शनि को कल्याणकारी बनाने के उपाय जे.के. शर्माशनि शुभ होने पर निम्न उपाय करें: - नीलम रत्न, चांदी की अंगूठी में बनवा कर, मध्यमा अंगुली में, शनिवार के दिन प्रातः पहनें। - नीले रंग की वस्तुओं का उपयोग करें जैसे नीले वस्त्र, चादर, पर्दे आदि।... और पढ़ेंज्योतिषउपायभविष्यवाणी तकनीकनवेम्बर 2014व्यूस: 23272
लाल किताब के ज्योतिषीय सूत्र व उपाय सुल्तान फैज ‘टिपू’लाल किताब के सूत्र, उपाय और सिद्धांत वैदिक ज्योतिष से भिन्न तो है ही। उस भिन्नता की विषेष जानकारी और सकारात्मक और मनचाहे फल की प्राप्ति के लिए भाव परिवर्तन की विधि के बारे में जानने के लिए यह लेख अपने आप में विषिष्ट है।... और पढ़ेंज्योतिषउपायभविष्यवाणी तकनीकलाल किताबज्योतिषीय विश्लेषणमार्च 2011व्यूस: 43624
हस्त रेखाएं और ज्योतिष फ्यूचर पाॅइन्टजो ज्योतिष में है वही हाथ की रेखाओं में है दोनों एक दूसरे के पूरक है। हाथ की विभिन्न रेखाएं क्या फलित कथन करती है इसकी जानकारी इस लेख में दी गई है।... और पढ़ेंज्योतिषहस्तरेखा शास्रहस्तरेखा सिद्धान्तभविष्यवाणी तकनीकअप्रैल 2011व्यूस: 21355
क्या-क्या करते हैं अस्त ग्रह? जय इंदर मलिकसूर्य को ग्रहों का राजा कहा जाता है। जो ग्रह सूर्य से एक निष्चित अंषों पर स्थित होने पर अपने राजा के तेज और ओज से ढंक जाता है और क्षितिज पर दृष्टिगोचर नहीं होता तो उसका प्रभाव नगण्य हो जाता है।... और पढ़ेंज्योतिषग्रहभविष्यवाणी तकनीकअप्रैल 2015व्यूस: 27179
कुंडली से जातक का अनुमानित जन्म समय, दिनांक, मास और वर्ष जानना फ्यूचर पाॅइन्ट1. विषय प्रवेश: देश, काल और पात्र की जानकारी के बिना किसी भी कुंडली का विवेचन नहीं करना चाहिये। परन्तु अगर कोई आपके समक्ष गलत जानकारी वाली कुंडली प्रस्तुत कर दे तो इस लेख में वर्णित विधि उस कुंडली की सच्चाई परखने में आपकी सहा... और पढ़ेंज्योतिषभविष्यवाणी तकनीककुंडली व्याख्याज्योतिषीय विश्लेषणअप्रैल 2015व्यूस: 34624
आप और आपका नववर्ष 2016 तन्वी बंसलसबसे पहले आप सभी को नव वर्ष की बहुत-बहुत शुभकामनाएं। हर नया वर्ष जीवन में नयी उमंग और उम्मीदें लेकर आता है कुछ नई महत्वाकांक्षाएं तो कुछ अधूरे सपने को पूरा करने का नया मौका। प्रायः सभी लोग नववर्ष के अवसर पर खुशियां मनाते हैं।... और पढ़ेंज्योतिषराशिभविष्यवाणी तकनीकज्योतिषीय विश्लेषणजनवरी 2016व्यूस: 10319
भारत के प्रधानमंत्रियों के राज योग तिलक राजइस आलेख में भारत के प्रधानमंत्रियों की जन्मकुंडलियों का संक्षिप्त विवेचन किया गया है।... और पढ़ेंज्योतिषप्रसिद्ध लोगज्योतिषीय योगग्रहघरभविष्यवाणी तकनीककुंडली व्याख्याअकतूबर 2009व्यूस: 9189
अंक ज्योतिष: एक विश्लेषण डॉ. अरुण बंसलअंक ज्योतिष अपनी सरलता के कारण जनता में अत्यधिक प्रचलित है। केवल कुछ अंकों को जोड़िए और जान लीजिए कि अमुक दिन, पदार्थ, व्यक्ति, स्थान या देश आपके लिए शुभ है या नहीं।... और पढ़ेंअंक ज्योतिषभविष्यवाणी तकनीकटैरोअप्रैल 2006व्यूस: 8864
बहुविवाह एवं द्विविवाह एस. लव पांडेयअधिकतर हम ज्योतिषी लोग जन्म कुंडली मेलापक करते समय समग्र विषय पर विचार न करके विवाह के लिए सलाह दे देते हैं। गुण मिलाकर सलाह दे देने से वैवाहिक जीवन अच्छा नहीं रहता, गुण के साथ-साथ ग्रहों का मिलान करना भी आवश्यक है। ग्रह मिलान करत... और पढ़ेंज्योतिषज्योतिषीय योगविवाहभविष्यवाणी तकनीकजनवरी 2007व्यूस: 10053
रमल ज्योतिष से जानें संतान सुख कब नरेंद्र कुमार भैयारमल (अरबी ज्योतिष) शास्त्र में बिना जनम पत्रिका यानी कि रमल ज्योतिषा शास्त्र के पासे जिसे अरबी भाषा में ‘कुरा’ कहते हैं। रमल (अरबी ज्योतिष) शास्त्र में इस प्रश्न के अतिरिक्त किसी भी प्रश्न में जातक का नाम, माता-पिता का नाम, जन्म ... और पढ़ेंज्योतिषरमल शास्त्रभविष्यवाणी तकनीकबाल-बच्चेजनवरी 2012व्यूस: 11345
फलित ज्योतिष - जीवन में महत्वपूर्ण घटनाएं कब होती हैं? रामचंद्र शर्माज्योतिष का महत्वपूर्ण भाग फलकथन है। इसी गुण के कारण उसे वेदों का नेत्र कहा जाता है। भविष्य को जानने की चाह प्रत्येक व्यक्ति को होती है, संकट तथा परेशानी में यह चाह और भी बढ़ जाती है। भविष्य को व्यक्त करने की दुनिया के अलग-अलग धर्मो... और पढ़ेंज्योतिषज्योतिषीय योगदशागोचरभविष्यवाणी तकनीकअकतूबर 2005व्यूस: 13640
सिंहस्थ गुरु में विवाह वर्जित क्यों? फ्यूचर पाॅइन्टज्योतिष शास्त्र के अनुसार विवाह विषयों में वर का सूर्य बल एवं चंद्र बल तथा वधू का गुरु बल एवं चंद्र बल देखा जाता है। सूर्य आत्मकारक ग्रह है। गुरु हृदयकारक एवं जीवन को प्रशस्त करने वाला ग्रह है। चंद्रमा मन का कारक ग्रह भी मा... और पढ़ेंज्योतिषविवाहभविष्यवाणी तकनीकजून 2015व्यूस: 13762