नाम बदलकर भाग्य बदलिए

नाम बदलकर भाग्य बदलिए  

10 से 80 संयुक्त अंकों का फलादेश कीरो की अंक विज्ञान से संबंधित किसी भी पुस्तक से ज्ञात कर सकते हैं। उदाहरण 1. CHEIRO (कीरो) 3 5 5 1 2 7 = 23 अंक 23 का फलादेश इस प्रकार है: इस अंक को सिंह का राजसी नक्षत्र कहा जाता है। यह अंक सफलता एवं मित्रों द्वारा सहायता तथा उच्च पदस्थ लोगों द्वारा संरक्षण का संदेश देता है। यदि यह अंक भविष्य की घटनाओं के संबंध में आए तो सौभाग्यसूचक अंक है। ऐसे व्यक्ति की भावी योजनाएं सफल होंगी। उदाहरण 2. (महात्मा गांधी) MAHATMA GANDHI 4 1 5 1 4 4 1+ 3 1 5 4 5 1 = 39 अंक 39 का फलादेश इस प्रकार है: यह अंक विचार-संतुलन तथा अपने सहयोगियों से मानसिक स्तर में ऊंचे होने का सूचक है। ऐसे लोग भौतिकता से अधिक लगाव रखते हैं। यह व्यक्ति विशेष के सोचने की क्षमता पर सौभाग्य या दुर्भाग्य-प्रदाता होता है। यह शक्तिशाली अंक है। यदि व्यक्ति भौतिकता से लगाव न रखे तो बहुत शक्तिसंपन्न हो सकता है। इस प्रकार हमने देखा कि नाम का हमारे जीवन में बड़ा ही महत्व है। हमें जीवन में अपेक्षित सफलता नहीं मिल रही है या कष्टपूर्ण जीवन व्यतीत करना पड़ रहा है तो कहीं हमारे नाम का संयुक्त अंक गलत फलादेश तो नहीं दे रहा है। यदि ऐसा होता है तो हमें अपने नाम में वर्णित अक्षरों में घटत-बढ़त करनी चाहिए और अपने नाम का फलादेश सुखद कर लेना चाहिए। ऐसा नहीं है कि नाम में अक्षरों के परिवर्तन से तुरंत लाभ होने लगेगा या उसका प्रभाव तुरंत महसूस होने लगेगा। कहते हैं नेपोलियन जब तक अपना नाम Napolean Bounaparte लिखता रहा तब तक उसके नाम के संयुक्तांक का उसके जीवन पर शुभ प्रभाव रहा। किंतु किसी कारण से उसने अपने नाम के अक्षर बदल लिए और नए अक्षर Napolean Bonaparte रख लिए। इस नए नाम के संयुक्तांक का प्रभाव बहुत ही अशुभ रहा और नेपोलियन को अपने प्राण तक गंवाने पड़े। आइए देखें कि उसके पहले नाम व बाद के नाम में क्या अंतर आया व उसके क्या गुण तथा प्रभाव हैं: पुराना नाम नया नाम छ 5 छ 5 । 1 । 1 च् 8 च् 8 व् 7 व् 7 स् 3 स् 3 म् 5 म् 5 व् 7 व् 7 छ 5 छ 5 41 त्र 5 41 त्र 5 ठ 2 ठ 2 न् 6 व् 7 व् 7 छ 5 छ 5 । 1 । 1 च् 8 च् 8 । 1 । 1 त् 2 त् 2 ज् 4 ज् 4 म् 5 म् 5 35 त्र 8 41 त्र 5 5़5त्र ;10द्ध ;1द्ध 5़8त्र ;13द्ध 1़3त्र ;4द्ध नेपोलियन के नाम का अंक 41 तथा उपनाम का अंक भी 41 बनता है। अंक 41 एक चमत्कारपूर्ण अंक है। यह अंक व्यक्तियों या राष्ट्रों के समुच्चय का बोधक है। यदि इस अंक वाला व्यक्ति अपने इरादे को स्वयं कार्यान्वित करे, तो सफलता उसके कदम चूमेगी। यदि वह किसी दूसरे के द्वारा बताए गए मार्ग पर चलेगा तो असफलता निश्चित है। यह एक अति शुभ अंक है। नेपोलियन के दोनों नामों का संयुक्तांक 82 बनता है। परंतु अंक विद्या में 82 के गुण व प्रभाव नहीं दिए गए हैं। नेपोलियन ने जब नाम के अक्षर बदले तो उसका क्या परिणाम हुआ आइए देखंे: नये उपनाम ठवदंचंतजम के अनुसार अंक मिला 35। अंक 35 वाले व्यक्तियों का भविष्य धुंधला होता है। यह अंक साझेदारी, सट्टे और गलत परामर्श से हानि का द्योतक है। इस अंक वाले व्यक्तियों को अपने भविष्य के संबंध में बहुत ही सोच-समझकर कदम उठाना चाहिए। पुराने नाम के अनुसार छंचवसमंद नाम का संयुक्तांक है 41त्र4़1त्र5 य ठवदंचंतजम उपनाम का संयुक्तांक है 41त्र4़1त्र5 त्र5़5 त्र 10 त्र 1 अंक 5 एक जादुई शक्ति वाला अंक है। प्राचीन यूनान में भी युद्ध के समय इस अंक को सौभाग्यजनक अंक के रूप में प्रयोग किया जाता था। नेपोलियन के दोनों नामों का योग 10 बनता है। अंक 10 को ‘भाग्य का चक्र’ माना जाता है। यह अंक आत्मविश्वास, निष्ठा और सम्मान का प्रतीक है। इस अंक से व्यक्ति के जीवन में आने वाले उतार-चढ़ाव का भी बोध होता है। इस अंक वाले व्यक्ति की सभी इच्छाएं पूर्ण होती हैं और वह अपने अच्छे या बुरे इरादों के अनुरूप ही पहचाना जाता है। यह एक सौभाग्यशाली अंक माना जाता है। नाम के हिस्सों को बदलने के बाद उपनाम का अंक मिला 35 नए नाम के अनुसार छंचवसमवद नाम का संयुक्तांक आता है 41त्र4़1त्र5 ठवदंचंतजम उपनाम का संयुक्तांक आता है 35त्र3़5त्र8 5़8त्र13 त्र 4 अंक 8 का स्वामी ग्रह शनि है। नाम बदलते ही शनि उसके पीछे पड़ गया। शनि का प्रभाव दो वर्ष छः मास से लेकर 30 वर्ष तक रहता है। प्रत्येक राशि पर यह ढाई वर्ष रहता है और 30 वर्षों में सभी राशियों का चक्र पूरा कर लेता है। शनि एक अशुभ ग्रह माना जाता है। शनि से प्रभावित व्यक्ति जीवन भर संघर्षों से जूझता रहता है। उसका जीवन उथल-पुथल भरा होता है, परिवर्तनशील होता है। शनि वायु तत्व प्रधान ग्रह है आपने देखा ही होगा कि जब तक हवा धीरे-धीरे चलती है, तब तक सभी प्राणी प्रसन्न रहते हैं और जब वही हवा आंधी-तूफान का रूप धारण कर लेती है, तो सभी त्राहि-त्राहि कर उठते हैं। इसी प्रकार 8 का अंक सांसारिक दृष्टिकोण से भी सौभाग्यशाली नहीं समझा जाता। मूल अंक 8 वाले लोग सब कुछ होने के बाद भी प्रायः परेशान, उदास और दुखी रहते हैं। इन्हें सदा अपमानित होना पड़ता है। जीवन में या तो बहुत ही सफल होते हैं या फिर बहुत ही असफल। ऐसे व्यक्तियों का जीवन प्रायः दुखमय होता है। नए नाम के अनुसार छंचवसमवद ठवदंचंतजम का संयुक्तांक ‘13’ आता है। यह अंक कठिनाइयों, उतार-चढ़ाव और विनाश को दर्शाता है। वैसे तो यह अंक शक्ति का प्रतीक है, परंतु यदि उस शक्ति का गलत प्रयोग किया जाए तो वह स्वयं उसी को नष्ट कर देती है। यदि किसी व्यक्ति की गणना में यह संयुक्त अंक आए तो यह अज्ञात और ऐसे कार्यों के होने के संकत देता है जिनकी आशा भी नहीं की जा सकती। नाम को संयुक्तांक में (संख्या में) परिवर्तित करने की क्या उपयोगिता है, यह जानना अति आवश्यक है। इस पद्धति से क्या-क्या जाना जा सकता है आइए देखें- नाम शुभ है या नहीं ? आपको नाम बदलने की आवश्यकता है? नाम जन्म तारीख के अनुकूल है या नहीं? नाम के संयुक्तांक के अनुसार कौन सी तारीख महत्वपूर्ण कार्य के लिए उपयुक्त होगी? ये सब बातें इस बात पर निर्भर करती हैं कि आपके नाम का ‘संयुक्तांक’ क्या बनता है?


