वर्ष 2006 में खिलाड़ी, नेता और अभिनेता

वर्ष 2006 में खिलाड़ी, नेता और अभिनेता  

खेल न् 2006 में शरद पवार जी के अधीन राहुल द्रविड़ की कप्तानी में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिलेंगे। वर्तमान समय में गांगुली का भी समय ठीक नहीं चल रहा है। राहुल द्रविड़ की शुक्र की महादशा में मंगल की अंतर्दशा 2.6.2006 तक चलेगी जो उनके अनुकूल होगी। जून, 2006 से सितंबर 2006 तक का समय खराब रहेगा। सितंबर 2006 से दिसंबर 2006 तक का समय उतार चढ़ाव से भरा रहेगा। श्री शरद पवार जी की शनि की दशा में बुध की अंतर्दशा 15.2.2006 तक ठीक नहीं रहेगी। परंतु उसके बाद 24. 3.2007 तक उनके भाग्य से भारतीय खिलाड़ियों को लाभ प्राप्त होगा। डालमिया और शरद पवार की राजनीति में खिलाड़ी फंस जाएंगे। ग्रेग चैपल की कोचिंग में द्रविड़ को लाभ तो मिल रहा है, परंतु सब को मालूम है, ग्रेग चैपल और गांगुली के बीच में संघर्ष चल रहा है। खिलाड़ी राजनीति में फंस कर खेल को बिगाड़ेंगे। नये-नये खिलाड़ियों का चुनाव होगा। पुराने और नये खिलाड़ियों के बीच में संघर्ष जारी रहेगा। द्रविड़ की कुंडली में राह जन्म राशि के ऊपर गोचर में अशुभ चल रहा है। इसी कारण उन्हें बार-बार कप्तानी से हटाया जा सकता है। शरद पवार की जन्मकुंडली में केतु लग्न से पंचम भाव में स्थित है। यह गोचर में लग्न से एकादश भाव में और राशि से छठे भाव में शुभ स्थिति में है, अतः वह राजनीति का भरपूर लाभ उठाएंगे। 24.3.2007 के पश्चात् शनि की महादशा में शुक्र की अंतर्दशा 2007 से 2010 तक अधिक खराब रहेगी और प्रत्येक कार्य में असफलता प्राप्त होगी। राजनेता प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भारत के प्रधानमंत्री सरदार मनमोहन सिंह की राहु की महादशा और बुध की अंतर्दशा 19.7.2004 से चल रही है जो 25.2.2008 तक रहेगी। तब तक निश्चित रूप से वे अपने पद पर आसीन रहेंगे। फरवरी, 2007 से फरवरी, 2008 तक का समय काफी उतार-चढ़ाव के साथ बीतेगा। तत्पश्चात् वे हट जाएंगे। सन् 2006 मंे बहुत कुछ घटित होगा, फिर भी वे अपने पद पर बने रहेंगे। जन्म राशि के ऊपर शनि के चलन और सितंबर, 2006 से अगस्त, 2008 तक राहु के जन्म राशि से आठवें में चलन के दौरान उनकी परेशानी बढ़ती रहेगी। राहु की महादशा में शुक्र की अंतर्दशा के कारण फरवरी 2008 के पश्चात् वह किसी भी दशा में अपने पद पर नहीं रहेंगे। 7 फरवरी, 2007 से 21.2.2008 तक, उनकी कुर्सी बार-बार हिलती रहेगी। उस समय ऐसा प्रतीत होगा मानो ‘‘अब गए, तब गए’’ फिर भी उनका मनोबल ऊंचा रहेगा क्योंकि लग्नेश गुरु लग्न को देख रहा है। नवमेश-दशमेश बलवान होकर दशम भाव में बैठे हैं। नवांश में सूर्य और राहु भी उच्च का है, इसीलिए 2006 में उनका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकेगा। भारत का भविष्य भारत की जन्म पत्री में वर्तमान समय में शुक्र की महादशा में बुध की अंतर्दशा सितंबर, 2005 से चल रही है जो जुलाई, 2008 तक चलेगी। इस अवधि में सत्ता का हस्तांतरण होना स्वाभाविक है, क्योंकि भाग्येश, कर्मेश शनि गोचर में जन्म राशि के ऊपर चलन कर रहा है, और बुध ग्रह के ऊपर 2007 में चलेगा। सिंह राशि से शनि वक्री होकर जब कर्क में आएगा तब 6 दिसंबर, 2006 से 10 जनवरी, 2007 तक लोकसभा में अनहोनी घटनाएं देखने को मिलेंगी। भारत के लग्न से चतुर्थ भाव, जो जनता का स्थान है, में शनि रहेगा, तब अशांति बढ़ेगी, और सरकार गिरने की कगार पर होगी। 