किस व्यवसाय में कौन सा रुद्राक्ष पहने

किस व्यवसाय में कौन सा रुद्राक्ष पहने  

किस व्यवसाय में कौन सा रुद्राक्ष पहनें आचार्य डाॅ. दलीप कुमार सभी मानव जो भोग व मोक्ष, दोनों की कामना करते हैं उन्हें रुद्राक्ष अवश्य धारण करना चाहिए। रुद्राक्ष की उत्पत्ति शिवजी के आंसुओं से हुई है। इसलिए रुद्राक्ष धारण करने से धारक का ध्यान आध्यात्मिकता की ओर बढ़ता है तथा धारक को स्वास्थ्य लाभ होता है। गौरी शंकर रुद्राक्ष: गौरी-शंकर रुद्राक्ष भगवान शिवजी के अर्धनारीश्वर स्वरूप तथा शिव व शक्ति का मिश्रित रूप है। इसे धारण करने से शिवजी व पार्वती जी सदैव प्रसन्न रहते हैं तथा जीवन में किसी प्रकार की कोई कमी नहीं होती है। गौरी-शंकर रुद्राक्ष को घर में धन की तिजोरी या पूजा स्थल में रखने से सभी प्रकार के सुख व संपन्नता प्राप्त होती है। यदि विवाह में देरी हो जाये या वैवाहिक जीवन में पति-पत्नी में मतभेद हो तो गौरी-शंकर रुद्राक्ष धारण करें। गणेश रुद्राक्ष गणेश रुद्राक्ष को धारण करने से धारक का भाग्योदय होता है तथा जीवन में कभी धन की कमी नहीं होती है क्योंकि गणेश रुद्राक्ष ऋद्धि-सिद्धि का ही स्वरूप है। प्रत्येक व्यक्ति को अपने रोजगार/व्यवसाय से संबंधित रुद्राक्ष धारण करना चाहिए जिससे अधिक लाभ प्राप्त किया जा सके। 1. वकील, जज व न्यायालयों में काम करने वाले लोगों को 1, 4 व 13 मुखी रुद्राक्ष धारण करने चाहिए। 2. वित्तीय क्षेत्र से जुड़े व्यक्ति (बैंक-कर्मचारी, चार्टर्ड एकाउन्टेंट) को 8, 11, 12, 13 मुखी रुद्राक्ष धारण करना चाहिए। 3. प्रशासनिक अधिकारी व पुलिस कर्मचारी को 9 व 13 मुखी रुद्राक्ष धारण करना चाहिए। 4. चिकित्सा जगत से जुड़ें लोगों (डाॅक्टर, वैद्य, सर्जन) को 3, 4, 9, 10, 11, 12, 14 मुखी रुद्राक्ष धारण करना चाहिए। 5. इंजीनियर को 8, 10, 11, 14 मुखी रुद्राक्ष धारण करना चाहिए। 6. वायुसेना से जुड़े कर्मचारियों व पायलट को 10 व 11 मुखी रुद्राक्ष धारण करना चाहिए। 7. शिक्षा क्षेत्र से जुड़े लोगों व अध्यापकों को 6 और 14 मुखी रुद्राक्ष धारण करना चाहिए। 8. ठेकेदारी से संबंधित लोगों को 11, 13 व 14 मुखी रुद्राक्ष धारण करना चाहिए। 9. जमीन-जायदाद के क्रय-विक्रय से जुड़े लोगों को 1, 10, 14 मुखी रुद्राक्ष धारण करना चाहिए। 10. व्यवसायी व जनरल मर्चेंट को 10, 13 व 14 मुखी रुद्राक्ष धारण करना चाहिए। 11. उद्योगपति को 12 और 14 मुखी रुद्राक्ष धारण करना चाहिए। 12. होटल-व्यवसाय से संबंधित कर्मचारियों को 1, 13 व 14 मुखी रुद्राक्ष धारण करना चाहिए। 13. राजनेताओं व राजनीति तथा समाज-सेवा से संबंधित लोगों को 13 मुखी रुद्राक्ष धारण करना चाहिए। 14. बच्चों व विद्यार्थियों को गणेश रुद्राक्ष धारण करना चाहिए।



ज्योतिष एवं वेट लाॅस विशेषांक  May 2017

स्वस्थ शरीर स्वस्थ मस्तिष्क को जन्म देता है। मोटापा एक ऐसा अभिशाप है जिसके कारण शरीर विभिन्न प्रकार के रोगों के प्रति संवेदनशील हो जाता है तथा अनेक रोग एक-एक कर व्यक्ति को घेर लेते हैं। मधुमेह, हृदय रोग, उच्च रक्त चाप तथा थकान जैसी बीमारियों से व्यक्ति आक्रान्त हो जाता है। फ्यूचर समाचार का वर्तमान विशेषांक इस विकट समस्या से ही सम्बन्धित है तथा मोटापा रोग के ज्योतिषीय दृष्टिकोण को वर्णित करने हेतु विभिन्न उल्लेखनीय आलेखों को सम्मिलित किया गया है। इन आलेखों में महत्वपूर्ण हैं- मोटापा पर ज्योतिष विचार एवं विभिन्न योग, हस्त रेखा से जानें मोटापा बढ़ने के कारण, ज्योतिष की नजर में मोटापा, मोटापा बढ़ाने वाले ग्रह योग, गुरु बढ़ाएगा वजन, डाइट से करें कन्ट्रोल आदि। आवरण कथा में सम्मिलित इन सारगर्भित आलेखों के अतिरिक्त सदैव की भांति स्थायी स्तम्भों में भी जीवन के हर क्षेत्र से जुड़े पहलुओं जैसे राजनीति, मनोरंजन आदि विषयों से सम्बद्ध उल्लेखनीय आलेख भी सन्नहित हैं।

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