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मंगल एवं शुक्र की भूमिका: संदर्भ सप्तम भाव

जनवरी 2007

व्यूस: 4849

चंद्र मन का प्रतिनिधित्व करता है और मन काम शक्ति का कारक है। सभी प्रकार के संबेधों का कारण भी चंद्र होता है। जब चंद्र की दृष्टि, युति आदि सूर्य से हो, तो संबंध में आश्रय पाने के विचार होते हैं। मंगल कारण कर्मठ व्यक्तियों से, बुध क... और पढ़ें

ज्योतिषज्योतिषीय योगविवाहभविष्यवाणी तकनीक

मंगली दोष एवं ग्र्रह मेलापक

अकतूबर 2009

व्यूस: 4813

दांपत्य जीवन एवं दांपत्य सुख का निर्णय करने वाले अनेक महत्त्वपूर्ण तथ्यों में से मंगली दोष एक है। यह अकेला न तो दांपत्य जीवन को सुखमय बना सकता है और न दुःखमय। अतः लोगों को चाहिए कि वे मंगली के नाम से न घबराएं तथा इसके प्र्रभाव का ... और पढ़ें

ज्योतिषज्योतिषीय योगकुंडली व्याख्याघरविवाहग्रहभविष्यवाणी तकनीक

विवाह और वैवाहिक जीवन

जुलाई 2004

व्यूस: 4481

विवाह विचार: विवाह के विषय में विचार करने के लिए जातक की जन्मकुंडली के सप्तम भाव का विश्लेषण करते हैं। इसके अतिरिक्त जब विवाह संपन्न होता है, तो उसके कुटुंब में भी वृद्धि होती है। अतः इस प्रकार जातक के द्वितीय भाव का भी विश्लेषण क... और पढ़ें

ज्योतिषज्योतिषीय योगकुंडली व्याख्याविवाहभविष्यवाणी तकनीक

शनि व मंगल की वैवाहिक सुख में भूमिका

मार्च 2014

व्यूस: 4395

जातक या जातिका की जन्मकुंडली से विवाह संबंधी सूचना कुंडली के द्वितीय, पंचम, सप्तम एवं द्वादश भावों का विश्लेषण करने से मिलती है। द्वितीय भाव परिवार का द्योतक है तथा पति पत्नी परिवार की मूल इकाई हैं। सातवें भाव से अष्टमस्थ होने के ... और पढ़ें

ज्योतिषग्रहविवाहभवन

शादी बचपन में या 55 में

मार्च 2014

व्यूस: 4270

ज्योतिषीय विधान में विवाह कार्य की सिद्धि हेतु जन्म कुण्डली के सप्तम भाव तथा कारक ग्रह को देखा जाता है। लेकिन कुंडली में द्वितीय तथा एकादष भाव भी विवाह में महत्वपूर्ण होते हैं। जन्म कुंडली का सप्तम भाव जीवनसाथी तथा साझेदारी का होत... और पढ़ें

ज्योतिषविवाह

विवाह सुख में बाधा दर्शाने वाले योग और लाल किताब द्वारा उनके उपाय

जुलाई 2006

व्यूस: 4251

विवाह होकर भी कई बार दंपतियों को वैवाहिक सुख नहीं मिल पाता। इसके मूल में कई ऐसी बातें हैं जिनकी ओर किसी का ध्यान नहीं जाता। छोटे-छोटे सरल उपायों द्वारा वैवाहिक जीवन को सुखी बनाया जा सकता है। क्या हैं वैवाहिक सुख की बाधाएं और उन... और पढ़ें

ज्योतिषउपायलाल किताबविवाह

वरुण-यामिनी का दाम्पत्य जीवन

अप्रैल 2011

व्यूस: 4185

नेहरु परिवार की अब तक की परंपरा में कुल मिलाकर दाम्पत्य संबंधी श्रेष्ठ परिणाम दूर ही रहे हैं। हाल ही में एक लंबे अरसे के बाद 6 मार्च 2011 को वरुण-यामिनी का दाम्पत्य संबंध भविष्य में किस प्रकार व क्या क्या परिवर्तनों का आगाज करेगा,... और पढ़ें

ज्योतिषज्योतिषीय योगकुंडली व्याख्याघरविवाहग्रहभविष्यवाणी तकनीक

विवाह संस्कार - ज्योतिषीय पृष्ठभूमि व सिद्धिदायक उपाय

मार्च 2014

व्यूस: 4018

विवाह गृहस्थ आश्रम अर्थात वंशवृक्ष की वाटिका में प्रवेश करने का प्रथम सोपान है। इस मधुर सौभाग्य की प्राप्ति हेतु हर युवा स्वप्न की कल्पनाओं में सर्वदा लीन रहता है। परंतु कल्पनाओं के इस क्रम में कुछ ऐसे सौभाग्यशाली हैं जिनकी ये आशा... और पढ़ें

ज्योतिषविवाहभवन

प्रेमविवाह के ज्योतिषीय योग

जनवरी 2007

व्यूस: 4017

प्रेम विवाह कराने वाले निम्नलिखित योग होते हैं। जिनका वर्णन कर रहा हूं। Û द्वादशेश तथा द्वितीयेश का आपस में स्थान परिवर्तन योग। Û द्वितीयेश तथा द्वादशेश की पहले, दूसरे, पांचवें या 12वें भाव में युति। Û पंचमेश व सप्तमेश की पहले... और पढ़ें

ज्योतिषज्योतिषीय योगविवाहभविष्यवाणी तकनीक

बहुविवाह एवं बहुविवाह योग पर विचार

जनवरी 2007

व्यूस: 3973

प्राचीन में बहुविवाह को अधिक मान्यता थी। इस समय अनेक राजा-महाराजाओं ने अनेकों पत्नियां, दासियां रखते थे। जहां तक देवता भी अनेक पत्नियां व पटरानियां रखते थे। स्वयं भगवान राम के पिता जनक के तीन रानियां थी। कृष्ण ने कई रानियां व सैकड़... और पढ़ें

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