आप और आपके प्रेम संबंध

आप और आपके प्रेम संबंध  

मेष: आप तीक्ष्ण स्वभाव, तेज तर्रार व उनमुक्त विचारों की महिला हैं इसलिए कभी भी, कहीं, भी किसी से भी आपको प्रेम हो सकता है। Love at first Sight वाली उक्ति आपके उपर एकदम सही उतरती है। आप प्रेम के मामले में बहुत Passionate होती हैं। आपके प्रेम संबंध में उच्चतम स्तर का passion होता है इसलिए प्रेम संबंध बहुत तेजी से आगे बढ़ता है। परंतु ऐसा हो सकता है कि आपके प्रेम संबंध ज्यादा लंबी अवधि के न हों। आपको अपनी कामुकता पर नियंत्रण रखना चाहिए। यदि आपका प्रेमी पूर्णतया स्वस्थ, सहनशील, भरपूर ऊर्जा से संपन्न तथा संतुलित विचारों वाला हो तो आपका प्रेम संबंध फलता-फूलता रहेगा। वृष: इस राशि की महिलाएं प्रेम की वास्तविक परिभाषा को समझने वाली होती हैं। प्रेम इनके जीवन की सबसे बड़ी आवश्यकता होती है इसलिए ये प्रेम के बिना अपने को अधूरा समझती हैं। ये प्रेम के प्रति वफादार रहती हंै। इनकी प्रेम को अभिव्यक्त करने की शैली इनके प्रेमी को सदा-सर्वदा आकर्षित करती है। इनकी आंखें ही बहुत कुछ कह जाती हंै। ये बार-बार प्रेमी नहीं बदलतीं। जिसका एक बार चयन कर लेती हैं उसके लिए समर्पित रहती हैं तथा उसके लिए कुछ भी कर गुजरने की इच्छा शक्ति से संपन्न होती हैं। अक्सर ऐसा देखा गया है कि ऐसी महिलाएं प्रेम के मामले में भाग्यशाली होती हैं तथा इन्हें प्रेम के क्षेत्र में सफलता मिलती है। क्रोध पर नियंत्रण रखने से इनके प्रेम संबंधों में मधुरता बनी रहती है। मिथुन: मिथुन राशि की महिलाएं आसानी से किसी की ओर आकर्षित नहीं होतीं। लेकिन जब किसी से प्रेम हो जाए तब चंचलता की अपेक्षा संतुलन बना कर रखती हैं। अधिकतर ऐसा देखा गया है कि मिथुन राशि की महिलाएं अपने प्रेम संबंधों से संतुष्ट रहती हैं। बातूनी स्वभाव से अपने प्रेमी को बोर नहीं होने देतीं। किसी भी विपरीत स्थति के आ जाने पर ये अपने चातुर्य से अपने प्रेम संबंध को संभाल लेती हैं। इनको बहुत ज्यादा बातूनी होने से बचना चाहिए क्योंकि इनकी इस प्रवृत्ति के कारण ये कई बार अपनी ही बातों में फंस जाती हैं अथवा व्यर्थ के विवाद का शिकार भी हो जाती हैं। यदि इन्हें ऐसा प्रेमी मिले जो दया, करूणा व सहानुभूति के गुणों के साथ-साथ नेतृत्व शक्ति संपन्न व विद्वान और बुद्धिमान हो तो इनके प्रेम संबंध में निरंतर सुधार होता है। कर्क : इस राशि की महिलाएं बहुत भावुक, समझदार और हृदय से जुड़ने वाली एवं कला और सौंदर्य की प्रेेमी होती हैं। जीवन में इन्हें कई बार ऐसा महसूस होता है कि ये लोगों की ओर आकर्षित हो रही हैं, तो ऐसी स्थिति में ये अपनी भावनाओं को व्यक्त करने से पहले अनेक बार यह विश्लेषण करती हैं कि क्या