बाॅलीवुड की क्वीन -कंगना विवादों के घेरे में

बाॅलीवुड की क्वीन -कंगना विवादों के घेरे में  

आभा बंसल
व्यूस : 2050 | जुलाई 2016

बाॅलीवुड के सितारों की कोई भी खबर हो, लोग बहुत दिलचस्पी लेकर पढ़ते हैं लेकिन हाल ही में एक खबर को जिसे सभी अखबारों और टेलीविजन चैनल्स ने भी पूरी कवरेज दी वह थी कंगना और ऋतिक का विवाद। बाॅलीवुड में भी इस सीरियस लड़ाई के खूब जोर शोर से चर्चे हो रहे हैं और इन दोनों ए ग्रेड सितारों की तू तू मैं मैं से इनके फैंस को भी काफी निराशा हुई है। बाॅलीवुड में एक दूसरे पर छींटा-कशी करना, किसी न किसी का आपसी विवाद होना या फिर एक दूसरे के रोल को झटकना आदि खबरंे आम बात हंै। बाॅलीवुड में क्वीन के नाम से प्रसिद्धि पा चुकी कंगना रनौत ने अपना मुकाम निश्चय ही अपनी मेहनत के दम पर हासिल किया है। हिमाचल प्रदेश के मक्नाला गांव में जन्मी कंगना का बाॅलीवुड तक का सफर आसान नहीं था। सफलता के इस मुकाम तक पहुंचने के लिए निश्चित रूप से उन्हें बहुत मुसीबतों और कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है। कंगना के दादा जी आई. ए. एसआॅफिसर थे और पिता अमरदीप एक बिजनेस मैन हैं और मां, आशा एक स्कूल टीचर हैं। उसकी एक बड़ी बहन है रंगोली और छोटा भाई अक्षित।

उसका बचपन देहरादून में बीता जहां उसने अपनी स्कूली शिक्षा डी ए. वी. हाई स्कूल से की। वहां पर वह बहुत अच्छी बास्केट बाॅल की खिलाड़ी थी तथा डिबेट आदि में भी भाग लेने की बहुत शौकीन रही। स्कूल के बाद कंगना ने शिमला में काॅलेज के साथ-साथ माॅडलिंग, थियेटर और कत्थक डांस की कक्षाएं भी लीं। उसके माता-पिता उसे डाॅक्टर बनाना चाहते थे पर कंगना के सपने कुछ और ही थे। उन्हें पूरा करने के लिए 16 साल की उम्र में उसने दिल्ली का रूख किया और अपनी मेहनत और लगन से वह माॅडलिंग करने लगी और तभी काॅफी हाऊस में ‘गैंगस्टर’ फिल्म के निर्माता की नजर में आई और 2006 में उसकी पहली फिल्म गैंगस्टर रीलिज हुई और इस फिल्म में परेशान युवती की भूमिका निभाने पर कंगना की काफी सराहना हुई तथा कंगना ने इसके लिए फिल्म फेयर अवार्ड भी जीता। इसके बाद आई वो लम्हे, लाइफ इन ए मेट्रो और फैशन। फैशन में कंगना ने बहुत ही भावनात्मक और दमदार अभिनय किया जिसके लिये उन्हें राष्ट्रीय फिल्म अवार्ड और फिल्म फेयर अवार्ड से नवाजा गया।


