(3 लेख)
संतान सुख में बाधक योग कारण एवं निदान

अप्रैल 2006

व्यूस: 1948

शास्त्र कहता है ‘अवश्यमेव भोक्तव्यं कृतं कर्म शुभाशुभम’ अर्थात मनुष्य को अपने किए गए शुभ-अशुभ कर्मों के फलों को अवश्य ही भोगना पड़ता है। शुभ-अशुभ कर्म मनुष्य का जन्म जन्मांतर तक पीछा नहीं छोड़ते। यही तथ्य बृहतपाराशर होरा शास्त्र के ... और पढ़ें

ज्योतिषउपायज्योतिषीय योगबाल-बच्चेभविष्यवाणी तकनीक

कैसा रहेगा नीतिश सरकार का भविष्य

जनवरी 2006

व्यूस: 742

बिहार में हाल के विधान सभा चुनाव ने वहां की राजनीति में एक नया मोड़ ला दिया। एक लंबे अर्से के बाद वहां नीतिश के नेतृत्व में एक नई सरकार सत्ता में आई। वे कौन सी ग्रह स्थितियां थीं जिन्होंने नीतिश को फर्श से अर्श तक पहुंचाया, और क... और पढ़ें

ज्योतिषप्रसिद्ध लोगज्योतिषीय विश्लेषणभविष्यवाणी तकनीक

संतान पक्ष को प्रभावित करता है काल सर्प योग

मार्च 2006

व्यूस: 496

रह प्रकार के काल सर्प योगों में पद्म नामक काल सर्प योग कुंडली के पंचम भाव से संबंधित है। पंचम भाव संतान, शिक्षा, पूर्वजन्म के कर्म आदि का भाव है। इस योग के कारण संतान सुख में रुकावट आती है, शिक्षा में बाधा उत्पन्न होती है औ... और पढ़ें

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