रंगों की रंगीन दुनिया आपके व्यक्तित्व का दीया

रंगों की रंगीन दुनिया आपके व्यक्तित्व का दीया  

सफेद रंग नव रंग नवग्रह ज्योतिर्विज्ञान शास्त्र में जिसे सफेद रंग पसंद आता है उसका स्वभाव चंद्रमा ग्रह की विशेषता लिए होता है अर्थात् वो सौम्य, सरल, स्पष्टवादी, सादगी पसंद और आदर्शवादी प्रकृति से परिपूर्ण होते हैं। उन्हें चंद्रमा की कलाओं की तरह ही उतार-चढ़ाव और कठिनाइयां परिवार, व्यवसाय, नौकरी में उठानी पड़ती है। शांतचिŸा प्रकृति होती है, लेकिन दयालु प्रवृŸिा अधिक होने से इन्हें कई बार जरूरत होने पर भी अपनी खुशियों से वंचित होना पड़ता है। इन्हें ‘‘मोती रत्न’’ धारण करना चाहिए। इसका प्रतिनिधि ग्रह चंद्रमा है। गुलाबी रंग गुलाबी रंग (पिंक कलर) जिनकी पहली पसंद होती है, वे अत्यधिक व्यावहारिक, खुशमिजाज, उत्साही होंगे। इनका व्यक्तित्व सकारात्मक सोच से सराबोर होगा। नवीनता, तरुणता, सौम्यता, रसरंगप्रियता इनकी विशिष्टता होगी। इनका हंसमुख चेहरा ही इनके व्यक्तित्व का दर्पण होता है। ये जीवन में सदैव सफलता प्राप्त करने की सोच से निरंतर प्रयत्नरत रहते हैं। ईश्वर में असीम आस्था होती है। ये अत्यधिक मिलनसार होते हैं। मित्रता करना और निभाना कोई इनसे सीखे। प्रेम की परिभाषा इनसे बेहतर कोई नहीं समझ सकता है। इन्हें ‘‘गुलाबी रंग का माणिक्य’’ (पिंक रूबी) पहनना चाहिए। ‘‘गुलाबी रंग की स्फटिक की मणियों की माला’’ (पिंक क्रिस्टल्स बीड्स) भी पहनने से लाभ मिलेगा। इससे इनके व्यक्तित्व में और अधिक निखार आयेगा। सकारात्मक सोच में अभिवृद्धि करके सफलता के शिखर पर पहुंच सकेंगे। इसका प्रतिनिधि ग्रह सूर्य है। हरा रंग हरा रंग प्रकृति प्रधान रंग है फलस्वरूप जिन्हें हरा रंग प्रिय है वे प्रकृति प्रेमी होंगे। जिस प्रकार प्रकृति परिवर्तशील होती है उसी के अनुरूप ये भी परिवर्तन पसंद व्यक्तित्व के होंगे। इनमें दूरदर्शिता, विश्वसनीयता और उच्च स्तरीय कार्यकुशलता के अतिरिक्त गुण होते हैं। इनमें नेतृत्व क्षमता भी अच्छी होती है और समय के साथ तालमेल बैठाने में दक्ष होते हैं। ये इनके व्यक्तित्व का खास गुण है। इनको अपने व्यक्तित्व विकास हेतु ‘‘पन्ना रत्न’’ पहनना चाहिए। ये इनके विद्या, विनय, विवेक में वृद्धि करने में सहायक सिद्ध होगा। इसका प्रतिनिधि ग्रह बुध है। पीला रंग पीताम्बर रंग चाहने वाले का व्यक्तित्व गुरु ग्रह जैसा होता है। ये तीक्ष्ण बुद्धि के धनी होते हैं। ये शांत प्रकृति, समताधारी और संयमित जीवन जीने वाले होते हैं। इनका व्यक्तित्व रहस्यवादी तो नहीं होता लेकिन भ्रमित करने की कला में पारंगत होते हैं। गोपनीयता इनकी विशिष्ट पहचान होगी। ये लोगों से हमदर्दी चाहते हैं। समाज में इनको उच्च पद प्राप्त होता है या इसके लिए आजीवन प्रयासरत रहेंगे। इनको ‘‘पुखराज रत्न’’ सोने में धारण करना चाहिए। इससे गुरु ग्रह मजबूत होता है एवं कुशाग्र बुद्धि का स्वामी बनने में मददगार साबित होता है। इसका प्रतिनिधि ग्रह गुरु है। आसमानी रंग आसमानी या हल्का नीला रंग जिसे फिरोजी रंग भी कहते हैं, इसे जो भी पहने वह हर हाल में खुश रहेंगे व व्यक्तित्व के धनी होंगे। किसी को भी हर हाल में मदद देना और किसी के भी मनोभावों को समझना कोई इनसे ही सीखे। ये अत्यंत ही भावुक प्रकृति के होते हैं पर इनकी गहराई समुंदर के समान होती है। इनके दिल में हजारों राज छिपे रह सकते हैं। इन्हें रहस्य, रोमांस पसंद होता है। भावुक प्रकृति होने के कारण डरना स्वभाव होता है लेकिन विपरीत परिस्थितियों में ये विचलित न होकर अदम्य साहस का परिचय देने में सक्षम होते हैं। सफलता के आसमान को छूने के