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हालांकि बीच में कुछ फ्लाॅप फिल्में आने के बाद कंगना कुछ पीछे चली गई थी लेकिन 2011 में रोमांटिक काॅमेडी ‘तनु वेड्स मनु’ के साथ उन्होंने धमाकेदार वापसी की और फिर आई कंगना के करियर की सबसे बड़ी फिल्म ‘क्वीन’। इसे न सिर्फ जम कर कामयाबी मिली, बल्कि कंगना को फिल्मी दुनिया ने नया मुकाम भी दिया। सभी दिग्गज कलाकारों ने कंगना की जम कर तारीफ की और कंगना बाॅलीवुड की एक सफल अभिनेत्री बन गई। फिर आई ऋतिक रोशन के साथ कृष-3 जिसमें अपने निगेटिव किरदार के लिए भी कंगना ने बहुत वाहवाही बटोरी और यहीं से शुरू हुये कंगना और ऋतिक के अफेयर के किस्से। हालांकि, दोनों इस रिश्ते से लगातार इंकार करते रहे मगर कहा जाता है कि ‘इश्क और मुश्क छुपाए नहीं छुपते’ इसी बीच ऋतिक और उसकी पत्नी सुजैन के बीच अनबन काफी बढ़ गयी और दोनों ने अपने शादी के 17 साल तक चले सफर को खत्म कर दिया और दोनों अपनी-अपनी राह पर चल दिये। कंगना और ऋतिक भी शायद कुछ समय बाद अलग हो गये पर पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब कंगना ने एक प्रेस काॅन्फ्रेंस में ऋतिक को ‘एक्स’ कह डाला।

हालांकि कंगना को यह सार्वजनिक रूप से कहने से बचना चाहिए था लेकिन एक्शन स्टार ऋतिक ने कंगना को अपनी छवि खराब करने के इल्जाम में कानूनी नोटिस भेज दिया। फिर क्या था, कंगना कौन सा चुप बैठने वाली थी। उसने भी नोटिस का जवाब नोटिस से दिया और इस तरह दोनों तरफ से कानूनी नोटिस का जैसे दौर ही शुरू हो गया और इस विवाद में नया मोड़ तब आया जब जाने माने हास्य अभिनेता शेखर सुमन के बेटे अध्ययन सुमन ने भी कंगना के खिलाफ मीडिया में अपना बयान जारी कर दिया और मौके का फायदा उठाते हुए अध्ययन ने कहा कि ‘‘कंगना न केवल अजीबोगरीब स्वभाव की है बल्कि वो अपने पार्टनर का उत्पीड़न भी करती है और उसने उस पर जादू टोना भी किया है।’’ अध्ययन के इस बयान से फिल्म और मीडिया जगत में काफी खलबली मच गई और सारे टीवी चैनलों पर यही खबर छाई रही। लेकिन कंगना जिन्हें हाल ही में ‘तनु ॅमके मनु रिटर्न’ में अपने बेहतरीन अभिनय के लिए फिर से राष्ट्रीय पुरस्कार दिया गया, ने अपने एक साक्षात्कार में कहा कि जब एक महिला एक पुरूष से ज्यादा सफल हो जाती है तो वह उसे बदनाम करने लगता है लेकिन वह अपनी मेहनत और सफलता से ही सबको जवाब देगी।


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कंगना के अनुसार मुझे गरीबी से अमीरी तक की अपनी कहानी पर बहुत गर्व है और यदि आप अपनी प्रतिभा को पहचानते हैं और अपनी मुश्किलों से दोस्ती कर लेते हैं तो मिस फिट होना मजेदार हो जाता है। कुछ लोग जिंदगी में सफल नहीं हो पाते और उसका बदला दूसरों को नुकसान पहुंचा कर लेते हैं। कंगना और ऋतिक के मामले में सच्चाई क्या है इस पर अभी पर्दा ही है हालांकि बाॅलीवुड जैसी जगहों पर तमाम तरह के अफेयर कोई अजूबा नहीं हैं। लेकिन बेहतर होता कि अपनी पास्ट रिलेशनशिप को लेकर ये दोनों किसी विवाद में न पड़ते। दोनों के बीच की सार्वजनिक लड़ाई की बात कोर्ट तक पहुंच जाना उनकी अपरिपक्वता को दिखाता है। आइये देखते हैं क्या कहते हैं कंगना के सितारे- कंगना की जन्म कुंडली के अनुसार लग्न स्वामी शुक्र अपनी उच्च राशि मीन में स्थित है जिसने उन्हें इतना आकर्षक व्यक्तित्व की मलिका बनाया। तृतीयेश चंद्रमा चतुर्थ भाव में है जो कि जनता तथा समाज का प्रतिनिधित्व भी करता है। इस भाव में पराक्रमेश चंद्रमा की स्थिति होने से कंगना अपनी मेहनत और लगन से बाॅलीवुड के उच्च शिखर तक पहुंची और उन्हें जनता का भरपूर प्यार भी प्राप्त हुआ।

