अध्यात्म, धर्म आदि


श्री गणेश जी के प्रमुख स्थल

प्रायः समस्त श्री शक्ति-शिव मंदिरों में श्री गणेश के मंगल विग्रह प्रतिष्ठित हैं। अन्य देव स्थलों में भी भगवान श्री गणेश रक्षणार्थ विद्यमान हैं।... और पढ़ें

देवी और देवअध्यात्म, धर्म आदिविविध

सितम्बर 2013

व्यूस: 2762

स्वामी ज्ञानानन्द सरस्वती

आत्मा की स्वयंसिद्धिता का विचार, वेदांत की भारतीय दर्शन को एक अप्रतिम देन है। आत्म तत्व के निरूपण के उपरांत आचार्य शंकर मोक्ष के साधन की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए कहते हैं कि जीव अपने स्वरूप के विषय में मिथ्या ज्ञान के कारण ही ... और पढ़ें

देवी और देवअध्यात्म, धर्म आदिविविध

मार्च 2006

व्यूस: 2980

दीपावली का पूजन कब और कैसे करें?

देव, मानव एवं दानव पùासना की कृपा के बिना पंगु हैं। इसलिए आगम-निगम दोनों में इनकी उपासना समान रूप में वर्णित है। सभी देवता, राक्षस, मनुष्य, सिद्ध और गंधर्व इनकी उपासना के लिए लालायित रहते हैं।... और पढ़ें

देवी और देवअध्यात्म, धर्म आदिपर्व/व्रतमंत्र

अकतूबर 2015

व्यूस: 3022

पुंसवन व्रत

पुंसवन व्रत

ब्रजकिशोर शर्मा ‘ब्रजवासी’

पुंसवन व्रत मार्गशीर्ष शुक्ल प्रतिपदा से प्रारंभ होकर मार्गशीर्ष की अमावस्या को पूर्ण होता है। श्री शुकदेव जी ने राजा परीक्षित को इस व्रत का वर्णन सुनाते हुए कहा था कि यह व्रत समस्त कामनाओं को पूर्ण करने वाला है। स्त्री को ... और पढ़ें

देवी और देवअध्यात्म, धर्म आदिपर्व/व्रत

नवेम्बर 2015

व्यूस: 3253

मां दुर्गा के विभिन्न रूप

मार्कण्डेय पुराण के अनुसार दुर्गा अपने पूर्व जन्म में प्रजापति दक्ष की कन्या के रूप में उत्पन्न हुई थीं। तब दुर्गा का नाम ‘सती’ था। इनका विवाह भगवान शंकर से हुआ था। एक बार प्रजापति दक्ष ने एक बहुत बड़े यज्ञ का आयोजन किया। इस यज्ञ... और पढ़ें

देवी और देवअध्यात्म, धर्म आदिविविध

अकतूबर 2015

व्यूस: 2999

ध्यान के कमल

ध्यान में स्वयं के संकल्प के अभाव के अतिरिक्त और कोई बाधा नहीं है। यदि आप ध्यान में जाना ही चाहते हैं तो दुनिया की कोई भी शक्ति आपको ध्यान में जाने से नहीं रोक सकती है।... और पढ़ें

अध्यात्म, धर्म आदिविविध

जून 2010

व्यूस: 3070

शरद् पूर्णिमा व्रत

शरद् पूर्णिमा व्रत

ब्रजकिशोर शर्मा ‘ब्रजवासी’

शरद् पूर्णिमा व्रत आश्विन मास की शुक्लपक्ष की पूर्णिमा को करने का विधान है। इस व्रत में प्रदोष और निशीथ दोनों में होने वाली पूर्णिमा को लिया जाता है।... और पढ़ें

अध्यात्म, धर्म आदिपर्व/व्रत

अकतूबर 2011

व्यूस: 2737

क्यों नहीं रुकती मां लक्ष्मी

‘‘बाप बड़ा न भईया, सबसे बड़ा रुपईया’’ - यह कहावत आज कलयुग में सौ प्रतिशत सच साबित हो रही है। प्रत्येक मानव किसी न किसी प्रकार से धन की देवी माँ लक्ष्मी को प्रसन्न करने की कोशिश में लगा रहता है कि उसके घर में धन-दौलत का स्थायी... और पढ़ें

देवी और देवअध्यात्म, धर्म आदिसंपत्ति

नवेम्बर 2015

व्यूस: 3248

किस राशि वाले करें किस स्वरूप का पूजन

मेष एवं वृश्चिक राशि वालों को जिनकी राशि का स्वामी मंगल है मां भगवती भुंवनेश्वरी देवी की आराधना पूजा करना सुख व फलदायक है।... और पढ़ें

ज्योतिषअध्यात्म, धर्म आदिज्योतिषीय विश्लेषणविविध

अकतूबर 2011

व्यूस: 2980

क्यों?

क्यों?

यशकरन शर्मा

अनादि काल से ही हिंदू धर्म में अनेक प्रकार की मान्यताओं का समावेश रहा है। विचारों की प्रखरता एवं विद्वानों के निरंतर चिंतन से मान्यताओं व आस्थाओं में भी परिवर्तन हुआ। क्या इन मान्यताओं व आस्थाओं का कुछ वैज्ञानिक आधार भी है? यह ... और पढ़ें

अध्यात्म, धर्म आदिविविध

नवेम्बर 2014

व्यूस: 3262

गुरु कौन?

गुरु कौन?

संजय लोढ़ा जैन

प्रत्येक धर्म में गुरुओं का अति विषिष्ठ स्थान है, उन्हें देवतुल्य माना जाता है। उन्होंने धर्म की उचित व्याख्या कर उसके अनुयायियों को अनुकूल मार्गदर्षन कर कभी न समाप्त होने वाले अद्भुत व अलौकिक संस्कार प्रदान किए। हजारों वर्ष... और पढ़ें

देवी और देवअध्यात्म, धर्म आदिविविध

जून 2016

व्यूस: 3113

रक्षाबंधन

रक्षाबंधन

फ्यूचर पाॅइन्ट

रक्षा बंधन का पर्व श्रावण शुक्ल पूर्णिमा को होता है। विशेष रूप से भद्रा को त्यागकर ही रक्षा बंधन करना चाहिए क्योंकि शास्त्र निर्देशानुसार भद्रा में रक्षाबंधन करने से राजा के लिए अनिष्टकारी होता है तथा भद्रा में होली दहन करने से... और पढ़ें

देवी और देवअध्यात्म, धर्म आदिपर्व/व्रत

आगस्त 2015

व्यूस: 3140

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