वास्तु पुरुष एवं दिशाएं


उत्तर-पश्चिम बढ़ने के दुष्परिणाम

कुछ समय पूर्व पं. जी ने कानपुर के श्री नारायण तिवारी जी के घर का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई मुख्य वास्तु दोष सामने आये। विजय जी का कहना था कि इस घर में आने के बाद उनकी आर्थिक स्थिति खराब रहने लगी है। पैसों की तंगी हम... और पढ़ें

वास्तुवास्तु परामर्शवास्तु दोष निवारणवास्तु पुरुष एवं दिशाएं

सितम्बर 2015

व्यूस: 2567

वास्तु संबंधित दोष

वास्तु संबंधित दोष

फ्यूचर पाॅइन्ट

यदि किसी व्यक्ति को धनाभाव हो या उन्नति रूकी हुई हो तो वास्तु से संबंधित क्या दोष संभावित हैं? वास्तु उपायों द्वारा कैसे इस प्रकार की स्थिति को सुधारा जा सकता है?... और पढ़ें

उपायवास्तुभविष्यवाणी तकनीकवास्तु परामर्शवास्तु दोष निवारणवास्तु पुरुष एवं दिशाएंवास्तु के सुझाव

दिसम्बर 2016

व्यूस: 2596

वास्तु शास्त्र का वैज्ञानिक आधार

वास्तु शास्त्र का वैज्ञानिक एवं आध्यात्मिक आधार है। यदि आप वेदों पर और भगवान पर विश्वास करते हैं तो कोई कारण नहीं कि वास्तु पर विश्वास न करें। जिस प्रकार हमारा शरीर पंच महाभूतों से मिलकर बना है, उसी प्रकार किसी भी भवन के नि... और पढ़ें

वास्तुभविष्यवाणी तकनीकवास्तु परामर्शवास्तु दोष निवारणवास्तु पुरुष एवं दिशाएंवास्तु के सुझाव

दिसम्बर 2016

व्यूस: 2703

वास्तु सीखें

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प्रमोद कुमार सिन्हा

सिल्वर या उजले रंग की पांच छड़ों वाली धातु की स्वरलहरी कमरे के पष्चिम या घर मंे पष्चिम की तरफ लगाने से मानसिक षांति एवं पारिवारिक सुख में वृद्धि होती है।... और पढ़ें

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अप्रैल 2012

व्यूस: 2235

मल्टीस्टोरी फ्लैट की वास्तु की उपयोगिता एवं व्यवस्था

समरांगण सूत्रधार के अनुसार शुभ एवं मंगल रूप से निर्मित सुखद मकान में अच्छे स्वास्थ्य, धन संपत्ति, बुद्धि, संतान तथा शांति का निवास होता है। भवन स्वामी को कृतज्ञता के ऋण से मुक्त करेगा। यदि भवन का निर्माण वास्तु शास्त्र के न... और पढ़ें

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दिसम्बर 2015

व्यूस: 2748

अपने घर को बनाएं वास्तु सम्मत

वर्तमान समय में सामान्य जन अपनी मध्यम आर्थिक स्थिति के कारण तथा छोटे परिवार के कारण छोटे भूखंड पर भवन बनाते हैं। ऐसे में सभी प्रकार के कक्ष बनाना संभव नहीं हो पाता। लेकिन जो कक्ष मुख्य रूप से बनाए जाते हैं उसमें 8 या 9 कक्... और पढ़ें

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दिसम्बर 2016

व्यूस: 2883

वायव्य में भूमिगत पानी-सहयोग में कमी एवं सरकारी परेशानी

गत जनवरी में जयपुर के एक प्रसिद्ध होटल की मालकिन के होटल की बगल में बन रहे घर का वास्तु परीक्षण किया गया। मालकिन का कहना था कि वह बहुत दिनों से मकान बनाने की कोशिश कर रही थीं, किंतु अप्रत्याशित रूप से कोई न कोई समस्या आती रही है।... और पढ़ें

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मार्च 2010

व्यूस: 2700

वास्तु सीखें

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प्रमोद कुमार सिन्हा

दाम्पत्य संबंधो में प्रगाढ़ता, आपसी प्रेम तथा खुशियों के लिए भवन में नव विवाहित दम्पतियों के लिए उत्तर-पश्चिम के क्षेत्र में अर्थात् वायव्य की ओर शयनकक्ष बनाना चाहिए।... और पढ़ें

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अकतूबर 2011

व्यूस: 2642

उत्तर-पश्चिम का बंद कोना मुकदमेबाजी का कारण

कुछ समय पहले पंडित जी जयपुर में एक व्यापारी से मिले। उन्होेंने बताया कि वह अपनी एक प्रापर्टी की वजह से परेषान है जिसे उन्होंने बैंक वालों से नीलामी में खरीदा था।... और पढ़ें

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अप्रैल 2011

व्यूस: 2735

वास्तु शास्त्र एवं धर्म

वास्तु शास्त्र एवं धर्म

बाबुलाल शास्त्री

एक आर्किटेक्ट एक उत्तम भवन तो बना सकता है परंतु उसमें रहने वाले प्राणी के सुखी जीवन की गारंटी नहीं दे सकता। वास्तु विधा इस बात की गारंटी देती है। संसार में जितनी भी मानव सभ्यताएं है उनमें भवन निर्माण को एक सांसारिक कृत्य मान... और पढ़ें

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दिसम्बर 2015

व्यूस: 2874

वशिष्ठ संहिता के अनुसार अध्ययन कक्ष पश्चिम में प्रशस्त क्यों?

मनुष्य के जीवन में अध्ययन का विशेष महत्व है। अध्ययन की विशेषता यह है कि यह बुद्धि के कोष को ज्ञान से युक्त करता है। ज्ञान व्यक्ति को सद् एवं असद् में जो भिन्नता है, उससे परिचित कराता है। वास्तुशास्त्र के आर्षग्रंथों में वृहत... और पढ़ें

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नवेम्बर 2015

व्यूस: 2796

फेंग शुई और वास्तु में अंतर और समानताएं

फेंग शुई: फेंग शुई का शाब्दिक अर्थ है, फेंग हवा और शुई पानी, अर्थात् हवा और पानी। पृथ्वी को उचित मात्रा में हवा और पानी प्राप्त हों तो फसल भरपूर होती है। फलस्वरूप किसान समृद्ध होते हंै। इसलिए इस शब्द का उपयोग आरंभ में किसान... और पढ़ें

वास्तुफेंगशुई एवं वास्तुभविष्यवाणी तकनीकवास्तु परामर्शवास्तु दोष निवारणवास्तु पुरुष एवं दिशाएंवास्तु के सुझाव

दिसम्बर 2015

व्यूस: 2845

Ask a Question?

Some problems are too personal to share via a written consultation! No matter what kind of predicament it is that you face, the Talk to an Astrologer service at Future Point aims to get you out of all your misery at once.

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