राशीश सूर्य और लग्नेश उच्च शुक्र का लाभ स्थान एकादश भाव में युति बहुत शुभ है जिसके कारण कंगना ने अपने करियर में शीघ्र सफलता प्राप्त की और उन्हें अपने प्रभावशाली अभिनय पर तीन-तीन राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार प्राप्त हुए। पंचमेश बुध की गुरु के साथ दशम भाव में युति होने से अपनी सूझ-बूझ तथा बुद्धि के कारण कंगना ने अपनी शिक्षा को पूर्ण किया तथा फिल्मी जगत में अपने बलबूते पर जगह बनाई। पंचम स्थान पर उच्च शुक्र की दृष्टि होने से कंगना की माॅडलिंग, कला, नृत्य, अभिनय आदि के प्रति अभिरूचि बढ़ी। वास्तव में कंगना के जन्म के 6 वर्ष बाद ही शुक्र की महादशा प्रारंभ हो गई थी इसलिए उनकी शिक्षा, फिल्मी करियर की शुरूआत शुक्र ग्रह की दशा में ही हुई और इस दशा अवधि में उन्हें कई अवार्ड भी प्राप्त हुए। लग्नेश शुक्र की दशा कंगना के जीवन की बहुत ही उत्कृष्ट दशा थी जो सही वक्त पर आई। सप्तम भाव में शनि की स्थिति तथा सप्तमेश मंगल की अष्टम भाव में स्थिति के कारण वैवाहिक दृष्टि से इनका जीवन बहुत सफल होने में संदेह है। सप्तम भाव और सप्तमेश पर किसी भी शुभ ग्रह की दृष्टि नहीं है।

सप्तमेश मंगल पर राहु की दृष्टि है तथा सप्तम भाव पापकत्र्तरी योग में भी होने से वैवाहिक जीवन में स्थिरता की कमी होगी। दशम भाव में दो शुभ ग्रह बुध और गुरु के पंचमेश और लाभेश होकर बैठने से दशम भाव शुभ तथा बलवान है। दशमेश शनि भी केंद्र में स्थित है इसीलिए कंगना को अपने कार्य क्षेत्र में विशेष मान-सम्मान, धन, यश प्रतिष्ठा की प्राप्ति हो रही है। पृथ्वी तत्व के वृषभ लग्न होने के कारण कंगना का शांत व्यक्तित्व है परंतु अग्नि तत्व सिंह राशि होने से कंगना किसी से भी दब कर नहीं रह सकती और किसी के गलत आरोप को भी कभी बर्दाश्त नहीं करेगी बल्कि बदला लेने के लिए तत्पर रहेगी। इसीलिए उनका ऋतिक से विवाद इस सीमा तक पहुंच गया है। सप्तमेश मंगल की शुक्र पर दृष्टि होने से तथा शुक्र एवं सूर्य की पंचम भाव पर दृष्टि होने से कंगना के प्रेम संबंधों में खटास आती रहती है। वर्तमान समय में इनकी सूर्य की महादशा में शनि की अंतर्दशा चल रही है और राशि से शनि की ढैय्या भी चल रही है। शनि इस समय वक्री होकर सप्तम स्थान में वक्री मंगल के साथ जन्मस्थ शनि पर गोचर कर रहे हैं जिसके कारण कंगना पिछले दो महीने से ऋतिक रोशन के साथ विवादों में घिरी रही और अभी भी केस कोर्ट के अधीन है।


