सूर्य-शनि युति फलादेश

जन्मकुंडली में दो या अधिक ग्रहों के आपसी संबंध को ‘योग’ कहते हैं। इन संबंधों में ‘युति’ का अंतिम (चैथा) स्थान है। ग्रह योग पिछले जन्म के अच्छे-बुरे कर्मफल अनुसार बनते हैं जिसकी अनुभूति उन ग्रहों की दशा भुक्ति में जातक को ह... और पढ़ें

ज्योतिषज्योतिषीय विश्लेषणग्रहभविष्यवाणी तकनीक

फ़रवरी 2017

व्यूस: 26815

विवाह के समय ध्यान रखने योग्य बातें

हिंदू धर्म शास्त्रों में हमारे सोलह संस्कार बताए गए हैं। इन संस्कारों में काफी महत्वपूर्ण विवाह संस्कार है। शादी को व्यक्ति का दूसरा जन्म भी माना जाता है क्योंकि इसके बाद वर-वधू सहित दोनों के परिवारों का जीवन पूरी तरह बदल जाता है।... और पढ़ें

ज्योतिषज्योतिषीय योगकुंडली व्याख्याघरविवाहग्रहभविष्यवाणी तकनीक

अकतूबर 2013

व्यूस: 25719

सुदर्शन चक्र कुंडली एक अध्ययन

किसी भी कुंडली का फलकथन राशि, लग्न एवं ग्रह दशा को ध्यान में रखकर किया जाता है। जन्म नक्षत्र ज्योतिषीय शास्त्र में वह केंद्र बिंदु है जिसके चारों तरफ जातक की जीवन गति चलती रहती है। सटीक फलकथन करने के लिए जन्म नक्षत्र विचार करना पर... और पढ़ें

ज्योतिषज्योतिषीय योगकुंडली व्याख्याघरग्रहभविष्यवाणी तकनीक

जुलाई 2011

व्यूस: 25069

कैसे जानें बंधन दोष

मंगलवार को 3 किलो पालक, सूर्यास्त से पहले, ला कर घर में किसी परात आदि में रख दें। बुधवार के दिन प्रातः, पालक किसी थैले में रख कर, घर से बाहर जा कर, किसी गाय को खिला दें। यदि गाय पालक सूंघ कर छोड़ दे, या थोड़ा खा कर छोड़ दे, तो समझें ... और पढ़ें

ज्योतिषज्योतिषीय योगकुंडली व्याख्याघरग्रहभविष्यवाणी तकनीक

अकतूबर 2010

व्यूस: 24714

मंगली होना दोष नहीं, बल्कि योग है

सामान्यतः मांगलिक पत्रिका वाले जातक प्रतिभा संपन्न होते हैं तथा उनमें विशेष गुण पाये जाते हैं। मांगलिक होने का विशेष गुण यह है कि जातक किसी भी कार्य को पूर्ण लगन एवं निष्ठा से करता है।... और पढ़ें

ज्योतिषज्योतिषीय विश्लेषणज्योतिषीय योगग्रहभविष्यवाणी तकनीक

जुलाई 2015

व्यूस: 24275

मेष लग्न: विभिन्न भावों में शुक्र की दशा का फल

शुक्र की महादशा मेष लग्न में शुक्र धन भाव का स्वामी होता है और जन्म कुंडली में किस भाव में स्थित है उसका भी विशेष महत्व है। जब भी शुक्र की दशा आयेगी धन योग का फल मिलेगा लेकिन दशा के अनुसार ही शुभ-अशुभ फल प्राप्त होगा। लग्न में शुक... और पढ़ें

ज्योतिषदशाघरग्रह

जून 2013

व्यूस: 24240

देव गुरु बृहस्पति एक वरदान

ऋषि मुनियों ने बृहस्पति की कल्पना ऐसे पुरूष के रूप में की है जो बृहदकाय, विद्वान, सात्विक एवं मिष्ठानप्रिय है। बृहस्पति देव की कृपा के बिना किसी भी जातक का जीवन सुखी एवं संतुष्ट होना असंभव है। जन्मकुंडली में बृहस्पति कर्क, धनु, मी... और पढ़ें

ज्योतिषज्योतिषीय योगकुंडली व्याख्याग्रहभविष्यवाणी तकनीक

अप्रैल 2011

व्यूस: 21521

प्रतिस्पर्धात्त्मक परीक्षा में सफलता कैसे ?

