कंप्यूटर साफ्टवेयर में अंक ज्योतिष

कंप्यूटर साफ्टवेयर में अंक ज्योतिष  

कंप्यूटर साॅफ्टवेयर मंे अंक ज्योतिष विनय गर्ग, फ्यूचर पाॅइंट भविष्य जानने के लिए ज्योतिष शास्त्र, हस्तरेखा शास्त्र, अंक शास्त्र तथा अन्य कई विधाएं हैं। लेकिन अंक शास्त्र ऐसी विधा है, जिसके द्वारा कम समय में कम मेहनत द्वारा सटीक एवं जीवनोपयोगी जानकारी प्राप्त की जा सकती है। कैसे आप अंक शास्त्र का उपयोग करके जीवन में लाभ उठा सकते हैं, जानिए इस लेख में... भ विष्य जानने के लिए अंकों का अपना महत्व है। अंक ज्योतिष में मुख्यतः 3 तरह के अंक माने जाते हैं: 1. नामांक 2. मूलांक 3. भाग्यांक। अंक ज्योतिष द्वारा लाभ उठाने के लिए इन अंकों का उपयोग लोकप्रिय है। उदाहरण के लिए यदि नामांक, मूलांक और भाग्यांक से मेल न खाता हो तो ऐसा नाम जातक के लिए भाग्यवर्धक या सार्थक नहीं होगा। अतः व्यक्ति को अपना नाम मूलांक और भाग्यांक के आधार पर ही रखना चाहिए। मूलांक और भाग्यांक निकालने के लिए जन्म तिथि का े आधार माना जाता है जबकि नामांक निकालने के लिए नाम के अंग्रेजी अक्षरों को आधार माना जाता है। प्रत्येक अंग्रेजी अक्षर के लिए एक अंक निश्चित होता है। इन्हीं अंकों को जोड़कर नामांक निर्धारित किया जाता है। संसार में नाम नहीं तो कुछ भी नहीं। सही फलदायी नाम से ही मनुष्य देश-विदेश में प्रसिद्धी पाता है। अतः हमेशा ऐसे नाम का चुनाव करना चाहिए जो समाज में यश, कीर्ति तथा प्रतिष्ठा प्रदान करे और सदियों तक आदर के साथ याद किया जाए। आपका नाम आपके भाग्य व प्रतिष्ठा को बढ़ाने में कितना साथ दे रहा है निम्न गणना से आप जान सकते हैं एवं नाम को ठीक कर अपने भाग्य की वृद्धि कर सकते हैं। मूलांक स्वामी एवं भाग्यांक स्वामी ग्रहों का आपस में ग नैसर्गिक रूप से मैत्रीपूर्ण संबंध व्यक्ति को समाज में प्रतिष्ठा दिलाता है। यदि आप मूलांक एवं भाग्यांक के ग्रहों का संपूर्ण फल प्राप्त करना चाहते हैं तो अपने नाम में इस प्रकार से परिवर्तन करें कि आपका नाम आपके मूलांक तथा भाग्यांक के साथ उत्तम तालमेल स्थापित कर सके। नाम में परिवर्तन करने के कारण मूलांक स्वामी एवं भाग्यांक स्वामी ग्रह के पूर्ण फल प्राप्त होंगे तथा आपका नाम समाज के विभिन्न क्षेत्रों में लोकप्रियता प्राप्त करने में सफल रहेगा। अपने नाम का अच्छा फल पाना चाहते हैं तो ऐसे नाम का चुनाव कीजिए जो कि आपके नामांक तथा भाग्यांक दोनों से ही मिलान करे। ऐसा नाम रुकी हुई प्रगति के द्वार खोलेगा तथा आप पूर्णरूपेण सांसारिक सफलताएं अर्जित करेंगे। नाम में परिवर्तन करने की विधिः नाम में परिवर्तन करने हेतु अंग्रेजी वर्णाक्षरों को अंकों में परिवर्तन करने की विधि उदाहरण सहित नीचे दी जा रही है। इसकी सहायता से आप आसानी से नाम में परिवर्तन अथवा वांछित संषोधन कर अपने अनुकूल नामांक बना सकते हैं। अंक ज्योतिष का सबसे महत्वपूर्ण उपयोग जातक के अनुकूल जानकारी प्राप्त करना तथा जीवन में उसका प्रयोग करके लाभ उठाना ही है। अंक ज्योतिष के द्वारा निम्नलिखित जानकारी प्राप्त की जा सकती है: अनुकूल समय अनुकूल दिवस शुभ तारीखें अशुभ तारीखें मित्रता या साझेदारी प्रेम संबंध एवं विवाह अनुकूल रंग वास्तु एवं लिबास वाहन, यात्रा, होटल स्वास्थ्य तथा रोग व्यवसाय व्रत एवं उपवास अनुकूल रत्न, उपरत्न अनुकूल देवता ग्रह ध्यान मंत्र ग्रह जप मंत्र वनस्पति धारण वनस्पति दान पदार्थ यंत्र उदाहरण के लिए यदि किसी की जन्मतिथि 11-07-1964 है तो इनका मूलांक 1$1=2 होगा तथा भाग्यांक 1$1$0$7$1$9$6$4=29 =2$9 =11 =1$1=2 होगा इस जातक के लिए सर्वप्रथम हमें देखना चाहिए कि नामांक का तालमेल मूलांक और भाग्यांक 2 के साथ शुभ हो। इसके पश्चात अनुकूल जानकारियों की गणना निम्न प्रकार होगी: अनुकूल समय: मूलांक 2 के लिए अनुकूल देवता चंद्रमा माना गया है। सूर्य 16 जुलाई से 16 अगस्त तक कर्क राषि में रहता है। कर्क राषि चंद्रमा की स्वयं की राषि है। 