लिए इनको ‘‘फिरोजा रत्न या एक्वामेरीन रत्न’’ जरूर धारण करना चाहिए जिससे इनके व्यक्तित्व में और अधिक निखार आ सके। इसका प्रतिनिधि ग्रह शनि है। नीला रंग अंतर्मुखी व्यक्तित्व वालों का पसंदीदा रंग नीला होता है। इनमें मानवीयता कूट-कूट कर भरी होती है और विश्वसनीयता इनकी पहचान है। इनमें दिखावा करना, बेवजह हवा में उड़ना, औरों से ईष्र्या नहीं करना जैसे अति विशिष्ट गुण होते हैं। साहस से सदैव सराबोर रहते हैं। लेकिन निर्णय करने में कभी-कभी देरी करते हैं। जीवन में इनको संघर्ष करना पड़ता है। आत्मपीड़क प्रवृŸिा होना इनके लिए घातक साबित होती है। क्रोध पर काबू करना इनके लिए थोड़ा मुश्किल साबित होगा। इन्हें अपने से छोटों से हमेशा प्यार, स्नेह, आदर की आकांक्षा अपेक्षित रहती है। ये अपने प्रेम को प्रदर्शित नहीं करते हैं। आत्मविश्वास को मजबूत करने के लिए इनको ‘‘नीलम रत्न’’ धारण करना चाहिए। इसका प्रतिनिधि ग्रह शनि है। लाल रंग लाल, नारंगी, सिंदूरी रंग को पसंद करने वालों का व्यक्तित्व सूर्य के समान तेजस्वी होता है। ये रंगों का राजा होता है। इनका आभामंडल और मुखमंडल सूर्य के समान देदीप्यमान रहता है। चुंबक सा आकर्षण इनके व्यक्तित्व में झलकता है। ये हर स्थिति में गर्मजोशी से पेश आते हैं। यश, मान-सम्मान के लिए सदा लालायित रहते हैं। ये कुशल प्रबंधक साबित होते हैं। राजनीति और प्रशासनिक प्रबंधन में सिद्ध-हस्त होते हैं। किसी भी कार्य को करने से पहले नफा-नुकसान का आकलन करेंगे। कार्य की सफलता इनके साहस में निहित होती है। इन्हें ‘‘मूंगा रत्न’’ या ‘‘माणिक्य रत्न’’ पहनना चाहिए। इसका प्रतिनिधि ग्रह मंगल है। भूरा रंग भूरा, कत्थई, काॅफी, धूप-छांव जैसे रंग जिन्हें पसंद आते हैं वो अपने दिल के राज को अपने दिल में ही दफन रखते हैं। भीड़-भाड़ से दूर रहना, एकाकी प्रवृŸिा इनकी खासियत है। ये प्रायः अपने दर्द और अंदर की घुटन को उजागर नहीं कर पाते हैं। इनकी मनोस्थिति स्वच्छंद होती है, इन पर किसी का प्रभाव या दबाव नहीं चल सकता है क्योंकि इनकी प्रकृति को सहजता से समझना नामुमकिन है। ये अत्यधिक रुढ़िवादिता प्रदर्शित करते हैं और अपना वश या जोर नहीं चलने पर झगड़ालू स्वभाव प्रदर्शित करेंगे। इनकी विचारधारा भी अत्यंत रहस्यवादी होती है। इन्हें अपने व्यक्तित्व को आकर्षक बनाने के लिए ‘‘गोमेद व संगसितारा रत्न’’ धारण करना चाहिए। जिस तरह राहु ग्रह का स्वभाव/प्रकृति होता है ये वैसे ही स्वभाव के होते हैं। इसका प्रतिनिधि ग्रह राहु है। काला रंग रंगों की रंगीन दुनिया में काले रंग को अंधकार और निराशावादी प्रकृति का द्योतक माना जाता है। इस रंग को पसंद करने वालों की असामान्य बात यह होती है कि ये दुनिया की भीड़ मंे कुछ अलग दिखने की प्रवृŸिा रखते हैं। कठोर अनुशासन प्रियता इनकी अतिविशिष्ट पहचान होती है। अपने में खोये रहना अच्छा लगता है या भीड़ में अपने आपको अलग-थलग महसूस करवाना इनकी आदत में शुमार होता है। ये सदैव निराशा से घिरे रहते हैं या फिर सकारात्मक सोच का सर्वथा अभाव रहता है। आमजन में इनकी प्रकृति अस्वीकार्य होती है। ये इरादे के पक्के होते हैं। ये ‘‘लकीर के फकीर’’ भी होते हैं। नकारात्मक रवैया भले ही इनमें होता है पर साम, दाम, दंड, भेद (चाणक्य नीति) से ये हर काम को आखिरी अंजाम तक पहंुचाते हैं। इनका स्वामी ग्रह शनि होता है। इनको अपने व्यक्तित्व विकास हेतु ‘‘ब्लैक गारनेट, ब्लैक ओपल, ब्लैक कैट्स आई, ब्लैक आॅनेक्स, सुलेमानी, काला हकीक (ब्लैक अगेट)’, ब्लैक स्टार स्टोन, मैग्नेट, ब्लैक पर्ल रत्न’ अवश्य धारण करना चाहिए। इसका प्रतिनिधि ग्रह शनि है।


