सम्मोहन के बारे में अधिकांश लोगों को अनेक भ्रांतियां हैं जिनका जिक्र पूर्व अंकों में भी किया गया है। सम्मोहन द्वारा किये जाने वाले उपचारों के बारे में प्रकाश डालने से पूर्व इस अंक में सम्मोहन के बारे में व्याप्त भ्रांतियों को। प्रश्न-उत्तर पद्धति से दूर करने का प्रयास किया जाएगा। प्रश्न: सम्मोहन की दशा में व्यक्ति कैसा अनुभव करता है? उत्तर: अधिकतर लोग आमतौर पर मानसिक व शारीरिक विश्राम जैसा अनुभव करते हैं जैसा कि नींद आने से पूर्व का आभास होता है। कुछ लोग अपने शरीर में हल्कापन महसूस करते हैं जैसे कि शरीर नीचे धंसा जा रहा है। किसी को खुशी जैसी अनुभूति होती है जबकि किसी को नशे जैसा लगता है। यह एक शांति का आभास है जिससे शरीर में कई भौतिक परिवर्तन देखे जा सकते हैं। इस दशा में व्यक्ति अगर विपरीत सुझाव न दिया गया हो तो। पूर्ण रूप से सुनता, देखता व अनुभव करता है। प्रश्न: क्या सम्मोहन एक समर्पण की दशा है? उत्तर: यह पूर्णतया भ्रम है कि सम्मोहन की दशा में व्यक्ति का स्वयम् पर काबू नहीं रहता और वह सम्मोहन में आत्म समर्पण कर देता है। लेकिन वास्तव में व्यक्ति के पास पूर्ण संवेदना और निर्णय लेने की शक्ति रहती है। वह कोई भी ऐसा कार्य नहीं करेगा जो वह अन्यथा करना उचित नहीं मानता। व्यक्ति कभी भी अपने मूल्यों के विपरीत कोई भी सुझाव स्वीकार नहीं करता। सम्मोहन तो मात्र एक निर्देशक की तरह कार्य करता है। प्रश्न: क्या सम्मोहन का उपयोग मनोरंजन के अतिरिक्त भी होता है? उत्तर: सम्मोहन एक संवेदनशील अत्यंत महत्वपूर्ण विज्ञान है। मनोरंजन तो मात्र इसका एक अव्यय है। मनोरंजन अथवा स्टेज सम्मोहन के कारण ही सम्मोहन अधिक लोगों तक पहुंचा है और इसके बारे में लोगों की अनेक धारणायें भी बनी हंै। सम्मोहन का एक प्रमुख उपयोग उपचार करना भी है जैसे विभिन्न प्रकार की आदतों में सुधार लाना तथा बिमारियों को ठीक करने में सहायता देना। सम्मोहन का प्रयोग व्यापक है जिसकी व्याख्या आने वाले अंकों में की जाएगी। प्रश्न: क्या सम्मोहन के प्रयोग से दुष्प्रभाव भी होते हैं? उत्तर: सम्मोहन व्यक्ति पर किसी भी प्रकार का परोक्ष या अपरोक्ष दुष्प्रभाव नहीं डालता। अन्य पद्धतियों की भांति सम्मोहन से भी कुछ व्यक्तियों को अति अपेक्षायें हो सकती हैं जो जानकारी के अभाव या गलत अवधारणाओं के कारण हो सकती हैं। ऐसी परिस्थितियों में यह स्वाभाविक है कि मनोवांछित लाभ धारणा के अनुरूप, हो सकता है, ना मिले। इस पद्धति का कोई दुष्प्रभाव अभी तक सामने नहीं आया है। सम्मोहन एक सुरक्षित व प्रभावकारी मनोवैज्ञानिक पद्धति है। कभी भी सम्मोहन से उपचार करवाने के लिये हमेशा यह जान लें कि सम्मोहक भलीभांति प्रशिक्षित है। प्रश्न: क्या मजबूत इच्छा शक्ति वाले व्यक्ति को सम्मोहित किया जा सकता है? उत्तर: कोई भी व्यक्ति जिसकी सामान्य बुद्धि और विवेक है और जो साधारण सुझावों को समझ कर मान सकता है वह सम्मोहन की दशा का अनुभव कर सकता है। यह मात्र भ्रम है कि मजबूत या कमजोर इच्छा शक्ति सम्मोहन पर प्रभाव डालती है बल्कि सम्मोहित होने की इच्छा होना ही महत्वपूर्ण है। कुछ मानसिक बीमारियों वाले या अत्यंत मंद बुद्धि वाले व्यक्ति सम्मोहन के लिये उपयुक्त नहीं होते। प्रश्न: क्या सम्मोहन की बातें याद रहती हैं? उत्तर: हां, सम्मोहन की बातें याद रहती हैं अगर अन्यथा सुझाव नहीं दिया गया हो तो। अधिकांश लोगों को अधिकतर बातें याद रहती है। कुछ बातें विस्तृत हो सकती हैं। भूलना एक स्वाभाविक प्रक्रिया है जो कि सामान्य दशा में भी होती है। कभी-कभी सम्मोहनकर्ता कुछ विशेष परिस्थितियों में कुछ अनावश्यक बातें भूलने के लिये कह सकता है जैसे स्टेज शो करते वक्त कहा जाता है। प्रश्न: क्या सम्मोहन से हर बीमारी का उपचार हो सकता है? उत्तर: यह माना गया है कि हमारा मन हमारे जीवन के हर पहलू पर काफी अधिक प्रभाव डालता है। यह बीमारियों को अपनाने या आदतों को अपनाने में भी काफी प्रभावकारी है। अगर यह बीमारी पैदा कर सकता है तो हटा भी सकता है। यह निश्चित है कि सम्मोहन हर बीमारी में लाभकारी है लेकिन हर बीमारी के इलाज की अपेक्षा रखना थोड़ा ज्यादती होगी। इसकी भी अपनी सीमायें हैं। सम्मोहन के प्रयोग से दूसरी पद्धतियों का प्रभाव भी बढ़ जाता है। प्रश्न: क्या कोई व्यक्ति सम्मोहन में फंस सकता है? उत्तर: इसका सीधा साधा जबाब है नहीं। हम हर रोज सोते हैं और जमाने से या लंबे अरसे से सो रहे हैं। क्या कभी कोई व्यक्ति कभी नीद में फंसा है बिल्कुल नहीं, क्योंकि नींद एक प्राकृतिक प्रक्रिया है। इसी प्रकार सम्मोहन भी एक प्राकृतिक प्रक्रिया है जो सभी स्वयम् भी प्राप्त करते रहते हैं। हमारे मस्तिष्क को सम्मोहन की आदत ठीक उसी प्रकार है जिस प्रकार नींद की। हम हर रोज नींद को सम्मोहन के रास्ते से ही प्राप्त करते हैं। अगर किसी व्यक्ति को सम्मोहन में छोड़ दिया जाये तो वह या तो नींद को प्राप्त होगा या जल्दी ही सामान्य हो जायेगा। प्रश्न: क्या सम्मोहन सीखना कठिन है? उत्तर: सम्मोहन एक वैज्ञानिक विषय है जिसे कोई भी सामान्य व्यक्ति सरलता से सीख सकता है। हर विद्या की तरह सम्मोहन की क्रिया भी अभ्यास के साथ बेहतर होती जाती है। नोट: आप अपने प्रश्न निम्न पते पर भेज सकते हैं। चुने हुए प्रश्नों का जबाब अगले अंकों में दिया जायेगा।


