विवाह संस्कार - ज्योतिषीय पृष्ठभूमि व सिद्धिदायक उपाय

विवाह गृहस्थ आश्रम अर्थात वंशवृक्ष की वाटिका में प्रवेश करने का प्रथम सोपान है। इस मधुर सौभाग्य की प्राप्ति हेतु हर युवा स्वप्न की कल्पनाओं में सर्वदा लीन रहता है। परंतु कल्पनाओं के इस क्रम में कुछ ऐसे सौभाग्यशाली हैं जिनकी ये आशा... और पढ़ें

ज्योतिषभवनविवाह

मार्च 2014

व्यूस: 5137

वरुण-यामिनी का दाम्पत्य जीवन

नेहरु परिवार की अब तक की परंपरा में कुल मिलाकर दाम्पत्य संबंधी श्रेष्ठ परिणाम दूर ही रहे हैं। हाल ही में एक लंबे अरसे के बाद 6 मार्च 2011 को वरुण-यामिनी का दाम्पत्य संबंध भविष्य में किस प्रकार व क्या क्या परिवर्तनों का आगाज करेगा,... और पढ़ें

ज्योतिषज्योतिषीय योगकुंडली व्याख्याघरविवाहग्रहभविष्यवाणी तकनीक

अप्रैल 2011

व्यूस: 4993

विवाह रेखा ही बता देती है विवाह सुख

हथेली में विवाह रेखा बहुत ही छोटी होती है परंतु व्यक्ति के जीवन में बहुत प्रभावशाली होती है। हाथ की रेखाओं का अध्ययन करते समय हम विवाह रेखा की उपेक्षा नहीं कर सकते। हृदय रेखा एवं जीवन रेखा की तरह यह रेखा इतनी गहरी एवं बड़ी नहीं होत... और पढ़ें

हस्तरेखा शास्रविवाहभविष्यवाणी तकनीक

जुलाई 2011

व्यूस: 143646

विवाहेतर संबंध पर ज्योतिषीय दृष्टिकोण

विवाहेतर संबंधों पर ज्योतिषशास्त्र के अनुसार निम्नलिखित ग्रहयोग प्रभावी होते हैं- विŸाास्तारिपभार्गवास्तनुगताः पापान्विताः कामुकः। पापत्यौमचरान्वितौ तनुरिपुस्थानाधिपौ चेतथा।। (जा.पा.) द्वितीयेश, सप्तमेश, षष्ठेश और शुक्र पापग्रह... और पढ़ें

ज्योतिषज्योतिषीय योगविवाहभविष्यवाणी तकनीक

जनवरी 2007

व्यूस: 14614

विवाह बाधा योग एवं समाधान

विवाह बाधा योग एवं समाधान

ओम प्रकाश दार्शनिक

विवाह बंधन एक ऐसा मधुर बंधन है जिसमें प्रत्येक व्यक्ति बंधना चाहता है। किंतु ऐसा नहीं है कि हर एक को विवाह से खुशियां प्राप्त हो ही जाए। हम अपने जीवन में आए दिन देखते हैं कि विवाह के बंधन में बंधे हुए अनेक व्यक्ति इतनी जोर से छ... और पढ़ें

ज्योतिषउपायविवाहभविष्यवाणी तकनीक

नवेम्बर 2016

व्यूस: 5920

शादी बचपन में या 55 में

शादी बचपन में या 55 में

अंजना अग्रवाल

ज्योतिषीय विधान में विवाह कार्य की सिद्धि हेतु जन्म कुण्डली के सप्तम भाव तथा कारक ग्रह को देखा जाता है। लेकिन कुंडली में द्वितीय तथा एकादष भाव भी विवाह में महत्वपूर्ण होते हैं। जन्म कुंडली का सप्तम भाव जीवनसाथी तथा साझेदारी का होत... और पढ़ें