2007 में निश्चित रूप से सरकार गिरेगी, परंतु 2006 में स्थिर रहेगी। सोनिया गांधी कांग्रेस की अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी जी की बुध की महादशा में राहु की अंतर्दशा 8.9.2007 तक चलेगी। तब तक वह कांग्रेस पार्टी की अध्यक्ष निश्चित रूप से बनी रहेंगी। उनके भारत के प्रधानमंत्री बनने में परेशानी होगी। शनि की साढ़ेसाती के कारण वह विरोधी दल की नेता रहीं। वर्तमान समय में सरकार पर उनका प्रभाव है। मेरा निजी मत यह है कि इटली में जन्मी महिला भारत में राज इसीलिए कर रही है क्योंकि सप्तमेश शनि वक्री होकर लग्न में और जन्म राशि से द्वितीय में है। इसी कारण अपने देश से बाहर उन्हें साढ़ेसाती का कुप्रभाव नहीं मिला और शनि सप्तमेश होने के कारण पति के देश में पति के अधिकार को प्राप्त करते हुए सम्मान प्राप्त कर रही हैं। श्री अर्जुन सिंह काफी बुलंदी के साथ राज्य करने वाले श्री अर्जुन सिंह, इसी कांग्रेस सरकार में सम्मानित पद पर विराजमान हैं। 6 जून, 2006 तक उनकी स्थिति सुदृढ़ रहेगी, परंतु 6 जून, 2006 से 6.5.2007 तक गुरु की महादशा में मंगल की अंतर्दशा के दौरान उनका पतन होगा या स्वास्थ्य में गिरावट आएगी अथवा जिस पद पर बैठे हैं, वहां से हटाकर कहीं और भेज दिया जा सकता है। फरवरी, 2006 तक उनकी राशि के ऊपर मंगल के भ्रमण और गोचर में जन्म राशि पर शनि की दृष्टि के कारण उनका कुछ नुकसान भी हो सकता है। 10 जनवरी, 2006 से 13 फरवरी, 2006 के मध्य उनका स्थानांतरण होने की भी संभावना है। प्रणव मुखर्जी श्री प्रणव मुखर्जी की वर्तमान समय में, 24.3.2005 से शनि की महादशा में शनि की अंतर्दशा चल रही है जो 27. 3.2008 तक चलेगी। यह समय परिवर्तन का समय है। जन्म राशि से शनि अष्टम चल रहा है, इसलिए सन 2006 में उनके विभाग में निश्चित रूप से परिवर्तन होगा। उनकी गुरु की महादशा जिस प्रकार चली, शनि की महादशा उस तरह नहीं चलेगी, बार-बार परिवर्तन होता रहेगा। अम्बिका सोनी श्रीमती अम्बिका सोनी श्रीमती सोनिया गांधी के काफी करीब मानी जाती हैं। सिंह लग्न, सिंह राशि में जन्मी अम्बिका तेजतर्रार हैं। वह राजनीति में भी कुशल हैं। आरंभ से ही युवा कांग्रेस की नेता रहीं, फिर भी जीवन में काफी उतार-चढ़ाव देखे। वर्तमान समय में 28.2.2006 से 19.3.2007 तक राहु की महादशा में मंगल की अंतर्दशा के दौरान कुछ अनहोनी घटना घट सकती है। अष्टम के मंगल के ऊपर गोचर में राहु का भ्रमण हानिकारक सिद्ध होगा। इसी कारण 2006 उनके लिए अच्छा नहीं रहेगा। यदि सरकार में कोई स्थान मिला तो शीघ्र ही छिन भी जाएगा। आमिर खान आमिर खान को सन् 2006 में राहु की महादशा, शनि की अंतर्दशा प्रसिद्धि दिलाएगी। चूंकि दशम भाव में चंद्र के साथ स्थित राहु सितंबर, 2006 के बाद जन्म राशि से तीसरे भाव में जन्म गोचर करेगा, इसलिए जो भी फिल्म बनाएंगे, उन्हें सफलता प्राप्त होगी। उच्च का गुरु लग्न में पंच महापुरुष योग बनाए हुए है। इसलिए 2006-2007 में फिल्मी दुनिया में कोई उच्च पद या राज्य सभा की सदस्यता प्राप्त हो सकती है। परंतु अष्टम भाव में सूर्य, शुक्र और बुध के होने से दाम्पत्य जीवन कष्टमय रह सकता है। करीना कपूर वर्तमान समय में करीना की शुक्र की महादशा में मंगल की अंतर्दशा 6.4. 