लक्ष्मी विशेषांक  नवेम्बर 2015

देवी लक्ष्मी को हर प्रकार का धन एवं समृद्धि प्रदायक माना जाता है। आधुनिक विश्व में सबकी इच्छा आरामदेह एवं विलासितापूर्ण जीवन जीने की होती है। प्रत्येक व्यक्ति कम से कम मेहनत में अधिक से अधिक धन कमाने की अभिलाषा रखता है इसके लिए देवी लक्ष्मी की कृपा एवं इनका आशीर्वाद आवश्यक है। दीपावली ऐसा त्यौहार है जिसमें देवी लक्ष्मी की पूजा अनेक तरीकों से इन्हें खुश करने के उद्देश्य से की जाती है ताकि इनका आशीर्वाद प्राप्त किया जा सके। फ्यूचर समाचार के वर्तमान अंक में प्रबुद्ध लेखकों ने अपने सारगर्भित लेखों के द्वारा देवी लक्ष्मी को खुश करने के अलग अलग उपाय बताए हैं जिससे कि देवी उनके घर में धन-धान्य की वर्षा कर सकें, अच्छा स्वास्थ्य प्रदान करें तथा पदोन्नति दें। बहुआयामी महत्वपूर्ण लेखों में सम्मिलित हैं: पंच पर्व दीपावली, लक्ष्मी प्राप्ति के अचूक एवं अखंड उपाय, दोष तंत्र- निरंजनी कल्प, लक्ष्मी को खुश करने के उपाय, दीपावली पर धन प्राप्त करने के अचूक उपाय, श्री वैभव समृद्धिदायिनी महालक्ष्मी अर्चना योग, क्यों नहीं रुकती मां लक्ष्मी, लक्ष्मी प्राप्ति के लिए विभिन्न प्रयोग, दीपावली के 21 उपाय एवं 21 चमत्कार आदि। इसके अतिक्ति कुछ स्थायी काॅलम के लेख भी उपलब्ध कराए गये हैं।

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