इन्हें सामने वाले से सचमुच ही प्रेम है या नहीं और यदि है तो क्या इस प्रेम को अभिव्यक्त करना उचित होगा या नहीं। संवेदना के स्तर पर बहुत उठी हुई होने के कारण अपने प्रेमी की हर छोटी-बड़ी बात का ध्यान से विश्लेषण करती हैं। यदि इनका प्रेमी हृदय से संबंधित विषयों जैसे कविता, शायरी, कल्पना, कला आदि में निपुण हो तो ये उसे सबसे ज्यादा पसंद करती हैं। सिंह: सिंह राशि की महिलाएं सर्वाधिक वफादार तथा दृढ़ निश्चयी होती हैं। येे आसानी से किसी की ओर आकर्षित नहीं होतीं। इनके विवाहेतर संबंध कम ही देखे जाते हैं। इन्हें ऐसे लोग पसंद आते हैं जो बुद्धिमान होेने के साथ-साथ परिपक्व विचारों के हों। इन्हें मानसिक चंचलता विशेष पसंद नहीं होती। ये बाहरी रूप रंग की अपेक्षा गुणों को अधिक महत्व देती हैं। इन्हें कायर व भीरू लोग पसंद नहीं। ऐसे लोग जो मानवतावादी और उदारवादी विचारधारा से संपन्न तथा सच्चे, पक्के व ईमानदार हों इनकी पहली पसंद रहते हैं। इनके संबंधों में कामुकता कम और स्थिरता अधिक होती है। इनका अपने प्रेम संबंध के प्रति पूर्ण समर्पण ही इनके संबंध को आगे बढ़ाता है। इन्हें अधिकारों की बजाय अपने कत्र्तव्यों के बारे में ज्यादा सोचना चाहिए। कन्या: कन्या राशि की महिलाएं बहुत जल्दी सोचती और शीघ्र निर्णय लेती हंै। ऐसा देखा गया है कि इनके प्रेम संबंध ऐसे लोगों से होते हैं जो जीवन में बहुत स्वतंत्र एवं मौलिक विचारों के होते हैं। इनके दिमाग को बहुत आसानी से बदला नहीं जा सकता है। हालांकि इनके बहुत से मित्र होते हैं लेकिन अंतरंग प्रेम संबंध अधिक नहीं होते। ये स्वभाव से शर्मीली तथा सुशील होती हैं तथा हास्य एवं विनोद की वार्ताओं में रूचि लेती हैं। ये अपनी दुनिया व अपनी अलग सोच से बाहर आकर अपने प्रेमी की मानसिकता और भावनाओं को समझने का प्रयास करती हैं। ये वाक्पटु होती हैं तथा अपने प्रेमी के साथ संवाद में कभी भी अवरोध नहीं आने देतीं और ऐसा करने की विशेष योग्यता से संपन्न होने के कारण ही ये अपने प्रेम संबंध को सदा सर्वदा प्रगाढ़ बनाए रखती हैं। तुला: इस राशि की महिलाएं सबसे ज्यादा रसिक मिजाज तथा प्रेम को ही सर्वोपरि मानने वाली होती हैं। ये आशावादी, सुंदर, प्रेम को अच्छे से समझने वाली तथा प्रेम संबंधों में कुशल, सफल व भाग्यशाली होती हैं। ये अपने प्रेमी को खुश रखने में अधिकतर कामयाब होती हैं। बहुत से लोग इनकी ओर आकर्षित होते हैं इसलिए इनका भी लोगों को आकर्षित करने का स्वभाव बनता जाता है। ये सभ्य और आदर्शवादी विचारधारा को अपनाती हैं। इसलिए इन्हें समाज व राष्ट्र कल्याण के कार्यों से जुड़े हुए लोकप्रिय, सभ्य तथा आदर्शवादी लोग अधिक पसंद आते हैं। यद्यपि ये संतुलित मस्तिष्क की