राहुकाल

अप्रैल 2013

व्यूस: 10015

ज्योतिष शास्त्र में हर दिन को एक अधिपति दिया आया है। जैसे - रविवार का सूर्य, सोमवार का चन्द्र, मंगल का मंगल, बुधवार का बुध, बृहस्पतिवर का गुरु, शुक्रवार का शुक्र व् शनिवार का शनि।... और पढ़ें

ज्योतिषआकाशीय गणितमुहूर्त

नक्षत्र

फ़रवरी 2013

व्यूस: 5213

पृथ्वी सूर्य के चरों ओर चक्कर लगाती रहती हैं। एक चक्कर लगाने में पृथ्वी को 365.2422 दिन लगते हैं। यही एक वर्ष का मान हैं। चन्द्रमा की दो प्रकार की गति हैं। एक पृथ्वी के चारों ओर चक्कर लगाने में इसे 27.32 दिन लगते हैं।... और पढ़ें

ज्योतिषनक्षत्रराशि

अंक ज्योतिष द्वारा नामकरण

जून 2015

व्यूस: 14941

लड़की का विवाह होने के बाद उसके नाम के आगे का उपनाम (सरनेम) बदल जाता है और उसकी दुनिया व भाग्य भी बदल जाता है। संन्यास के बाद गुरु संन्यास आश्रम में प्रवेश करने वाले का नया नाम रख देते हैं और इस प्रकार उसकी दुनिया ही बदल जाती है। इ... और पढ़ें

ज्योतिषअंक ज्योतिषबाल-बच्चेभविष्यवाणी तकनीक

तेरह दिन का पक्ष: कब, क्यों और कैसे

दिसम्बर 2005

व्यूस: 260

भागवत पुराण में उल्लेख है की महाभारत से पहले १३ दिन के अंदर चंद्रग्रहण और सूर्यग्रहण पड़े थे, और फिर इतना जन संहार हुआ की केवल गिनती के लोग ही बचे। इस वर्ष भी अक्तूबर महा में दो ग्रहण पड़े और अब कार्तिक माह का शुक्ल पक्ष केवल १३ दिन... और पढ़ें

ज्योतिष

अधिक मास : कब और क्यों

मई 2007

व्यूस: 4894

वर्ष २००७ में दो ज्येष्ठ मास होंगे। इन्हें प्रथम ज्येष्ठ व् द्वितीय ज्येष्ठ के नाम से जाना जाता है। दो मास में चार पक्ष हो जाते है। प्रथम ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष से शुरू होता है। तदुपरांत प्रथम ज्येष्ठ का शुक्ल पक्ष, द्वितीय ज्येष्ठ का... और पढ़ें

ज्योतिषअन्य पराविद्याएंज्योतिषीय विश्लेषणज्योतिषीय योगआकाशीय गणित

कैलेंडर व पंचांग में भिन्नता क्यों

अप्रैल 2010

व्यूस: 1633

आधुनिक (ग्रेगोरियन) कैलेंडर में प्रति चार वर्ष पश्चात एक लीप वर्ष होता है, 100 वर्ष पश्चात लीप वर्ष नहीं होता एवं 400 वर्ष पश्चात पुनः लीप वर्ष होता है।... और पढ़ें

ज्योतिषखगोल-विज्ञानग्रहणआकाशीय गणितपंचांगगोचर

भारतीय कैलेंडर

मार्च 2006

व्यूस: 3958

भारत एक बहुसांस्कृतिक देश है। विभिन्न क्षेत्रों में भिन्न-भिन्न भाषाएं प्रचलित है। और इसी प्रकार भिन्न-भिन्न समय मानक पद्वतियां प्रचलित है। विश्व में ग्रेगोरियन कैलेंडर का प्रयोग किया जाता है। लेकिन भारत का राष्ट्रीय कैलेंडर सौर क... और पढ़ें

ज्योतिष

पर्वों में एकीकरण की आवश्यकता

मई 2004

व्यूस: 75

इस वर्ष पूरे भारत में होली दो दिन मनायी गयी -१८ मार्च और १९ मार्च को. ऐसा क्यों हुआ. जिन शास्त्रों की हम इतनी बड़ाई करते हैं. क्या वे यह निर्णय नहीं दे सकते की पर्व किस दिन मनाना चाहिए. या गणना में सरकार... और पढ़ें

ज्योतिषज्योतिषीय विश्लेषण

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