अंक ज्योतिष विशेषांक  जून 2015

फ्यूचर पाॅइंट के इस लोकप्रिय अंक विशेषांक में अंक ज्योतिष से सम्बन्धित लेख जैसे अंक ज्योतिष का उद्भव- विकास, महत्व और सार्थकता, गरिमा अंकशास्त्र की, अंक ज्योतिष एक परिचय, अंकों की विशेषताएं, अंक मेलापक: प्रेम सम्बन्ध व दाम्पत्य सुख, नाम बदलकर भाग्य बदलिए, कैसे हो आपका नाम, मोबाइल नम्बर, गाड़ी आपके लिये शुभ, मास्टर अंक, लक्ष्मी अंक भाग्य और धन का अंक, अंक फलित के तीन चक्र प्रेम, बुद्धि एवं धन, अंक शास्त्र की नजर में तलाक, कैसे जानें अपने वाहन का शुभ अंक इत्यादि शामिल किये गये हैं। इसके अतिरिक्त अन्य अनेक लेख जैसे अंक ज्योतिष द्वारा नामकरण कैसे करें, चमत्कारिक यंत्र, कर्मफल हेतुर्भ, फलित विचार, सत्य कथा, भागवत कथा, विचार गोष्ठी, पावन स्थल, वास्तु का महत्व, कुछ उपयोगी टोटके, ग्रह स्थिति एवं व्यापार आदि के साथ साथ व्रत, पर्व और त्यौहार आदि के बारे में समुचित जानकारी दी गई है।

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