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13 अगस्त को शनि के मार्गी होने के बाद परिस्थिति अनुकूल हो जाएगी। सूर्य में शत्रु शनि की अंतर्दशा भी अनुकूल नहीं है। कंगना यद्यपि वर्तमान समय में वक्री शनि मंगल के गोचर के कारण विवादों के घेरे में है परंतु इनकी कुंडली में दशम भाव में गुरु ग्रह की श्रेष्ठतम स्थिति के कारण अन्ततः सभी विवादों से बाहर निकल कर पुनः प्रतिष्ठा को प्राप्त करेंगी परंतु जनवरी 2017 से 2020 तक अष्टम भाव में मंगल के ऊपर से शनि का गोचर स्वास्थ्य, सुरक्षा, मान-सम्मान आदि के मामलों के अतिरिक्त प्रेम संबंधों में कुछ तकलीफ दे सकता है परंतु गुरु की श्रेष्ठ स्थिति व नियमित रूप से किया गया पूजा पाठ इन्हें सुरक्षा प्रदान करता रहेगा। लेकिन सूर्य की दशा करियर में सफलता की दृष्टि से बहुत अनुकूल रहेगी और आने वाली चंद्रमा की दशा में भी कंगना अपनी सफलता के नये आयाम स्थापित करंेगी और इनकी लोकप्रियता में भी चार चांद लग जाएंगे। कंगना की कुंडली में निर्मित कुछ योग अमल कीर्ति योग: यदि चंद्रमा से अथवा लग्न से दशम भाव में केवल शुभ ग्रह बैठे हों तो ‘अमलकीर्ति योग’ बनता है।

इनके लग्न से दशम भाव में बृहस्पति और बुध दोनों शुभ ग्रह बैठे हैं जिससे इनकी कुंडली में यह योग पूर्णरूप से घटित हो रहा है। इसके कारण इन्हें यश, मान, प्रतिष्ठा की प्राप्ति हो रही है तथा भविष्य में लंबे समय तक इनकी कला की वजह से इन्हें याद किया जायेगा। गजकेसरी योग: लग्न या चंद्रमा से गुरु यदि केंद्र में शुभ ग्रह युक्त दृष्ट हो तथा शत्रु राशि में न हो तो यह योग पूर्ण रूप से घटित होता है। इनकी कुंडली में लग्न तथा चंद्रमा से गुरु शुभ युक्त होकर केंद्र में सम राशि में बैठे हंै जिससे यह योग पूर्ण रूप से बन रहा है जिसके कारण कंगना धन-संपत्ति, विद्या-बुद्धि आदि गुणों से परिपूर्ण है। वीणा योग: यदि सभी ग्रह कुंडली में सात राशि में विद्यमान हों तो यह योग बनता है। इनकी कुंडली में सभी ग्रह सात राशि में बैठे हैं तथा कुंडली में यह योग पूर्णरूप से बन रहा है जिसके कारण कंगना संगीत, नृत्य, अभिनय आदि कला में निपुण है।

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भूत, वर्तमान एवं भविष्य जानने की मनुष्य की उत्कण्ठा ने लोगों को सृष्टि के प्रारम्भ से ही आंदोलित किया है। जन्मकुण्डली के विश्लेषण के समय ज्योतिर्विद विभिन्न ग्रहों की स्थिति का आकलन करते हैं तथा वर्तमान दशा एवं गोचर के आधार पर यह निष्कर्ष निकालने का प्रयास करते हैं कि वर्तमान समय में कौन सा ग्रह ऐसा है जो अपने अशुभत्व के कारण सफलता में बाधाएं एवं समस्याएं उत्पन्न कर रहा है। ग्रहों के अशुभत्व के शमन के लिए तीन प्रकार की पद्धतियां- तंत्र, मंत्र एवं यंत्र विद्यमान हैं। प्रथम दो पद्धतियां आमजनों को थोड़ी मुश्किल प्रतीत होती हैं अतः वर्तमान समय में तीसरी पद्धति ही थोड़ी अधिक प्रचलित है। इसी तीसरी पद्धति के अन्तर्गत विभिन्न ग्रहों के रत्नों को धारण करना है। ये रत्न धारण करने के पश्चात् आश्चर्यजनक परिणाम देते हैं तथा मनुष्य को सुख, शान्ति एवं समृद्धि से ओत-प्रोत करते हैं। फ्यूचर समाचार के वर्तमान अंक में रत्नों से सम्बन्धित अनेक उत्कृष्ट एवं उल्लेखनीय आलेखों को सम्मिलित किया गया है जो रत्न से सम्बन्धित विभिन्न आयामों पर प्रकाश डालते हैं।

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