ज्योतिष शास्त्र की सार्थकता ज्योतिष विज्ञान

जनवरी 2012

व्यूस: 3317

विज्ञान ‘कार्य-कारण के सिद्धांत’ पर आधारित है। परंतु असंख्य घटनाएं ऐसी हैं, जिनका कारण समझने में चोटी के वैज्ञानिक अपने आपको सर्वथा असमर्थ पा रहे हैं। सिद्धांतों के व्यभिचार मात्र से ज्योतिष शास्त्र की वैज्ञानिकता का प्रतिवाद नहीं... और पढ़ें

ज्योतिषज्योतिषीय योगकुंडली व्याख्याघरविवाहग्रहभविष्यवाणी तकनीक

जीवन को सुखमय बनाता है गजकेसरी योग

मई 2016

व्यूस: 3467

कुंडली में ज्ञान के कारक गुरु और मन के कारक चन्द्रमा दोनों मिलकर गजकेसरी योग का निर्माण करते हैं। गुरु कुंडली के 2, 5, 9, 10, और 11वें भाव का कारक होता है, वहीं चन्द्रमा चैथे भाव का कारक होता है। कुंडली में जब गुरु और चन... और पढ़ें

ज्योतिषज्योतिषीय योग

वैवाहिक जीवन: शुभ तथा अशुभ योग

अप्रैल 2016

व्यूस: 3765

ज्योतिष शास्त्र अनुसार वैवाहिक जीवन में गुरु तथा शुक्र ग्रह की प्रमुख भूमिका है क्योंकि यही दोनों ग्रह स्त्री तथा पुरुष जातकों के शादी के कारक ग्रह हैं तथा द्वितीय, सप्तम तथा द्वादश भाव का वैवाहिक जीवन में विशेष योगदान है। जहां ... और पढ़ें

ज्योतिषज्योतिषीय विश्लेषणज्योतिषीय योगविवाहग्रहभविष्यवाणी तकनीक

इन्फर्टिलिटी

सितम्बर 2014

व्यूस: 3387

इन्फर्टिलिटी

नीरज शर्मा

‘‘फर्टिलिटी अर्थात प्रजनन क्षमता से जुड़ी समस्यायें स्त्री और पुरूष दोनों में ही पायी जाती हैं। हमारी कुंडली जीवन के प्रत्येक पक्ष को स्पष्ट रूप से दर्शाती है। पुरूष की कुंडली में शुक्र और सूर्य तथा स्त्री की कुंडली में... और पढ़ें

ज्योतिषज्योतिषीय योगबाल-बच्चेभविष्यवाणी तकनीक

कालसर्पयोग एक अध्ययन

मई 2011

व्यूस: 3184

लग्न से गणना करने पर यदि केतु पहले आए तो इसे काल अमृत या शुभ योग जानना चाहिए। लग्न या लनेश से शुभ ग्रह का संबंध भी कालसर्प योग को भंग करता है।... और पढ़ें

ज्योतिषज्योतिषीय विश्लेषणज्योतिषीय योगकुंडली व्याख्याभविष्यवाणी तकनीक

क्या कहते हैं इस वर्ष के ग्रह?

जनवरी 2010

व्यूस: 3211

ज्योतिषीय गणना के अनुसार यह वर्ष आम तौर पर शुभ रहेगा। साहित्य, कला, उद्योग आदि के क्षेत्रों की स्थिति अच्छी रहेगी।... और पढ़ें

ज्योतिषज्योतिषीय विश्लेषणज्योतिषीय योगग्रह

ज्योतिष- एक विज्ञान

अप्रैल 2004

व्यूस: 3325

अनेको बार पूछा जाता है एक प्रश्न, क्या मुझको है ज्योतिष में पूर्ण विश्वास? उठते-बैठते, सोते जागते, सुबह-शाम क्या करती रहती हूं मैं ज्योतिष की ही बात? सुन कर यह प्रश्न, मुस्करा कर दे देती हूं मैं यह जवाब, जी जनाब, ज्योतिष तो ह... और पढ़ें

ज्योतिष

ग्रहों के बल का मापक षड्बल

मई 2006

व्यूस: 3561

भविष्यकथन में ग्रह बल की गणना अति आवश्यक है। यदि ग्रह योगकारक है तो वह पूर्ण फल तभी दे सकता है जब वह बली हो। मारक ग्रह निष्फल हो सकता है यदि वह निर्बल हो। इस बलाबल को जानने के लिए ज्योतिष की सर्वोत्कृष्ट पद्धति है-षड्बल ...... और पढ़ें

ज्योतिषज्योतिषीय विश्लेषणभविष्यवाणी तकनीक

भाग्य का खेल

जनवरी 2006

व्यूस: 3396

भाग्य का खेल

आभा बंसल

समीर ने अपने वैवाहिक जीवन के जो सपने देखे थे वे पूरे नहीं हो सके। उसके जीवन में जो कुछ भी घटा वह ग्रहों की ही करामात थी। इसे अपनी नियति न मानकर उसने इसके विपरीत जाना चाहा और परिणाम उसके दुःखद अंत के रूप में सामने आया। ऐस... और पढ़ें

ज्योतिषदशाकुंडली व्याख्याभविष्यवाणी तकनीकगोचर

चिल्ड्रेन्स रूम

आगस्त 2014

व्यूस: 3352

चिल्ड्रेन्स रूम

मनोज कुमार

चाहे आप छोटे अपार्टमेंट में रहते हों अथवा विशालकाय भवन में, वास्तु-फेंगशुई के कुछ ऐसे सामान्य नियम हैं जिनका अनुपालन करके आप सकारात्मक ऊर्जा का भरपूर लाभ प्राप्त कर सकते हैं। वास्तु-फेंगशुई के इन सामान्य नियमों का थोड़ा सा ख्या... और पढ़ें

ज्योतिषफेंग शुईफेंगशुई एवं वास्तुवास्तु दोष निवारणवास्तु के सुझाव

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