सोना न पहने वाली महिलाएं हो जायें सावधान

दिसम्बर 2017

व्यूस: 4121

ज्योतिष शास्त्र (Vedic Astrology) में ग्रहों और धातुओं का सीधा व घनिष्ठ संबंध माना गया है| सूर्य-सोने और तांबे पर, शुक्र व चंद्रमा-चांदी, मंगल-तांबे, गुरु-सोने और शनि व राहू-लोहे पर आधिपत्य रखते हैं|... और पढ़ें

ज्योतिषविवाह

शादी बचपन में या 55 में

मार्च 2014

व्यूस: 4109

ज्योतिषीय विधान में विवाह कार्य की सिद्धि हेतु जन्म कुण्डली के सप्तम भाव तथा कारक ग्रह को देखा जाता है। लेकिन कुंडली में द्वितीय तथा एकादष भाव भी विवाह में महत्वपूर्ण होते हैं। जन्म कुंडली का सप्तम भाव जीवनसाथी तथा साझेदारी का होत... और पढ़ें

ज्योतिषविवाह

वरुण-यामिनी का दाम्पत्य जीवन

अप्रैल 2011

व्यूस: 4025

नेहरु परिवार की अब तक की परंपरा में कुल मिलाकर दाम्पत्य संबंधी श्रेष्ठ परिणाम दूर ही रहे हैं। हाल ही में एक लंबे अरसे के बाद 6 मार्च 2011 को वरुण-यामिनी का दाम्पत्य संबंध भविष्य में किस प्रकार व क्या क्या परिवर्तनों का आगाज करेगा,... और पढ़ें

ज्योतिषज्योतिषीय योगकुंडली व्याख्याघरविवाहग्रहभविष्यवाणी तकनीक

गर्भावस्था के दौरान रखें इस खास बातों का खयाल

दिसम्बर 2014

व्यूस: 4012

गर्भावस्था के दौरान महिला का अपना और अपने होने वाले शिशु दोनोंका खास खयाल रखना चाहिये।... और पढ़ें

स्वास्थ्यउपायसुखविवाहविविध

प्रेमविवाह के ज्योतिषीय योग

जनवरी 2007

व्यूस: 3841

प्रेम विवाह कराने वाले निम्नलिखित योग होते हैं। जिनका वर्णन कर रहा हूं। Û द्वादशेश तथा द्वितीयेश का आपस में स्थान परिवर्तन योग। Û द्वितीयेश तथा द्वादशेश की पहले, दूसरे, पांचवें या 12वें भाव में युति। Û पंचमेश व सप्तमेश की पहले... और पढ़ें

ज्योतिषज्योतिषीय योगविवाहभविष्यवाणी तकनीक

विवाह संस्कार - ज्योतिषीय पृष्ठभूमि व सिद्धिदायक उपाय

मार्च 2014

व्यूस: 3832

विवाह गृहस्थ आश्रम अर्थात वंशवृक्ष की वाटिका में प्रवेश करने का प्रथम सोपान है। इस मधुर सौभाग्य की प्राप्ति हेतु हर युवा स्वप्न की कल्पनाओं में सर्वदा लीन रहता है। परंतु कल्पनाओं के इस क्रम में कुछ ऐसे सौभाग्यशाली हैं जिनकी ये आशा... और पढ़ें

ज्योतिषविवाहभवन

बहुविवाह एवं बहुविवाह योग पर विचार

जनवरी 2007

व्यूस: 3814

प्राचीन में बहुविवाह को अधिक मान्यता थी। इस समय अनेक राजा-महाराजाओं ने अनेकों पत्नियां, दासियां रखते थे। जहां तक देवता भी अनेक पत्नियां व पटरानियां रखते थे। स्वयं भगवान राम के पिता जनक के तीन रानियां थी। कृष्ण ने कई रानियां व सैकड़... और पढ़ें

ज्योतिषज्योतिषीय योगविवाहभविष्यवाणी तकनीक

हस्तरेखा द्वारा विवाह मिलाप

मार्च 2015

व्यूस: 3694

विवाह एक बहुत महत्वपूर्ण सामाजिक संयोग है जिसमें दो लोग मिलकर नई कल्पनायें और आषाओं के साथ एक नये जीवन का प्रारंभ करते हैं। इस जीवन को और सुखद और खुषमय बनाने के लिये आवष्यक है दोनांे व्यक्तियों के बीच में विवाह मिलाप करना। यह अ... और पढ़ें

हस्तरेखा शास्रविवाहभविष्यवाणी तकनीक

दाम्पत्य सुख

मार्च 2014

व्यूस: 3689

जन्म पत्रिका में संयम और बौद्धिकता से यदि तलाशा जाये तो ग्रह-नक्षत्रों के ऐसे अनेक संयोग मिल जाएंगे जो लड़कियों का विवाह करवाने, न करवाने अथवा विलंब आदि से करवाने के संकेत देते हैं। ग्रह-गोचर आदि की सूक्ष्म गणनाओं से विवाह की समयाव... और पढ़ें

ज्योतिषविवाह

आजीवन साथ रहने के वायदे करने के बाद भी क्यों होता है तलाक?

जनवरी 2015

व्यूस: 3620

वैवाहिक जीवन पति-पत्नी का धर्म सम्मत समवेत संचरण है। इसी मन्तव्य से विवाह संस्कार में वर-वधू आजीवन साथ रहने और कभी वियुक्त नहीं होने के लिए प्रतिश्रुत कराया जाता है:... और पढ़ें

ज्योतिषविवाहभविष्यवाणी तकनीक

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