‘लक्ष्मी अंक’ भाग्य और धन का अंक

‘लक्ष्मी अंक’ भाग्य और धन का अंक  

आपके लक्ष्मी अंक के सहारे आपको धन प्राप्ति हो सकती है। आप अपने पैसे का निवेश इस लक्ष्मी अंक के समय में कर के धन में बढ़ोत्तरी कर सकते हैं। ‘लक्ष्मी अंक’ की गणना होरा के अनुसार हो सकती है। आप किस वार को किस समय जन्मे हैं, उसी के अनुसार आपका ‘लक्ष्मी अंक’ निश्चित किया जा सकता है। यह अंक आपके मूलांक व भाग्यांक से भिन्न भी हो सकता है। लक्ष्मी प्राप्ति के लिए अगर आप लक्ष्मी अंक की होरा या होरा नवांश में कार्य आरंभ करेंगे तो निश्चित तौर पर धन की प्राप्ति होगी। लक्ष्मी अंक की गणना के लिए आपको अपने ‘जन्म वार’ व ‘जन्म समय’ का ज्ञान होना चाहिए। उदाहरण के लिये यदि आपका जन्म 6 फरवरी 1956 सोमवार को सायं के 06.15 बजे हुआ है तो होरा सारणी के अनुसार सोमवार के काॅलम में 18.19 घंटे में देखेंगे तो अंक 1 उत्तर आएगा। अंक 1 आपका लक्ष्मी अंक है। आप लक्ष्मी अंक व उसके मित्र अंकों 1, 2, 3, 9 की होरा में निवेश करेंगे तो अवश्य लाभ होगा। आप पूरे सप्ताह के दौरान शुभ घंटों का प्रयोग सौभाग्यवर्धक कार्यों के लिये कर सकते हैं। जैसे बुधवार के दिन होरा सारणी के अनुसार लक्ष्मी अंक 1 के मित्र 3 व 9 का अंक क्रमशः सुबह 10-11, 11 से 12 व सायं 6 से 7 व 7 से 8 के बीच आ रहा है तो लक्ष्मी अंक 1 वाले व्यक्ति शुभ समय का प्रयोग करके सौभाग्यशाली रह सकते हैं। नामाक्षर लक्ष्मी अंक ।.5 भ्.8 व्.9 ट.6 ठ.5 प्.4 च्.5 ॅ.6 ब्.7 श्र.4 फ.1 ग्.8 क्.9 ज्ञ.7 त्.2 ल्.4 म्.3 स्.3 ै.र्1 .3 थ्.5 ड.9 ज्.1 ळ.6 छ.6 न्.6 बहुत से जातकों को अपना जन्म दिनांक ही ज्ञात नहीं है तो जन्म वार कैसे जानेंगे? ऐसे जातकों के लिये नाम का पहला अंक ही लक्ष्मी अंक के लिए प्रयोग कर सकते हैं। नाम के पहले अंग्रेजी अक्षर के अनुसार नामाक्षर से लक्ष्मी अंक जान सकते हैं। उदाहरण के लिये मान लें आपका नाम डंदवर ज्ञनउंत है तो आपके नाम का पहला अक्षर ड है और सारणी के अनुसार ड का लक्ष्मी अंक 9 हुआ। डंदवर ज्ञनउंत को 9 व 9 के मित्र अंकों 1,2,3 के समय में निवेश करना चाहिये या सौभाग्यशाली कार्य करना चाहिये। होरा सारणी के अनुसार गुरुवार को सुबह 7-8, 8-9, 9-10 व 12 से 13 का समय लाभकारी व शाम को 14-15, 15-16, 16-17 व 19-20 का समय शुभ है। लक्ष्मी अंकों की मित्रता सारणी इस प्रकार है। लक्ष्मी अंक मित्र अंक 1 2, 3, 9 2 1, 5 3 1, 2, 9 4 6, 8 5 1, 6 6 4, 5, 7, 8 7 6, 9 8 4, 5, 6 9 1, 2, 3, 7 हमें अगर हमारा लक्ष्मी अंक ज्ञात होता है तो हम उसी शुभ समय में व्यवसाय या कोई अन्य धन संबंधी कार्य करके सफलता प्राप्त कर सकते हैं। ‘लक्ष्मी अंक’ प्रत्येक व्यक्ति के पास है पर वह उसका शुभ समयानुसार प्रयोग नहीं कर पाता है तो असफलता हाथ लगती है। समस्या ‘लक्ष्मी अंक’ में नहीं है, समस्या उसके सदुपयोग की है।


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