वास्तु शास्त्र व फेंगशुई समानताएं एवं अंतर

वास्तु शास्त्र व फेंगशुई समानताएं एवं अंतर  

वास्तु शास्त्र व फेंगशुई: समानतायें एवं अंतर के. के. निगम वास्तु एवं फेंगशुई के सिद्धांतों में काफी अंतर है किंतु दोनों ही काफी प्रभावशाली हैं। फेंगशुई में पांचों तत्वों के संतुलन की बात की जाती है तथा संतुलन के लिए अनेक सांकेतिक वस्तुओं का प्रयोग किया जाता है। वास्तु प्राचीन वैदिक विद्या है तथा इसमें पूरा जोर दिशाओं के अनुसार कमरे, रसोईघर, टाॅयलेट आदि बनाने पर दिया जाता है। आधुनिक युग में दोनों के समन्वित सिद्धांतों के अनुपालन पर जोर दिया जाने लगा है जो और भी अधिक लाभदायक साबित हो रहे हैं।



वास्तु विशेषांक  दिसम्बर 2012

फ्यूचर समाचार पत्रिका के वास्तु विशेषांक में वास्तुशास्त्र के सिद्धांत - वर्तमान समय में उपयोगिता, ज्योतिष, वास्तु एवं अंकशास्त्र के संयुक्त क्रियान्वयन की रूपरेखा, वास्तुशास्त्र एवं फेंगशुई- समरूपता एवं विभिन्नता, वास्तु पुरूष का प्रार्दुभाव एवं पूजन विधि, वास्तु शास्त्र का वैज्ञानिक दृष्टिकोण, भूखंड चयन की गणीतीय विधि, गृह निर्माण एवं सुख समृद्धि का वास्तु, वास्तु एवं फेंगशुई, वास्तु दोष कारण व निवारण, वास्तु एवं बागवाणी, वृक्षों व पौधों से वास्तु लाभ कैसे लें, वास्तु मंत्र, वास्तु शास्त्र एवं धर्म, वास्तुशास्त्र में शकुन एवं अपशकुन, लाभदायक वास्तु सामग्री, क्रिस्टल की उपयोगिता, फलादेश में अंकशास्त्र की भूमिका, पाइथागोरियन अंक ज्योतिष, वास्तु के अनुसार शेक्षणिक संस्थान, हवन प्रदूषण में कमी लाता है, मां त्रिपुर सुंदरी का चमत्कारी शक्तिपीठ, वास्तु परामर्श, वास्तु प्रश्नोतरी, विवादित वास्तु, यंत्र समीक्षा/मंत्र ज्ञान, हेल्थ कैप्सुल, अंक ज्योतिष के रहस्य, आदि विषयों पर गहन चर्चा की गई है।

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