महिलाएं होती हैं परंतु अपने प्रेमी में त्वरित निर्णय लेने की क्षमता को भी ढूंढती हैं। इन्हें जीवन में प्रेम संबंध में असफलता बर्दाश्त नहीं होती। किसी से प्रेम संबंध को तोड़ना इनके लिए बेहद कष्टकारी होता है। इन्हें अपनी स्वार्थी भावना पर नियंत्रण करना सीखना चाहिए। वृश्चिक: इस राशि की महिलाओं के लिए प्रेम ही सब कुछ है। अक्सर ऐसा देखा गया है कि ऐसी महिलाएं जब किसी से प्रेम करती हैं तो इनका प्रेम पागलपन की हद तक जा सकता है। यह अपने प्रेमी की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखती हैं तथा उस पर अनेक प्रकार के अंकुश लगाती हुई देखी गई हैं। इसी कारण ये कई बार उन्हें आवश्यक स्वतंत्रता से वंचित करने लगती हैं और परिणामस्वरूप प्रेम संबंधों में कड़वाहट आने लगती है। ये काफी वफादार किस्म की होती हैं तथा अपने प्रेमी को संतुष्ट करने के लिए हर संभव हथकंडा अपनाती हैं। इनमें सेवाभाव व प्रेम कूट-कूट कर भरा होता है। ये प्रेम की गहराई को और प्रेम के हर रूप को भली-भांति समझती हैं। यदि इनकी भावनाओं को समझ लिया जाये तो इनके साथ प्रेम संबंध करने वाले को स्वर्ग के सुख का अनुभव होता है। धनु: इस राशि की महिलाएं सर्वाधिक आकर्षक होती हैं। इनके व्यक्तित्व में कुछ ऐसा आकर्षण होता है कि लोग अनायास ही इनकी ओर खींचे चले आते हैं। इनकी भावनाओं का वेग तीर के समान होता है इसलिए ये अपने प्रेमी में शारीरिक, मानसिक, आध्यात्मिक व भौतिक, अर्थात हर प्रकार का आकर्षण ढूंढती हैं। ये ऐसा पार्टनर चाहती हैं जिसमें कुछ ऐसा आकर्षण हो जैसा किसी अन्य में न हो। इनका कमिटमेंट लेवल काफी अच्छा रहता है। ये अपने प्रेमी के प्रति पूरी तरह से समर्पित रहती हैं। इनका पार्टनर इनसे हमेशा ही संतुष्ट रहता है। यदि इनके प्रेमी में उदारता, तीव्र बुद्धि, ऊर्जा शक्ति व त्वरित निर्णय लेने की शक्ति हो तो इनका प्रेम संबंध उत्तरोत्तर आनंदमय होता जाता है। मकर: इस राशि की महिलाएं बहुत आसानी से किसी की भी ओर आकर्षित हो जाती हैं। इनके प्रेम की भावना में स्थिरता की कमी होती है तथा बहुत जल्दी अपने प्रेमी को बदलते हुए देखी जा सकती हैं। ये अपने मस्तिष्क से अपने लक्ष्य को एक क्षण के लिए भी ओझल नहीं होने देतीं इसलिए यह आवश्यक नहीं कि ये अपनी राह से भटक जाएं। ये व्यवहार कुशल तथा अपने कार्य में दक्ष होने के कारण लोकप्रिय होती हैं तथा सभी लोग इनकी ओर इनकी सुंदर कार्यशैली के चलते आकर्षित हो जाते हैं। ये अपने कार्य और व्यवसाय में बहुत अधिक व्यस्त रहती हैं लेकिन प्रेम का मौका मिलने पर उसका पूरा लाभ उठा लेती हंै। आधुनिक विचारों वाले, मेहनती, भावुक व बातचीत व व्यवहार कुशल लोग इन्हें ज्यादा आकर्षित करते हैं। ये