अध्यात्म, धर्म आदि


गुरु का माहात्म्य

गुरु ही ब्रह्मा हैं, गुरु ही विष्णु हैं, गुरुदेव ही महेश भी हैं अर्थात् गुरु साक्षात् परम बह्म हैं। अतः हे गुरुदेव ! आपको शत्-शत् नमन। गुरु का माहात्म्य आदिकाल से ही स्थापित है। गुरु के माहात्म्य का बखान करना सूर्य को दीया दिखाने ... और पढ़ें

अध्यात्म, धर्म आदि

जुलाई 2013

व्यूस: 9243

दक्षिणामूर्ति स्तोत्र

गुरुओं के गुरु भगवान दक्षिणामूर्ति की आराधना में आदि गुरु शंकराचार्य द्वारा विरचित दक्षिणामूर्ति स्तोत्र को गुरु भक्ति के स्तोत्र साहित्य में अद्वितीय स्थान प्राप्त है। गुरु कृपा की प्राप्ति हेतु इसे सर्वश्रेष्ठ माना जाता है। यह स... और पढ़ें

देवी और देवउपायअध्यात्म, धर्म आदिविविध

जुलाई 2013

व्यूस: 9035

संत देवरहा बाबा

संत देवरहा बाबा

यशकरन शर्मा

वह बबूल का पेड़ नहीं मेरा शिष्य है, न कटेगा, न छांटा जाएगा। प्रधानमंत्री का कार्यक्रम टल गया, मगर पेड़ को आंच न आने दी। न उम्र का पता, न इतिहास का, लेकिन हरदिल अजीज रहा दिगंबर।... और पढ़ें

प्रसिद्ध लोगअध्यात्म, धर्म आदिविविध

अप्रैल 2013

व्यूस: 8834

भागवत कथा

भागवत कथा

ब्रजकिशोर शर्मा ‘ब्रजवासी’

सनकादि ने नारद जी से कहा- देवर्षि पापियों के पाप का नाष करने हेतु एक प्राचीन इतिहास श्रवण करो। पूर्वकाल में तुंगभद्रा नदी के तटपर अनुपम नगर में समस्त वेदों का विषेषज्ञ श्रोत-स्मार्त कर्म में निपुण आत्मदेव ब्राह्मण अपनी प्यारी कुली... और पढ़ें

देवी और देवअध्यात्म, धर्म आदि

मार्च 2014

व्यूस: 8790

अनंत चतुर्दशी व्रत: कब, क्यों और कैसे करें?

भविष्य पुराण में कहा गया है कि भाद्रपद के अंत की चतुर्दशी तिथि में पौर्णमासी के योग में अनंत व्रत को करें। स्कंद पुराण में भी कहा गया है कि भाद्रपद मास की पूर्णिमा तिथि में मुहूर्त मात्र की चतुर्दशी हो, तो उसको संपूर्ण तिथि जा... और पढ़ें

देवी और देवअध्यात्म, धर्म आदिपर्व/व्रत

सितम्बर 2014

व्यूस: 8556

भागवत कथा

भागवत कथा

ब्रजकिशोर शर्मा ‘ब्रजवासी’

श्री शौनक जी ने सूतजी से पूछा - सर्वशक्तिमान् व्यास भगवान ने देवर्षि नारद जी के अभिप्राय को सुनकर व चले जाने पर क्या किया? श्री सूतजी ने कहा - ब्रह्मनदी सरस्वती के पश्चिम तट पर शम्याप्रास आश्रम के निकट चारांे ओर से घि... और पढ़ें

देवी और देवअध्यात्म, धर्म आदिविविध

मई 2014

व्यूस: 8478

प्रणाम या अभिवादन व्रत

प्रणाम या अभिवादन व्रत

ब्रजकिशोर शर्मा ‘ब्रजवासी’

अभिवादन सदाचार का मुख्य अंग है। इससे न केवल लौकिक लाभ ही प्राप्त होता है अपितु आध्यात्मिक पथ भी प्रशस्त हो जाता है। पुराणों में प्रणाम के बल पर दिव्य लाभों को प्राप्त करने के अनेक दृष्टांत प्राप्त होते हैं।... और पढ़ें

उपायअध्यात्म, धर्म आदिपर्व/व्रत

फ़रवरी 2010

व्यूस: 8344

वट सावित्री व्रत

वट सावित्री व्रत

फ्यूचर पाॅइन्ट

भारतीय संस्कृति में वट सावित्री एक ऐसा दिव्य व्रत है, जिसको संपन्न करके एक भारतीय नारी ने यमराज पर भी विजय प्राप्त कर संपूर्ण नारी जाति को गौरवान्वित किया है। यह व्रत, स्कंद और भविष्योत्तर के अनुसार, ज्येष्ठ शुक्ल पूर्णिमा को ... और पढ़ें

घटनाएँदेवी और देवउपायअध्यात्म, धर्म आदिपर्व/व्रत

मई 2014

व्यूस: 8113

चतुर्मास का माहात्म्य

जिनकी आकृति अतिशय शांत है, जो शेषनाग की शय्या पर शयन किए हुए हैं, जिनकी नाभि में कमल है, जो सब देवताओं द्वारा पूज्य हैं, जो संपूर्ण विश्व के आधार हैं, जो आकाश के सदृश सर्वत्र व्याप्त हैं, नीले मेघ के समान जिनका वर्ण है, जिनके सभी ... और पढ़ें

देवी और देवअध्यात्म, धर्म आदिपर्व/व्रत

जुलाई 2013

व्यूस: 7850

भगवती भ्रामरी देवी व्रत

भगवती भ्रामरी देवी व्रत

ब्रजकिशोर शर्मा ‘ब्रजवासी’

शत्रुओं के पराभव के लिए शास्त्रों में अनेक उपायों का उल्लेख किया गया है। ऐसा ही एक दिव्य व्रत है भगवती भ्रामरी देवी का। आइए जानें इस व्रत की कथा और इससे संबंधित अन्यान्य विवरण।... और पढ़ें

देवी और देवअध्यात्म, धर्म आदिपर्व/व्रत

फ़रवरी 2011

व्यूस: 7530

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