13 मई से 14 जून तक सूर्य वृष राषि में होता है, जो कि चंद्रमा की उच्च राषि है। अतः यह समय मूलांक 2 के लिए कोई भी नया या महत्वपूर्ण कार्य करने के अधिक उपयुक्त होगा। अनुकूल दिवस: क्योंकि मूलांक 2 के लिए सोमवार, शुक्रवार तथा रविवार शुभ दिन माने गए हैं अतः यदि इन्हीं वारों में मूलांक 2 की तारीख भी हो तो ऐसा दिन सभी कार्यों के लिए अच्छा रहता है। शुभ तारीखें/ मित्रता या साझेदारी/ प्रेम संबंध एवं विवाह: मूलांक 2 के लिए 2,7 और 9 के अंक शुभ माने गए हैं। अतः इन्हीं मूलांकों में किसी भी माह की ये तारीखें पड़ें तो शुभ होगा। अर्थात 2, 7, 9, 11, 16, 18, 20, 25, 27 एवं 29 तारीख शुभ तारीखें होंगी। इसी प्रकार मित्रता या साझेदारी, प्रेम संबंध एवं विवाह के लिए 2, 7 एवं 9 मूलांक वाले व्यक्ति ऐसे व्यक्ति के लिए हितकारी सिद्ध हो सकते हैं और इन मूलांकों वाली स्त्रियां हमेशा जातक के लिए अनुकूल रहती हैं। अशुभ तारीखें: मूलांक 2 के लिए अशभ्ु ा अकं 5 आरै 8 मान े गए ह।ंै अतः किसी मास की मूलांक 5 एवं 8 पर आधारित तारीखें अशुभ तारीखें हांेगी। इस प्रकार इस जातक के लिए 5, 8, 14, 17, 23 एवं 26 अशुभ तारीखें होंगी। अनुकूल रंग: मूलांक 2 के लिए अनुकूल रंग सफेद, हरा या काफूरी उपयुक्त माना गया है। इनका अधिकाधिक प्रयोग जातक के लिए विशेष लाभप्रद रहता है। वास्तु एवं निवास: मूलांक 2 के लिए अनुकूल देवता चंद्रमा है तथा चंद्रमा की दिशा उत्तर-पश्चिम (वायव्य कोण् ा) होती है। अतः जातक को वायव्य कोण में रहना अनुकूल रहेगा। यदि मकान का नंबर मूलांक 2, 7, 9 आता हो तो वह और भी शुभ होगा। अनुकूल देवता भगवान शिव को माना गया है। अतः जातक को शिव भगवान की उपासना करनी चाहिए। स्वास्थ्य एवं रोग: मूलांक 2 का स्वामी चंद्रमा तथा देवता शिव हैं। अतः जातक को चंद्र से संबंधित बीमारी जैसे कमजोरी, क्षीणता, उद्वेग, मस्तक पीड़ा, संवेदनशीलता, मूत्र एवं गैस जैसे रोग हो सकते हैं। अतः जातक को अनुकूल देवता शिव की उपासना करनी चाहिए। व्यवसाय: मूलांक 2 के लिए संबंधित ग्रह चंद्र है अतः जातक को चंद्र से संबंधित वस्तुओं जैसे द्रव पदार्थ, समुद्र यात्रा, चीनी, अन्न का व्यवसाय, रसीले पदार्थ, दूध, दही, घी या जल से संबंधित कार्य करना, एजेंट, संपादन, अभिनय या मोती रत्न से संबंधित कार्य करना अनुकूल रहेगा। उपवास: मूलांक 2 का संबंधित वार सोमवार है अतः जातक को सोमवार का व्रत करना लाभकारी रहेगा। अनुकूल रत्न: मूलांक 2 के लिए चंद्रमा अनुकूल ग्रह होता है अतः जातक को मोती धारण करना शुभ होगा। ग्रह ध्यान/ जप मंत्र: मूलांक 2 के जातक के लिए चंद्रमा अनुकूल ग्रह है अतः जातक को प्रातःकाल उठकर मन में चंद्र की मूर्ति प्रतिष्ठित करके चंद्र के मंत्र का पाठ करना चाहिए। अशुभ चंद्र को अनुकूल बनाने हेतु जातक को चंद्र के निम्न मंत्र का जप करना वांछित लाभ दिलाता है। ¬ श्रां श्रीं श्रौं सः चंद्रमसे नमः।। जप संख्या 13000 वनस्पति धारण/ स्नान: मूलांक 2 के जातक के लिए चांदी, मोती, शंख, सीप और कुमुद आदि औषधियों का चूर्ण बनाकर पानी में डालकर स्नान करना सभी प्रकार के रोगों से मुक्ति देने वाला साबित होगा। दान पदार्थ/ यंत्र: मूलांक 2 के जातक के लिए चंद्र की शांति हेतु चंद्र के पदार्थ जैसे चावल, कपूर, चांदी, सफेद वस्त्र, सफेद चंदन या दही का दान करना लाभकारी होगा। इसी प्रकार चंद्र से संबंधित यंत्र धारण करना जातक के लिए लाभकारी रहेगा। यह सभी जानकारी ज्योतिष के मशहूर साॅफ्टवेयर लियो गोल्ड तथा पाॅकेट कंप्यूटर के प्रोग्राम लियो पाम में विस्तृत रूप से जातक विशेष के लिए उपलब्ध है। इसमें नामांक विचार के अतिरिक्त अंक जीवन ग्राफ के बारे में भी जानकारी दी गई है जिसके द्वारा जातक अपने जीवन के उतार चढ़ावों को स्वयं भली भांति समझ सकता है एवं उनके आधार पर अपने कार्य की रूपरेखा तैयार कर सकता है।



