ज्योतिषीय आधार पर - कर्म एवं भाग्य की व्याख्या

ज्योतिष कर्म एवं भाग्य की सही व्याख्या करता है। प्रत्येक व्यक्ति अपने कर्मों के आधीन रहता है इसलिए उसे कर्म अवश्य करना है और जीवन का सार यही है। प्रत्येक कर्म का प्रतिफल होता है- यह एक सर्वमान्य सत्य है। वैदिक विचारधारा यह बताती ... और पढ़ें

ज्योतिष

जनवरी 2007

व्यूस: 3865

सप्ताह के आखिरी दिन सर्जरी के लिए प्रतिकूल क्यों?

लंदन में हुए एक वृहत विश्लेषण के अनुसार चिकित्सकों के इस विश्वास को सही पाया गया जिसके अनुसार सप्ताह के आखिरी दिनों या सप्ताहांत में होने वाले आॅपरेशन असफल रहते हैं या जीवन के लिए खतरा बन जाते हैं। लंदन के प्उचमतपंस ब्वससमहम के शो... और पढ़ें

ज्योतिषविविध

जुलाई 2013

व्यूस: 3830

पितृ ऋण और पितृ पक्ष

पितृ ऋण और पितृ पक्ष

अंजना अग्रवाल

भारतीय धर्म ग्रंथों में मनुष्य को तीन प्रकार के ऋणों-देवऋण, ऋषिऋण व पितृऋण से मुक्त होना आवश्यक बताया गया है। इनमें पितृ ऋण सर्वोपरि है। पितृऋण यानि हमारे उन जन्मदाता एवं पालकों का ऋण, जिन्होंने हमारे इस शरीर का ला... और पढ़ें

ज्योतिषउपायअध्यात्म, धर्म आदिभविष्यवाणी तकनीक

सितम्बर 2014

व्यूस: 3990

नाजायज होकर भी जायज

कई बार जीवन में ऐसे मोड़ आते हैं कि व्यक्ति नहीं चाहते हुए भी कुछ नाजायज कर बैठता है और समय का बदलाव उसे जायज ठहरा देता है। ऐसी ही एक सत्य घटना का वर्णन किया गया है इस लेख में।... और पढ़ें

ज्योतिषज्योतिषीय विश्लेषणदशाकुंडली व्याख्याभविष्यवाणी तकनीकगोचर

जून 2011

व्यूस: 4215

कुंडली विवेचन के मुख्य घटक

कुंडली विवेचन के अन्यान्य सूत्रों का प्रतिपादन महर्षि पराशर ने बृहत् पराशर होरा शास्त्र में किया है। कुंडली विवेचन में अनेक मानदंडों का विशद् व व्यवस्थित अध्ययन करना अति आवश्यक है, अन्यथा फलकथन में त्रुटि संभाव्य है। इस आले... और पढ़ें

ज्योतिषज्योतिषीय विश्लेषणभविष्यवाणी तकनीक

जून 2017

व्यूस: 4718

संवत्सर का क्रोध जून तक सहना पड़ेगा

मेदनीय ज्योतिष के अनुसार विवध कुयोग क्रोधी नामक संवत्सर के अशुभ फल को बल प्रदान करेंगे। आइए जानें संवत 2068 का राशिफल... और पढ़ें

ज्योतिषभविष्यवाणी तकनीक

जनवरी 2011

व्यूस: 3620

क्रिकेटर बनने के ग्रह योग

एक खिलाडी की जन्मकुंडली में चाहे कितने ही अच्छे योग क्यों न हो, यदि उसमें खेल विशेष से सम्बन्धित अच्छे योग नहीं है तो उसका कैरियर अधिक समय तक नहीं रह पता है।... और पढ़ें

