वास्तु का कुंडली से सम्बन्ध

वास्तु का कुंडली से सम्बन्ध  

वास्तु शास्त्र: मूल सिद्धांत व उपयोगिता जय इन्दर मलिक वावास्तव में वास्तु शास्त्र में प्रकृति के नियमों और सिद्धांतों के अनुसार किसी भवन का निर्माण कहां होना चाहिए या किस दिशा में क्या बनना चाहिये और क्या नहीं बनना चाहिये, इसका मार्गदर्शन होता है। क्या करने से भवन के स्वामी के जीवन में सुख-शांति व समृद्धि आए इसकी व्याख्या भी वास्तु के सिद्धांत बखूबी करते हैं। इस लेख में वास्तु शास्त्र के मूल सिद्धांतों एवं उसकी वर्तमान जीवन में बढ़ती उपयोगिता पर प्रकाश डाला गया है। स्तु सिद्धांत के आधार पर ऐसा भवन निर्माण किया जा सकता है जो सर्व प्रकार से अनुकूल होने के साथ-साथ प्रकृति से भरपूर लाभ कराये। वास्तु आधारित निर्माण सुख समृद्धि का कारक है।



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