प्रेम की अपेक्षा अपने लक्ष्य को अधिक महत्व देती हैं। कुंभ: कुंभ राशि की महिलाएं बहुत अधिक कामुक व भावुक नहीं होतीं, इसलिए अपने प्रेमी का चयन करते हुए, सुंदरता और आकर्षण को बहुत अधिक महत्व नहीं देतीं अपितु जिससे भी दिल मिल जाए और वह चाहे किसी भी उम्र, जाति, समाज, मजहब का व्यक्ति क्यों न हो ये उसे स्वीकार कर लेती हैं। वैसे तो ये सामाजिक रूढ़ियों और सामाजिक तथा जातिगत मान्यताओं का पालन करती हैं तथा धर्म व समाज के प्रति वफादार रहती हैं। परंतु इनके लिए इनका मानवतावादी दृष्टिकोण कुटुम्ब, जाति, समाज व धर्म से ऊपर होता है। ये ईमानदार व कर्तव्यनिष्ठ होती हैं। ऐसा देखा गया है कि यदि इनका प्रेमी सामाजिक कार्यों से जुड़ा हुआ प्रसिद्ध, बुद्धिमान व योग्य व्यक्ति हो तो कुल मिलाकर अच्छा व सफल प्रेम संबंध बनता है। मीन: मीन राशि की महिलाएं सबसे ज्यादा भावुक तथा कल्पनाओं की दुनिया में रहने वाली होती हैं। ये दया, करुणा, सहानुभूति जैसे गुणों से भरी रहती हैं। ऐसा बहुत संभव है कि ये अपने इन्हीं गुणों के कारण दया व करुणावश ऐसे व्यक्ति से प्रेम कर बैठें जो इनके लायक न हो। अतः आवश्यक नहीं है कि इनका प्रेम संबंध सही समय पर अच्छे व्यक्ति से हो। इसलिए शीघ्रता व जल्दबाजी में अपने प्रेम संबंध पर भरोसा करना इनके लिए उचित नहीं। इन्हें अत्यधिक भावुकता से बचना चाहिए तथा प्रेमी का चयन करते हुए यह अवश्य ही ध्यान रखना चाहिए कि इनका प्रेमी भी इनके जैसा ईमानदार, भावुक व वफादार हो जो इनके प्रेम के लिए सुपात्र हो। इनके प्रेम में उदारता, समर्पण तथा आत्मीयता की कमी नहीं होती अतः प्रेम संबंध खूब फलता-फूलता है।

भगवान महावीर विशेषांक  अप्रैल 2016

फ्यूचर समाचार का इस माह का विशेषांक जैन धर्म को समर्पित है। जैन धर्म को प्राचीन धर्मों में से एक माना जाता है। इस विशेषांक के अन्तर्गत जैन धर्म के सभी पक्षों को पेश करने का प्रयास किया गया है। इस विशेषांक के अन्दर अति विशिष्ट लेखों को जगह दी गई है। इन लेखों के अतिरिक्त ज्योतिष, वास्तु एवं अंकशास्त्र आदि के लेख भी पूर्व की भांति ही सम्मिलित किए गये हैं। जैसे- भूखण्डों का श्रेणीकरण, दी सन, वास्तु सम्मत प्लाॅट, शेयर बाजार में मंदी-तेजी, ग्रह स्थिति एवं व्यापार, कुछ उपयोगी टोटके, आप और आपके प्रेम सम्बन्ध, बलिदान की प्रतिमूर्ति नीरजा भनोट आदि। इनके अतिरिक्त जैन धर्म पर प्रकाशित लेख इस प्रकार हैं- जैन धर्म इतिहास की नजर में, जैन धर्म का कर्म सिद्धान्त, जैन शिक्षा एवं संदेश, अहिंसा में स्थिरता के प्रेरक भगवान महावीर, चतुर्मास - क्या करें और क्या न करें, जैन धर्म के प्रमुख पर्व आदि।

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