कुछ आदतों और जीवनशैली को व्यक्त करते हैं तथा भविष्य को प्रकाशित करते हैं। आपने देखा होगा कि जो व्यक्ति आलसी होते हैं, उनके पैर गंदे रहते हैं। उपर्युक्त दोष रखने वाले लोग कुएं के मेढ़क होते हैं। इनका जीवन एक धुरी पर चक्कर लगाता है। इतनी योग्यता इनमें नहीं होती है कि ये अपने जीवन स्तर को सुधार लें। संभव है कि ये लागे अपनी जीवनशैली या व्यवसाय में परिवर्तन बहुत विलंब से करते हैं या संभव है कि नहीं भी करते हों। इस सबके बावजूद जिस किसी कार्य विशेष में ये संलग्न रहते हैं, उसे व्यवस्थित रूप से चलाने की क्षमता इनमें होती है। हालांकि प्राचीन गं्रथों में पैरों की अगुंलियों के सदंर्भ में ज्यादा कुछ नहीं लिखा गया है, लेकिन जो कुछ भी ज्ञान प्राप्त होता है, वह महत्वपूर्ण है। पैरों की अंगुलियों के आकलन से पूर्व हमें व्यक्ति की लाइफ स्टाइल पर ध्यान देना चाहिए। जो लोग प्रतिदिन जूते पहनते है,ं उनके परैों की अगुलियों को प्रातःकाल दखोना चाहिए। तब वे अपनी प्राकृतिक स्थिति में होती है। अन्यथा हम व्यक्ति के गण्ुा-दाषे का ठीक-ठीक अनुमान नहीं लगा पायेंगे। जब पैरों की अंगुलियां विरल और छितरी हुई हों, तो ये व्यक्ति को शारीरिक स्थिति की दुर्बलता और आर्थिक परशोनियों की तरफ ले जा सकती हैं पैरों की अंगुलियों की विरलता के अधिकतम नकारात्मक पहलू आय से अधिक खर्च करने से जुड़े हैं। संभवतः यही कारण है कि ऐसे व्यक्ति आर्थिक परेशानियां झेलते हैं। इनकी आय के स्राते एक से अधिक हो सकते हैं लेकिन इनकी अतिव्ययता के कारण ये कभी बैंक बैलेंस नहीं रख पाते हैं। अत्यंत कमजोर लोगों की अंगुलियां भी छितरी हुई पाई जाती है। सुंदर, आगे से गोलाकार और तनिक लंबा अंगूठा शुभ होता है। पैर का अंगूठा हमेशा तर्जनी अंगुली के बराबर या उससे कुछ छोटा होना चाहिए। तर्जनी अंगुली से बेतहाशा बड़ा अंगूठा निरर्थक अभिमान को दर्शाता है। अंगूठा पर्याप्त उठा हुआ होना चाहिए। चपटा अंगूठा परिश्रम करवाता है। तर्जनी अंगुली का अत्यधिक लंबा होना पिता के सुख में बाधा उत्पन्न करता है। तलवे के मध्य से एक रेखा अंगूठे या पैर की तर्जनी अंगुली तक जाए तो जातक वाहनों से युक्त और धनवान होता है। अनुभव में भी यह योग सिद्ध होता है। गोल मांसयुक्त एड़ी श्रेष्ठ होती हैं। जिन लोगों की एड़ियां फटी हुई हों वे स्वास्थ्य के प्रति लापरवाह होते हैं इनको आयु के उत्तरार्द्ध में आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। जिन लोगों की एड़ियां चपटी हों, वे परिश्रमी होते हैं। इनके परिवार का महत्वपूर्ण सदस्य घर छोड़ देता है या अकाल मृत्यु को प्राप्त होता है। खुरदरी एड़ियों वाला व्यक्ति स्वार्थी होता है। सफेद या पीले रंग की एड़ी किसी रोग विशेष को दर्शाती है। पांव के ऊपरी हिस्से का चपटा होना कमर और घुटनों में दर्द पैदा करता है। पांव के ऊपरी भाग पर नसों का दिखाई दनो समय से पूर्व वृद्धावस्था को लाता है। जब पांव का पृष्ठ भाग ढलावदार और मत्स्याकार हो तथा सदुंर तरीके से अंगुलियों से संलग्न हो, तो जातक कम परिश्रम से अधिक प्राप्तियां करता है। तलवे की स्पष्ट छाप होना अच्छा संकेत है। धुंधली छाप स्थायित्व में बाधा उत्पन्न करती हैं। जिन स्त्रियों के तलवे पसीने से रहित, कोमल और मांसल हो वे शुभ होते हैं। अंगूठे का अग्र भाग गोलाकार होना चाहिए, लेकिन इसका गदें की तरह गोल होना अशुभ होता है। पैर में तर्जनी सर्वाधिक बड़ी अंगुली ह,ै अतः वह बडप़्पन की तरफ इशारा करती है। लेकिन ऐसा तभी संभव है, जबकि तर्जनी अंगुली अपनी प्राकृतिक लंबाई को भी नकारते हुए लंबी हो जाए। ऐसे जातक परिवार में एक विशेष अधिकारपूर्ण ओहदे को प्राप्त करते हैं। यदि वे आयु में दूसरे पारिवारिक सदस्यों से छोटे हा,ें तो भी इनके निर्णय आरै सलाहों को ज्यादा महत्व दिया जाता है। ऐसे जातक जिद्दी या बद्दिमाग भी हो सकते हैं। इनमें सहनशक्ति का अभाव होता है। ये अपनी बात को ज्यादा महत्व देते हैं। संभव है कि उस पर अड़े रहें। उन्हें कभी भी अपनी गलती का अहसास नहीं होगा। ये सामाजिक वर्जनाओं को तोड़ने में विश्वास रखते हैं। जिन स्त्रियों या पुरुषों के टखनों की त्वचा सखत हो, वे सभी परिश्रम से जीविकोपार्जन करते हैं। टखनों का बिल्कुल भी दिखाई न देना समय से पूर्व नपुंसकता का संकेत है।


हस्त रेखाएं और ज्योतिष  अप्रैल 2011

जो ज्योतिष में है वही हाथ की रेखाओं में है दोनों एक दूसरे के पूरक है। हाथ की विभिन्न रेखाएं क्या फलित कथन करती है इसकी जानकारी इस विशेषांक में दी गई है।

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