विवाह सुख में बाधा दर्शाने वाले योग और लाल किताब द्वारा उनके उपाय

विवाह सुख में बाधा दर्शाने वाले योग और लाल किताब द्वारा उनके उपाय  

विवाह सुख में बाधा दर्शाने वाले योग सुल्तान सिंह वाहिक जीवन सुखी रहे इस बात को ध्यान में रखते हुए कुंडली मिलान किया जाता है। परंतु ज्योतिषी कई बार कुछ बातों को नजरअंदाज भी कर देते हैं। वैवाहिक सुख को प्रभावित करने वाली कई स्थितियां होती हैं। उन स्थितियों का आकलन करते हुए यहां वैवाहिक जीवन को प्रभावित करने वाले कुछ योगों का विस्तृत विवेचन किया जा रहा है। खाना नं. 1 में चंद्र हो और खाना नं. 7 खाली हो तो उम्र के 24वें साल शादी नहीं करें। अगर शादी हो गई तो उम्र का 25वां साल मंदा असर देना शुरू कर देगा। उपाय: घर में आया रखें या गाय पालें तो जागा चंद्र मंदा असर नहीं देगा। नोट: लाल किताब में लग्न को खाना नं. 1 से जाना जाता है, उसके बाद खाना नं. 2, 3, 4... एन्टीक्लाकवाइज चलते हैं। खाना नं. 7 में चंद्र हो और खाना नं . 1 खाली हो तो उम्र के 24वें साल शादी नहीं करनी चाहिए। 25वें वर्ष सारे ग्रह मंदा असर देंगे। शादी के बाद चंद्र (सास) - शुक्र (बहू) का झगड़ा हो सकता है और टेवे वाले की माता व धन दौलत के बर्बाद होने की संभावना रहती है। उपाय: शादी के वक्त जातक के घर में जातक के वजन के बराबर दूध, चावल और पानी मौजूद रहे या जातक को ससुराल से खालिस चांदी मिले तो चंद्र का मंदा असर नहीं होगा। खाना नं. 1 में सूर्य हो और 7 खाली हो तो शादी 22 साल की उम्र से पहले कर लेनी चाहिए। 22वें साल शादी नहीं करनी चाहिए। उम्र के 22 वें साल में शादी करने पर 24 वें साल सभी ग्रह मंदा असर देंगे। उपाय: घर में आया या हैंडपंप कायम रहे तो मंदा असर नहीं होगा। खाना नं. 7 में सूर्य हो और लग्न खाली हो तो 22वें साल शादी नहीं करनी चाहिए। खाना नं. 1 में मंगल हो और 7 खाली हो, नं. 4 में मंगल हो और 10 खाली हो, 2 में मंगल हो व खाना नं. 10 खाली हो, खाना नं. 7 में मंगल हो व लग्न खाली हो, नं. 9 में मंगल हो व 3, 5 खाली हों, तो शादी उम्र के 28वें साल नहीं करनी चाहिए। खाना नं. 1 या 7 में राहु हो तो उम्र के 21वें वर्ष शादी नहीं करनी चाहिए। अगर लड़की के 7वें में राहु हो तो तलाक या वियोग हो जाएगा। अगर लड़के के नं. 7 में राहु हो तो ससुराल के लिए मंदा होगा। पति-पत्नी में शाम को झगड़े हो सकते हैं। उपाय: ऐसे जातक को शादी उम्र के 28वें साल के बाद करनी चाहिए और ऐसा जातक कभी-कभी 7 की तादाद में सूखे नारियल दरिया में बहाता रहे व कुत्ता न पाले। राहु का जहर कम असर करेगा। शुक्र खाना नं. 4 में हो व खाना नं. 2, 7 और 10 खाली हों, तो उम्र के 25वें साल में शादी नहीं करनी चाहिए। यदि हो गई तो जातक नशेड़ी हो जाएगा व पुत्र होने के योग नहीं होंगे। जातक की पत्नी उम्र में जातक से ज्यादा दिखेगी। उपाय: ऐसे जातक को पत्नी से दोबारा फेरे ले लेने चाहिए, ताकि शुक्र का जहर खत्म हो जाए और औलाद हो सके। शुक्र लग्न में हो और खाना नं. 