अनंत चतुर्दशी व्रत: कब, क्यों और कैसे करें?

भविष्य पुराण में कहा गया है कि भाद्रपद के अंत की चतुर्दशी तिथि में पौर्णमासी के योग में अनंत व्रत को करें। स्कंद पुराण में भी कहा गया है कि भाद्रपद मास की पूर्णिमा तिथि में मुहूर्त मात्र की चतुर्दशी हो, तो उसको संपूर्ण तिथि जा... और पढ़ें

देवी और देवअध्यात्म, धर्म आदिपर्व/व्रत

सितम्बर 2014

व्यूस: 8816

भागवत कथा

भागवत कथा

ब्रजकिशोर शर्मा ‘ब्रजवासी’

श्री शौनक जी ने सूतजी से पूछा - सर्वशक्तिमान् व्यास भगवान ने देवर्षि नारद जी के अभिप्राय को सुनकर व चले जाने पर क्या किया? श्री सूतजी ने कहा - ब्रह्मनदी सरस्वती के पश्चिम तट पर शम्याप्रास आश्रम के निकट चारांे ओर से घि... और पढ़ें

देवी और देवअध्यात्म, धर्म आदिविविध

मई 2014

व्यूस: 8800

साईं बाबा का बचपन

साईं बाबा का बचपन

अनिरुद्ध जोशी

ैसे पर्वतों में हिमालय श्रेष्ठ है वैसे ही संतों में श्रेष्ठ हैं साईं। साईं नाम के आगे ‘थे’ लगाना उचित नहीं, क्योंकि साईं आज भी हमारे बीच हैं। बस, एक बार उनकी शरण में होना जरूरी है, तब वे आपके आसपास होंगे। यह अनुभूत सत्य है।... और पढ़ें

देवी और देवविविध

मई 2015

व्यूस: 8790

दिशाओं में छिपी समृद्धि: पंचतत्व व इष्टदेव

व्याधिं मृत्यं भय चैव पूजिता नाशयिष्यसि। सोऽह राज्यात् परिभृष्टः शरणं त्वां प्रपन्नवान।। प्रण्तश्च यथा मूर्धा तव देवि सुरेश्वरि। त्राहि मां पùपत्राक्षि सत्ये सत्या भवस्य नः।। ”तुभ पूजित होने पर व्याधि, मृत्यु और संपूर्ण भयों का ना... और पढ़ें

देवी और देववास्तुगृह वास्तुव्यवसायिक सुधारसंपत्ति

अप्रैल 2012

व्यूस: 8767

भद्रा एवं दोष परिहार

किसी भी मांगलिक कार्य में भद्रा का योग अशुभ माना जाता है। भद्रा में मांगलिक कार्य का शुभारंभ या समापन दोनों ही अशुभ माने गये हैं। पुराणों के अनुसार भद्रा भगवान सूर्य देव व देवी छाया की पुत्री व राजा शनि की बहन है।... और पढ़ें

ज्योतिषदेवी और देवज्योतिषीय विश्लेषणग्रहणमुहूर्तभविष्यवाणी तकनीक

अकतूबर 2015

व्यूस: 8718

जैन धर्म का कर्म सिद्धांत

जिसके द्वारा जीव परतंत्र किया जाता है वह कर्म है। इस कर्म के निमित्त से ही यह जीव इस संसार में अनेक शारीरिक, मानसिक और आगंतुक दुःखों को भोग रहा है। जीव के साथ कर्मों का संबंध अनादिकाल से चला आ रहा है। कहा भी है - ‘‘जीव और क... और पढ़ें

देवी और देवविविध

अप्रैल 2016

व्यूस: 8399

वट सावित्री व्रत

वट सावित्री व्रत

फ्यूचर पाॅइन्ट

भारतीय संस्कृति में वट सावित्री एक ऐसा दिव्य व्रत है, जिसको संपन्न करके एक भारतीय नारी ने यमराज पर भी विजय प्राप्त कर संपूर्ण नारी जाति को गौरवान्वित किया है। यह व्रत, स्कंद और भविष्योत्तर के अनुसार, ज्येष्ठ शुक्ल पूर्णिमा को ... और पढ़ें

घटनाएँदेवी और देवउपायअध्यात्म, धर्म आदिपर्व/व्रत

मई 2014

व्यूस: 8369

लक्ष्मी प्राप्ति के लिए विशेष प्रभावशाली दीपावली पूजन पोटली

देवी महालक्ष्मी संपूर्ण, ऐश्वर्य, चल, अचल, संपति, धन, यश, कीर्ति एवं सकल सुख वैभव को देने वाली साक्षात् जगत माता नारायणी है। श्री गणेश जी समस्त विध्नों कि नाशक, अमंगालों के हरण करता, सद्विद्या एवं बुद्धि के दाता हैं, कार्तिक अमावस... और पढ़ें

देवी और देवमंत्रसंपत्तियंत्र

नवेम्बर 2007

व्यूस: 8342

शिक्षा संबंधी समस्या निवारण

कुंडली में ग्रहों की स्थिति और सितारों की नजर बताती है। आपके करियर का राज :- हर विद्यार्थी अपनी पढ़ाई में कठिन परिश्रम कर सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करता है। अपने भाग्य और कड़ी मेहनत के बल पर ही कोई, विद्यार्थी परीक्षा में श्रेष्ठ अंकों क... और पढ़ें

ज्योतिषदेवी और देवउपायशिक्षाटोटकेयंत्र

अप्रैल 2010

व्यूस: 8244

जाग्रत महिमामयी देवी तीर्थ कन्याकुमारी

भारत के दक्षिण भाग में स्थित कन्याकुमारी में बंगाल की खाड़ी, हिंद महासागर एवं अरब सागर का एक ही साथ दर्शन होता है। इसलिए इस स्थान की महिमा ÷सागरतीर्थ' नाम से भी मंडित है। इस सागर के बीच इस नगर की देवी मां कुमारी' का पवित्र मंदिर है... और पढ़ें

देवी और देवस्थानमन्दिर एवं तीर्थ स्थल

जून 2011

व्यूस: 8205

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