ज्योतिषविवाह

मार्च 2014

व्यूस: 5418

षट्कर्म साधन

षट्कर्म साधन

डॉ. अरुण बंसल

शरीर एवं मन के रोगों की शांति से लेकर किसी को अपनी ओर आकर्षित करने या स्तंभन करने के लिए भारतीय वेद शास्त्रों में अनेक प्रकार के अनुष्ठानों का वर्णन है। प्रसतुत लेख में षट्कर्म साधना क्रिया की विधि व विभिन्न कार्यों के लिए कौन सा ... और पढ़ें

ज्योतिषअन्य पराविद्याएंउपायबाल-बच्चेशिक्षाशत्रुमंत्रविवाहसफलतासंपत्ति

आगस्त 2010

व्यूस: 20930

विवाहेतर संबंध: कुछ रोचक ज्योतिषीय योग

विवाहेतर या एकाधिक संबंधों के कतिपय ज्योतिषीय योग Û यदि शुक्र व बुध की युति दशम, सप्तम या लग्न भाव में हो। Û यदि मंगल और शुक्र की युति दशम, सप्तम या लग्न भाव में हो। Û चतुर्थ, दशम भाव में मंगल व शुक्र स्थित हो तथा तुला, मेष, वृ... और पढ़ें

ज्योतिषज्योतिषीय योगविवाहभविष्यवाणी तकनीक

जनवरी 2007

व्यूस: 16371

कुंडली मिलान और मांगलिक दोष

कुंडली मिलान और मांगलिक दोष

कनक कुमार वार्षणेय

हमारे समाज में कुंडली मिलान की प्रथा इतनी व्यापक हो गई है कि अच्छा संबंध मिलने पर भी मेलापक के गुणों अथवा मांगलिक दोष के कारण बात अटक जाती है। कुंडली मिलाएं या नहीं, मांगलिक दोष से किस प्रकार निपटें, यही इस लेख की चर्चा का विषय है... और पढ़ें

ज्योतिषकुंडली व्याख्याघरविवाहग्रहभविष्यवाणी तकनीक

जनवरी 2012

व्यूस: 16565

विवाह और वैवाहिक जीवन

विवाह विचार: विवाह के विषय में विचार करने के लिए जातक की जन्मकुंडली के सप्तम भाव का विश्लेषण करते हैं। इसके अतिरिक्त जब विवाह संपन्न होता है, तो उसके कुटुंब में भी वृद्धि होती है। अतः इस प्रकार जातक के द्वितीय भाव का भी विश्लेषण क... और पढ़ें

ज्योतिषज्योतिषीय योगकुंडली व्याख्याविवाहभविष्यवाणी तकनीक

जुलाई 2004

व्यूस: 5750

शनि व मंगल की वैवाहिक सुख में भूमिका

जातक या जातिका की जन्मकुंडली से विवाह संबंधी सूचना कुंडली के द्वितीय, पंचम, सप्तम एवं द्वादश भावों का विश्लेषण करने से मिलती है। द्वितीय भाव परिवार का द्योतक है तथा पति पत्नी परिवार की मूल इकाई हैं। सातवें भाव से अष्टमस्थ होने के ... और पढ़ें

ज्योतिषभवनविवाहग्रह

मार्च 2014

व्यूस: 5771

विवाह सुख में बाधा दर्शाने वाले योग और लाल किताब द्वारा उनके उपाय

विवाह होकर भी कई बार दंपतियों को वैवाहिक सुख नहीं मिल पाता। इसके मूल में कई ऐसी बातें हैं जिनकी ओर किसी का ध्यान नहीं जाता। छोटे-छोटे सरल उपायों द्वारा वैवाहिक जीवन को सुखी बनाया जा सकता है। क्या हैं वैवाहिक सुख की बाधाएं और उन... और पढ़ें

ज्योतिषउपायलाल किताबविवाह

जुलाई 2006

व्यूस: 6894

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