लाल किताब के टोटके

लाल किताब के टोटके  

रवि के टोटके - निर्धन बच्चों की सहायता करें। सच्चरित्र बनें। मां और दादी से आशीर्वाद प्राप्त करें। अंधांे को भोजन और भिक्षा दें। - गंगा जल एवं चांदी घर में रखें/ मंदिर में दान करें। छोटे लाल मुंह वाले बंदरों को गुड़ और चने खिलाएं। - आग को दूध से बुझाएं। भूमि में चांदी का चैकोर टुकड़ा दबाएं। ब्राह्मण या काली गाय की सेवा करें। पानी के घूंट पीकर कार्य करें। - गुड़ खाकर, पानी पीकर कार्य प्रारंभ करें। काली/लाल गाय की सेवा करें। गुड़ एवं गेहूं मंदिर में चढ़ाएं। दक्षिण मुखी घर न बनाएं। चंद्र के टोटके - जलाशय में पैसा डालें। सोमवार को सफेद कपड़े में मिश्री बांधकर पानी में बहाएं। चांदी में मोती पहनें। शय्या के चारों कोनों में तांबे की कीलें लगवाएं। - श्मशान/अस्पताल में प्याऊ लगवाएं। खरगोश पालें। माता-पिता की सेवा करें। दूध और चावल का दान कभी न करें। - मरीजों को मुफ्त दवा दें। कुएं की मरम्मत कराएं। फकीर को तांबे का पात्र या पैसा और भैरों मंदिर में दूध दान करें। - सेवक की धन से सहायता करें। पानी का घूंट पीकर कार्य प्रारंभ करें। छत के नीचे कुआं या नलकूप न रखें। मंगल के टोटके - रेवड़ियां, बतासे पानी में बहाएं। बिजली का कारोबार करें। घर में मृगचर्म रखें। भाइयों/मित्रों की सहायता करें। - घर में हाथी दांत या हाथी दांत की वस्तुएं रखें। सफेद रंग की चीजें अपने पास रखें। चांदी की अंगूठी बायें हाथ की उंगली में धारण करें। - हनुमान जी को सिंदूर चढ़ाएं, लड्डू का भोग लगाएं। मूंगा रत्न धारण करें। लाल रंग का वस्त्र सदा साथ रखें। बड़े भाई-भाभी की सेवा करें। - सूर्य को गुड़ डालकर पानी दें। पानी में गुड़ बहाएं। चांदी/चावल अपने पास रखें। घर में हथियार न रखें। बुध के टोटके - घर के पूर्वी द्वार में सूर्य की लाल वस्तुएं लगाएं। बकरी का दान करें। रात को मूंग भिगोकर प्रातः जानवरों को डालें। ढाक अथवा आम के पत्ते गाय के दूध में धोकर जमीन में दवाएं। फिटकरी से दांत साफ करें। साबुत मूंग की दाल न खाएं। - गुड़ पानी में बहाएं। केसर खाएं, तिलक लगाएं। सोने/चांदी की जंजीर पहनें। - गले में तांबे का पैसा पहनें। लोहे के लाल रंग की गोली पास रखें। खाली बरतनों में तांबे का पैसा डालकर रखें। गुरु के टोटके - केसर का तिलक लगाएं। तेल, बादाम, नारियल बहाएं। नाक साफ रखें। सोना गले में डालें। - चना दाल पीले कपड़े में बांधकर मंदिर में दें। हल्दी या केसर का तिलक लगाएं। मेहमानों की सेवा करें। भलाई के कार्य करें। सांप को दूध पिलाएं। - श्रीगणेशजी एवं शिवजी की पूजा-आराधना करें। पूजा स्थल की नियमित रूप से सफाई करें। - चने मंदिर में दान करें। पीपल में जल डालें। सोना पहनें, बच्चों के साथ साझे में व्यापार करें। - शिवजी की पूजा अर्चना करें। गले में सोना पहनें। कपड़े में लाल चंदन बांध कर अपने पास रखें। शुक्र के टोटके - गाय और माता की सेवा करें। सफेद पत्थर को धोकर उस पर सफेद चंदन लगाकर पानी में बहाएं। सच्चरित्र रहें। विधिवत विवाह करें। - दही या रूई मंदिर में भेंट करें। तेल बहाएं। धरती पर तेल डालें। - काली गाय को घास आदि खिलाएं। दही से स्नान करें। गुड़ न खाएं। - स्त्री का कभी अपमान न करें। पर स्त्री गमन से बचें। शनि के टोटके - बंदर पालें। बंदर को चने खिलाएं। बट की जड़ में दूध सींचकर उस मिट्टी का तिलक करें। काला सूरमा भूमि में गाड़ंे। काला उड़द, बादाम, तेल, काला कपड़ा, लोहा, तवा, अंगीठी या चिमटा किसी साधु को दान करें। - नारियल या बादाम बहाएं। जूती दान करें। सांप को दूध पिलाएं। तेल भरे बरतन में अपना मुंह देखकर वह तेल पानी में बहाएं। काले उड़द और सरसों का तेल मिलाकर पानी में बहाएं। - गणेश जी की पूजा-अर्चना करें। चने की दाल बहाएं। दस अंधों को भोजन कराएं। व्यसन से दूर रहें। किसी के साथ धोखा न करें। झूठ न बोलें। राहु के टोटके - माता से संबंध अच्छा रखें। हाथी के पांव की मिट्टी कुएं में गिराएं। चांदी की ठोस गोली अपने पास रखें। विद्युत का सामान ससुराल से न लें। - सरस्वती माता को निरंतर 6 दिन नीले पुष्प अर्पित करें। शीशे/सिक्के की गोली साथ रखें। - अपनी आय का कुछ भाग अपनी कन्या या बहन को देते रहें। चांदी का चैरस टुकड़ा गले में धारण करें। रसोई में बैठकर खाना खाएं। केतु के टोटके: - कन्याओं की सेवा करें। पत्नी का अपमान कभी न करें। केसर या चंदन का तिलक लगायें। चाल-चलन ठीक रखें। - केला मंदिर में दान करें। काले और सफेद तिल प्रवाहित करें। बायें हाथ के अंगूठे में सोने की अंगूठी पहनें। - सात-सात केले निरंतर चार दिन तक पानी में बहाएं। अभिमान त्याग दें।