मानव के समस्त कार्य और व्यवसाय को संचालित करने में नेत्रों की भूमिका जिस प्रकार अग्रगण्य मानी गई है ठीक उसी प्रकार ज्ञान, विज्ञान विद्या के क्षेत्र में ज्योतिष विज्ञान दृष्टि का कार्य करता है।... और पढ़ें

ज्योतिषज्योतिषीय योगशिक्षाकुंडली व्याख्याघरग्रहभविष्यवाणी तकनीकव्यवसाय

अप्रैल 2010

व्यूस: 20925

राहु-केतु का फलकथन

राहु-केतु का फलकथन

फ्यूचर पाॅइन्ट

राहु केतु के फलकथन का आधार क्या होना चाहिए और जीवन की लंबी अवधि के कितने वर्ष इन छाया ग्रहों से प्रभावित रहते हैं तथा किन ग्रह योगों के साथ ये शुभ या अषुभ फल देते हैं तथा विभिन्न स्थितियों में राहु और केतु की दषा क्या फल प्रदान कर... और पढ़ें

ज्योतिषग्रहभविष्यवाणी तकनीक

अप्रैल 2011

व्यूस: 20881

हाथों की रेखाओं में भी राहु

सामान्यतः मंगल से निकलकर जीवन व भाग्य रेखा को काटकर मस्तिष्क रेखा को छूने या उसे भी काटकर हृदय रेखा तक जाने वाली रेखाएं, ‘राहु रेखा’ कहलाती है। हाथों में इनकी संख्या एक से लेकर तीन या चार तक होती हैं। मोटी ‘राहु रेखाएं... और पढ़ें

हस्तरेखा शास्रग्रह पर्वत व रेखाएंग्रह

जुलाई 2014

व्यूस: 20825

Ask a Question?

Some problems are too personal to share via a written consultation! No matter what kind of predicament it is that you face, the Talk to an Astrologer service at Future Point aims to get you out of all your misery at once.

SHARE YOUR PROBLEM, GET SOLUTIONS

  • Health

  • Family

  • Marriage

  • Career

  • Finance

  • Business

लोकप्रिय विषय

करियर बाल-बच्चे चाइनीज ज्योतिष दशा वर्ग कुंडलियाँ दिवाली डऊसिंग सपने शिक्षा वशीकरण शत्रु यश पर्व/व्रत फेंगशुई एवं वास्तु टैरो रत्न सुख गृह वास्तु प्रश्न कुंडली कुंडली व्याख्या कुंडली मिलान घर जैमिनी ज्योतिष कृष्णामूर्ति ज्योतिष लाल किताब भूमि चयन कानूनी समस्याएं प्रेम सम्बन्ध मंत्र विवाह आकाशीय गणित चिकित्सा ज्योतिष Medicine विविध ग्रह पर्वत व रेखाएं मुहूर्त मेदनीय ज्योतिष नक्षत्र नवरात्रि व्यवसायिक सुधार शकुन पंच पक्षी पंचांग मुखाकृति विज्ञान ग्रह प्राणिक हीलिंग भविष्यवाणी तकनीक हस्तरेखा सिद्धान्त व्यवसाय पूजा राहु आराधना रमल शास्त्र रेकी रूद्राक्ष श्राद्ध हस्ताक्षर विश्लेषण सफलता मन्दिर एवं तीर्थ स्थल टोटके गोचर यात्रा वास्तु परामर्श वास्तु दोष निवारण वास्तु पुरुष एवं दिशाएं वास्तु के सुझाव स्वर सुधार/हकलाना संपत्ति यंत्र राशि
और टैग (+)