पराविद्याओं को समर्पित सर्वश्रेष्ठ मासिक ज्योतिष पत्रिका  अप्रैल 2006

सभ्यता के आरम्भिक काल से ही फलकथन की विभिन्न पद्धतियां विश्व के विभिन्न हिस्सों में प्रचलित रही हैं। इन पद्धतियों में से अंक ज्योतिष का अपना अलग महत्व रहा है यहां तक कि अंक ज्योतिष भी विश्व के विभिन्न हिस्सों में अलग-अलग रूपों में प्रचलित है तथा इन सब में आपस में ही विभिन्नता देखने को मिलती है। हालांकि सभी प्रकार के अंक ज्योतिष के उद्देश्य वही हैं तथा इनका मूल उद्देश्य मनुष्य को मार्गदर्शन देकर उनका भविष्य बेहतर करना तथा वर्तमान दशा को सुधारना है। फ्यूचर समाचार के इस विशेषांक में अंक ज्योतिष के आधार पर फलकथन को वरीयता दी गयी है। इसमें मुख्यतः कीरो की पद्धति का अनुशरण किया गया है। इसके अन्तर्गत समाविष्ट महत्वपूर्ण आलेखों में- अंक ज्योतिष का परिचय एवं महत्व, अंक फलित के त्रिकोण प्रेम, बुद्धि एवं धन, मूलांक से जानिए भाग्योदय का समय, नाम बदलकर भाग्य बदलिए, हिन्दी के नामाक्षरों द्वारा व्यवसाय का चयन, अंक ज्योतिष का महत्वपूर्ण पहलू स्तूप, अंक एवं आॅपरेशन दुर्योधन, मूलांक, रोग और उपाय, अंक विद्या द्वारा जन्मकुण्डली का विश्लेषण आदि। इन आलेखों के अतिरिक्त दूसरे भी अनेक महत्वपूर्ण आलेख अन्य विषयों से सम्बन्धित हैं। इसके अतिरिक्त पूर्व की भांति स्थायी स्तम्भ भी संलग्न हैं।

सब्सक्राइब

अपने विचार व्यक्त करें

blog comments powered by Disqus
.