7 खाली हो, शुक्र खाना नं. 4 में हो व 10 खाली हो तो उम्र के 25वें वर्ष में शादी नहीं करनी चाहिए। अगर हो गई तो 28 साल के आते ही जातक नशेड़ी हो जाएगा। शुक्र 1 में हो व खाना नं. 3 खाली हो, खाना नं. 6 में अकेला शुक्र हो तो उम्र के 25 वें वर्ष शादी नहीं करनी चाहिए। शुक्र 11 में हो व खाना नं. 3 खाली हो तो ऐसी स्त्री से विवाह न करें, जिसका कोई भाई न हो। अगर कुंडली में सूर्य व शुक्र किसी भी घर में साथ बैठे हों तो उम्र के 22वें या 25 वें वर्ष में विवाह न करें। जब भी शादी हो, जातक ससुराल से कांसे का बर्तन ले व लड़की हाथों में सोने का अनंत पहने। किसी जातक के सूर्य, बुध और राहु साथ में बैठे हों तो वह 28 वर्ष से पहले शादी न करे अन्यथा शादियां कई होंगी व गृहस्थ सुख नही मिलेगा। उपाय: मंदिर में दूध दान करे व चांदी का कड़ा पहने। जिस घर में शुक्र बैठा हो उसके दायें-बायें पापी ग्रह हों या उसके चैथे या आठवें में सूर्य, मंगल या शनि हो तो स्त्री जल कर मरेगी। उपाय: ऐसा जातक पुखराज धारण करे व मंदिर में माथा टेके। सूर्य पहले घरों में शनि बाद के घरों में या सूर्य, शनि साथ बैठे हों, सूर्य नं. 6 व शनि खाना नं. 12 में या सूर्य नं. 1 व शनि नं. 8 में, शुक्र खाना नं. 2, या 7 में व बुध खाना नं. 5 में हो तो ऐसे जातक के कई विवाह हो सकते हैं। पर संभव है स्त्री एक भी न बचे। उपाय: जातक पीला पुखराज पहने व केसर लगाए। सूर्य नं. 5 में व गुरु खाना नं. 10 में हो तो ऐसे जातक की पत्नी एक लड़के को जन्म देकर या तो मर जाएगी या पति को छोड़ जाएगी। उपाय: जातक कुत्तों को सुबह के समय रोटी दे व दूध पिलाएं और पुखराज पहने। सूर्य नं. 6 में व मंगल 10 में हो तो लड़के तो कई होंगे पर उनके बचने की संभावना कम होगी। उपाय: सिरहाने दूध रखकर सुबह मंदिर में दे। अगर जातक का चंद्र नं. 11 में हो व उसके होने वाले ससुर का भी चंद्र 11 में हो तो सुबह के वक्त कन्यादान नहीं करना चाहिए, अन्यथा वैवाहिक जीवन सुखी नहीं रहेगा। जातक के बुध, शुक्र, चंद्र और मंगल खाना नं. 7 में हों तो शादी 28 या 34 साल की उम्र के बाद करनी चाहिए। उससे पहले करने पर तलाक व जुदाई होगी। शुक्र के साथ राहु बैठा हो तो 25वें वर्ष विवाह न करें। शनि नं. 6 में बैठा हो तो जातक 28 साल से पहले शादी न करे। सूर्य, बुध और शुक्र एक साथ खाना नं. 8 में हांे तो 34 वें वर्ष विवाह न करें, अन्यथा स्त्री विवाह के 3 वर्ष के भीतर दिन में मरेगी। पत्नी की कुंडली के सातवें भाव में सूर्य, बुध या शुक्र होने पर यदि उसकी पहली संतान बेटा हो और पति के उसी भाव में उक्त ग्रहों में से कोई एक ग्रह होने पर यदि पहली संतान बेटी हो तो पत्नी को जुबान की बीमारियां हो सकती हैं या वह ।



पराविद्याओं को समर्पित सर्वश्रेष्ठ मासिक ज्योतिष पत्रिका  जुलाई 2006

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