घरेलू टोटके विशेषांक  जनवरी 2006

मनुष्य का जन्म स्वतन्त्र हुआ है किन्तु वह हर जगह शृंखला में आबद्ध है। मनुष्य अपने हर जन्म में अपने कर्मों के अनुरूप नकारात्मकता अथवा सकारात्मकता के कारण वर्तमान जीवन में अच्छे या बुरे दिन देखता है। पीड़ा की मात्रा इन्हीं कर्मों के संचय के आधार पर अलग-अलग होती है। इनका प्राकट्य जन्म के समय कुण्डली में होता है जब नौ ग्रह उसके कर्मों के अनुरूप अलग-अलग भावों में स्थान ग्रहण करते हैं। इसके अलावा दशाओं के क्रम भी भावी जीवन की आधारशिला रखते हैं। यदि दशाओं का क्रम अच्छा होता है तो जातक को जीवन में सुख एवं समृद्धि की प्राप्ति होती है अन्यथा वह दुख झेलने को बाध्य होता है। ज्योतिष में विभिन्न प्रकार की पीड़ा से मुक्ति हेतु अनेक उपायों की चर्चा की गई है। इन्हीं उपायों में से एक महत्वपूर्ण उपाय है टोटका। फ्यूचर समाचार के इस महत्वपूर्ण विशेषांक में विभिन्न प्रकार की समस्याओं से मुक्ति पाने हेतु सामान्य, सरल एवं घरेलू टोटकों से सम्बन्धित महत्वपूर्ण आलेख समाविष्ट हैं। इन महत्वपूर्ण टोटके के आलेखों में से धन लाभ एवं खुशहाली हेतु, कर्ज से मुक्ति और धन वापसी, मानसिक तनाव दूर करने के लिए, परीक्षा में सफल होने के लिए, शीघ्र विवाह के लिए, सन्तान प्राप्ति के लिए टोटके आदि लेख सम्मिलित हैं।

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