2006 तक चलेगी। परंतु शुक्र लग्न से अष्टम भाव में राहु के साथ 6.4.2006 से दिसंबर, 2006 तक रहेगा, इस कारण इन्हें अप्रिय चर्चा सुनने को मिलेगी। सिनेमा जगत में कोई प्रशंसा प्राप्त नहीं होगी। कोर्ट कचहरी के मामलों में उलझ सकती हैं। कुल मिलाकर समय अनुकूल नहीं है। करिश्मा कपूर करिश्मा की मई 2006 में, राहु की महादशा में शनि की अंतर्दशा अनुकूल नहीं रहेगी। मई, 2006 से आगे का समय दिसंबर, 2006 तक भी इसी प्रकार रहेगा, क्योंकि जन्म राशि से अष्टम का शनि शुभ नहीं है। ऋतिक रोशन ऋतिक रोशन की वर्तमान दशा शुक्र में शनि जुलाई, 2005 से अगस्त, 2008 तक रहेगी। गोचर के अनुसार शनि की साढ़ेसाती भी चलती रहेगी, क्योंकि जन्म राशि के ऊपर शनि का गोचर चल रहा है। फिर भी यह समय व्यवसाय के लिए अनुकूल रहने की संभावना है। उनके जीवन का यह उत्थान का समय रहेगा। 28 अगस्त, 2008 तक जो भी कार्य करेंगे, उसमें सफलता प्राप्त हो सकती है। रानी मुखर्जी रानी मुखर्जी की सूर्य की महादशा 20.8.2006 तक चलेगी। तत्पश्चात चंद्र की महादशा का समय जीवन का सबसे अधिक उत्कृष्ट समय साबित होगा। सूर्य अष्टम में होने के कारण विवाह नहीं हो पाया है, परंतु अगस्त, 2006 से दिसंबर, 2006 के दौरान विवाह की चर्चा होने लगेगी। किसी न किसी से संबंध जुड़ सकता है। सिनेमा जगत के महत्वपूर्ण लोग उन्हें आदर और सम्मान देंगे। उनकी हर फिल्म उन्हंे यश और सफलता दिलाएगी। ऐश्वर्या राय ऐश्वर्या राय की जन्म कुंडली में शुक्र, चंद्र और राहु के दोनों तरफ गुरु और बुध शुभ कर्तरी योग बना रहे हैं। इस कारण राहु की महादशा में 2019 तक वह फिल्म जगत में छाई रहेंगी। अगस्त 2006 तक उतार-चढ़ाव रहेगा, फिर भी सफलता प्राप्त करेंगी। 3 अगस्त, 2006 के बाद सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के रूप में उभरंेगी, जिस तरह जुलाई 1994 से जुलाई 2001 तक मंगल की महादशा में स्वदेश और विदेश में छाई रहीं, इसी प्रकार आगे भी छाई रहंेगी। गोविंदा गोविंदा का जन्म मेष लग्न, कुंभ राशि और धनिष्ठा नक्षत्र में हुआ। जन्म के समय मंगल की दशा 6 माह और 26 दिन बाकी थी। जन्म से 18 वर्ष तक की आयु के दौरान पढ़ाई-लिखाई में भी नाम कमाया होगा। खेल, कूद, नाचने-कूदने में भी अपना स्थान बना कर रखा होगा। कारक ग्रह गुरु की महादशा में सन् 1998 तक फिल्मी दुनिया में सफलता प्राप्त हुई और शनि की महादशा में केतु की अंतर्दशा 8.5. 2005 तक भी अच्छी रही। संसद में भी विजय प्राप्त हुई, परंतु कालिदास के लिखे अनुसार शनि में शुक्र अथवा शुक्र में शनि की अंतर्दशा पतन की ओर ले जाती है। वर्तमान समय में 8.5.2005 से शनि की महादशा में शुक्र की अंतर्दशा चल रही है जो 8.7.2008 तक चलेगी। यह समय इनके लिए पतन का कारक हो सकता है। मनीषा कोइराला मनीषा का 7.6.2005 से 7.10.2006 तक और 5 सितंबर 2007 तक का समय अनुकूल रहेगा। वृषभ लग्न में चंद्रमा शनि के साथ होने से हर तरफ से सफलता दिलाता है। वर्तमान समय में गुरु की महादशा में चंद्र की अंतर्दशा चल रही है। वह दोबारा चमकेंगी। फिल्म निर्देशन और निर्माण के कार्य में सफलता प्राप्त हो सकती है। उच्च का मंगल सितंबर, 2007 तक उन्हें यश दिला सकता है। 