रुद्राक्ष विशेषांक  अप्रैल 2012

फ्यूचर समाचार पत्रिका के रूद्राक्ष विशेषांक में रूद्राक्ष धारण विधि, रूद्राक्ष: सकारात्मक ऊर्जा स्रोत, विभिन्न प्रकार के रूद्राक्ष, रूद्राक्ष क्यों है खास, रूद्राक्ष का औषधीय महत्व, पहचान एवं उपयोग, भगवान शिव का आशीर्वाद है रूद्राक्ष, कहां से और कैसे प्राप्त होता है, रूद्राक्ष और शाबर मंत्र, किस व्यापार में कौन सा रूद्राक्ष पहनें, विविध रोग भंजक रूद्राक्ष, राशि के अनुसार रूद्राक्ष, रूद्राक्ष कैसे फलदायी सिद्ध हो, आदि रोचक, ज्ञानवर्द्धक व विस्तृत जानकारी से युक्त आलेखों के अतिरिक्त अन्य अनेकानेक ज्ञानवर्द्धक आलेख शामिल किये गए हैं जैसे भविष्यकथन की पद्धतियां, फलित विचार, वास्तु परामर्श, वास्तु प्रश्नोतरी, विवादित वास्तु, यंत्र समीक्षा/मंत्र ज्ञान, हेल्थ कैप्सुल, लाल किताब, ज्योतिष सामग्री, सम्मोहन, सत्यकथा, स्वास्थ्य, पावन स्थल, क्या आप जानते हैं? आदि विषयों को भी शामिल किया गया है।

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