ज्योतिष


सामुद्रिक षास्त्र में अंगों के फड़क्ने के विषय में बहुत कुछ बताया गया है लेकिन एक ही अंग के अलग अलग हिस्से फड़के तो क्या षुभाषुभ फल प्राप्त होता है, इसका विषिष्ट विवरण इस लेख में दिया गया है।... more

ज्योतिषज्योतिषीय विश्लेषणशकुन

यदि किसी व्यक्ति को संतान प्राप्ति में समस्या आ रही हो, तो ऐसे व्यक्ति इस लेख में लिखे गये सरल उपायों को अपना कर संतान की प्राप्ति अति ही सहजता के साथ कर सकते हैं। किंतु उपायों को अति सावधानी से व श्रद्धा के साथ करना... more

ज्योतिषउपायबाल-बच्चेभविष्यवाणी तकनीक

जन्म कुंडली से जानें कब होगी आपकी शादी?

जून 2014

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शादी के बारे में कहा जाता है कि जोड़ियां स्वर्ग में निर्धारित होती हैं धरती पर तो केवल आयोजित होती हैं। शादी सात जन्मों का बंधन होता है। इतने पहले निर्धारित हुई शादी धरती पर संपन्न होने में इतनी देर क्यों हो जाती है। इस प्रश्न ... more

ज्योतिषज्योतिषीय योगदशाविवाहभविष्यवाणी तकनीक

भाग्य को मजबूत करने के उपाय

विद्या, बुद्धि से ऊपर भी भाग्य का योगदान व्यक्ति के जीवन में होता है तथापि भाग्येष के अनुकूल न होने के कारण जीवन में कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है। ऐसी स्थिति से पार पाने के लिए अपने भाग्य को मजबूत करने के उपायों की जानक... more

ज्योतिषउपायभविष्यवाणी तकनीक

नजला-जुकाम शीत के कारण होने वाला एक ऐसा रोग है, जिसमें से पानी बहने लगता है। मामूली-सा दिखने वाला यह रोग, कफ की अधिकता के कारण अधिक कष्टदायक हो जाता है। यों तो ऋतु आदि के प्रभाव से दोष संचय काल में संचित हो कर अपने प्रकोप... more

ज्योतिषस्वास्थ्यज्योतिषीय विश्लेषणभविष्यवाणी तकनीक

स्वप्न और उनके फल

जो यथार्थ में नहीं है। अवास्तविक है उसे सच की भांति साकार रूप में देखने का नाम स्वप्न है। अर्थात जो अपना नहीं है, उसे निद्रा में आंखो के सामने देखना सपना है। नहीं को सही में देखना ही तो स्वप्न कहलाता है। आधुनिक विज्ञानियों ने स्वप... more

ज्योतिषज्योतिषीय विश्लेषणसपनेभविष्यवाणी तकनीक

तिलों का ज्योतिष में महत्व

तिलों के अध्ययन को Moleosophy कहा जाता है। हस्त विज्ञान, टैरो कार्ड तथा अंकषास्त्र की तरह ही डवसमवेवचील का अध्ययन भी ज्योतिष की ही शाखा है । ज्योतिष के अनुसार सिर्फ हाथ और माथे की रेखाएं ही नहीं बल्कि शरीर पर बने कई अन्य चिह... more

ज्योतिषअन्य पराविद्याएंविविध

राहू कि महादशा में नवग्रहों कि अंतर्दशाओं का फल एवं उपाय

राहू मूलत: छाया ग्रह है, फिर भी उसे एक पूर्ण ग्रह के समान ही माना जाता है। यह आर्द्रा, स्वाति एवं शतभिषा नक्षत्र का स्वामी है। राहू कि दृष्टि कुंडली के पंचम, सप्तम और नवम भाव पर पड़ती है। जिन भावों पर राहू कि दृष्टि का प्रभाव पडता ... more

ज्योतिषउपायग्रहहस्तरेखा सिद्धान्त

इच्छित संतान प्राप्ति के सुगम उपाय

मई 2006

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संतान प्राप्ति की कामना मनु महाराज द्वारा वर्णित तीन नैसर्गिक इच्छाओं में से एक है। नि:संतान रहना एक भयंकर अभिशाप है। यह पूर्व जन्म मने किए गए कर्मों के फल है या फल का भोग है। संतान हो किंतु दुष्ट और कुल – कीर्तिनाशक हो तो यह स्थि... more

ज्योतिषउपायबाल-बच्चे

लाल किताब के टोटके

राशियों पर आधारित विभिन्न टोटके केवल लाल किताब में दिये गए हैं। आइए, इस लेख द्वारा जानें कि विभिन्न राशि वाले जातकों को सुखी जीवन के लिए क्या-क्या उपाय करने चाहिए।... more

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