2006 के अंत तक विवाह बंधन में बंध सकती हैं। प्रीति जिंटा तुला लग्न में जन्मी प्रीति, सिंह राशि के चंद्रमा तथा अग्नि एवं वायु तत्वों से संबंध रखती हैं। सप्तम भाव में मंगल-शुक्र शनि की दृष्टि में दाम्पत्य जीवन को बिगाड़ते हैं। वर्तमान समय में चंद्र की महादशा में राहु की अंतर्दशा 26.6.2007 तक चलेगी। राशि से अष्टम राहु गोचर में विवाह जीवन में बाधा और अकारण अपयश दिलाता रहेगा। शुक्र एवं मंगल की युति असंभव काय को भी संभव कर देती है, सफलता मिलेगी। काजोल मुखर्जी लग्न में केतु सप्तम में राहु और चंद्र के साथ शनि की दृष्टि में है। सांवले रंग की होती हुई भी दिल जीतने वाली काजोल लाखों लोगों को आकर्षित कर लेती हैं। इनके बात करने का ढंग और हंसने की अदा ने लोगों को इनका दीवाना बना रखा है। 6.1.1990 से शनि की महादशा चल रही है जो 3. 1.2006 तक चलेगी। इसलिए हर क्षेत्र में इन्हें सफलता प्राप्त हुई है। चंद्र लग्न से शनि ने दशम् में राज योग दिलाया, परंतु सन् 2006 में बुध की महादशा और अंतर्दशा अच्छी नहीं रहेगी। फिल्मी दुनिया में लौटंेगी, परंतु उन्हें अपेक्षित सफलता प्राप्त नहीं होगी। बुध और गुरु का परिवर्तन योग उन्हें धीरे-धीरे यश दिलाएगा। अमिताभ बच्चन कुंभ लग्न में जन्मे अमिताभ बच्चन ऐसे कलाकार हैं, जिन्हंे हर रोज लाखों करोड़ों चाहने वाले याद करते हैं और उनके स्वास्थ्य के लिए दुआ करते हैं। वर्तमान समय में उनकी बुध में शनि की अंतर्दशा और बुध की प्रत्यंतर्दशा चल रही है। उच्च बुध ने वक्री होकर अष्टम भाव में मंगल, सूर्य और शुक्र से साथ होने के कारण उन्हें अस्पताल तथा आपरेशन का कष्ट दिलाया। यह स्थिति 18.12. 2005 तक रहने के बाद स्वास्थ्य ठीक रहेगा। वर्ष 2006 अनुकूल रहेगा। वह पूर्ण आयु का भोग करेंगे और उन्हें 7.11.2007 तक सफलता मिलती रहेगी।


घरेलू टोटके विशेषांक  जनवरी 2006

मनुष्य का जन्म स्वतन्त्र हुआ है किन्तु वह हर जगह शृंखला में आबद्ध है। मनुष्य अपने हर जन्म में अपने कर्मों के अनुरूप नकारात्मकता अथवा सकारात्मकता के कारण वर्तमान जीवन में अच्छे या बुरे दिन देखता है। पीड़ा की मात्रा इन्हीं कर्मों के संचय के आधार पर अलग-अलग होती है। इनका प्राकट्य जन्म के समय कुण्डली में होता है जब नौ ग्रह उसके कर्मों के अनुरूप अलग-अलग भावों में स्थान ग्रहण करते हैं। इसके अलावा दशाओं के क्रम भी भावी जीवन की आधारशिला रखते हैं। यदि दशाओं का क्रम अच्छा होता है तो जातक को जीवन में सुख एवं समृद्धि की प्राप्ति होती है अन्यथा वह दुख झेलने को बाध्य होता है। ज्योतिष में विभिन्न प्रकार की पीड़ा से मुक्ति हेतु अनेक उपायों की चर्चा की गई है। इन्हीं उपायों में से एक महत्वपूर्ण उपाय है टोटका। फ्यूचर समाचार के इस महत्वपूर्ण विशेषांक में विभिन्न प्रकार की समस्याओं से मुक्ति पाने हेतु सामान्य, सरल एवं घरेलू टोटकों से सम्बन्धित महत्वपूर्ण आलेख समाविष्ट हैं। इन महत्वपूर्ण टोटके के आलेखों में से धन लाभ एवं खुशहाली हेतु, कर्ज से मुक्ति और धन वापसी, मानसिक तनाव दूर करने के लिए, परीक्षा में सफल होने के लिए, शीघ्र विवाह के लिए, सन्तान प्राप्ति के लिए टोटके आदि लेख सम्मिलित हैं।

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