ज्योतिषप्रसिद्ध लोगज्योतिषीय योगभविष्यवाणी तकनीक

अप्रैल 2013

व्यूस: 3572

पृथकताजनक दृष्टिकारी ग्रह और उनके प्रभाव

जन्म कुंडली या प्रश्न कुंडली के अध्ययन के लिए प्रयोग में लाए जाने वाले महत्वपूर्ण सिद्धांतों में से एक हैं, ग्रहों की पृथकताजनक दृष्टि का सिद्धांत। छायात्मजः पंगुदिवाकरेषु खेटद्धयों दिशति यत्र निज प्रभावम्। नुनं पृथकता विषयाद्धि... और पढ़ें

ज्योतिषप्रसिद्ध लोगज्योतिषीय योगघरग्रहभविष्यवाणी तकनीक

जुलाई 2008

व्यूस: 3915

गंडमूल नक्षत्र विचार

गंडमूल नक्षत्र विचार

रमेश शास्त्री

व्यक्ति का जन्म जिस ग्रह स्थिति और नक्षत्र में होता है, उसी के अनुसार जीवन में शुभ तथा अशुभ घटनाएं घटित होती हैं। ज्योतिष शास्त्र के फलित ग्रंथों में ग्रह नक्षत्रों की स्थिति से बनने वाले अशुभ योगों की शांति के लिए उपायों का... और पढ़ें

ज्योतिषनक्षत्र

सितम्बर 2006

व्यूस: 4660

ज्योतिष शिक्षा एवं शोध्

ज्योतिष शिक्षा एवं शोध्

ब्रजेंद्र श्रीवास्तव

परिचर्चा का विषय अत्यंत सामयिक और दूरदर्शिता पूर्ण है। इसके निष्कर्ष ज्योतिष शिक्षा एवं शोध दोनों क्षेत्रों में रचनात्मक परिणाम लाने वाले सिद्ध होंगे, ऐसा दृढ़ विश्वास है क्योंकि आयोजक गण इस दिशा में कृतसंकल्प और सामथ्र्यवान दिख र... और पढ़ें

ज्योतिषशिक्षाभविष्यवाणी तकनीक

जनवरी 2005

व्यूस: 3933

Ask a Question?

Some problems are too personal to share via a written consultation! No matter what kind of predicament it is that you face, the Talk to an Astrologer service at Future Point aims to get you out of all your misery at once.

SHARE YOUR PROBLEM, GET SOLUTIONS

  • Health

  • Family

  • Marriage

  • Career

  • Finance

  • Business

लोकप्रिय विषय

करियर बाल-बच्चे चाइनीज ज्योतिष दशा वर्ग कुंडलियाँ दिवाली डऊसिंग सपने शिक्षा वशीकरण शत्रु यश पर्व/व्रत फेंगशुई एवं वास्तु टैरो रत्न सुख गृह वास्तु प्रश्न कुंडली कुंडली व्याख्या कुंडली मिलान घर जैमिनी ज्योतिष कृष्णामूर्ति ज्योतिष लाल किताब भूमि चयन कानूनी समस्याएं प्रेम सम्बन्ध मंत्र विवाह आकाशीय गणित चिकित्सा ज्योतिष Medicine विविध ग्रह पर्वत व रेखाएं मुहूर्त मेदनीय ज्योतिष नक्षत्र नवरात्रि व्यवसायिक सुधार शकुन पंच पक्षी पंचांग मुखाकृति विज्ञान ग्रह प्राणिक हीलिंग भविष्यवाणी तकनीक हस्तरेखा सिद्धान्त व्यवसाय पूजा राहु आराधना रमल शास्त्र रेकी रूद्राक्ष श्राद्ध हस्ताक्षर विश्लेषण सफलता मन्दिर एवं तीर्थ स्थल टोटके गोचर यात्रा वास्तु परामर्श वास्तु दोष निवारण वास्तु पुरुष एवं दिशाएं वास्तु के सुझाव स्वर सुधार/हकलाना संपत्ति यंत्र राशि
और टैग (+)