गर्भ रक्षा एवं श्रेष्ठ संतान प्राप्ति के योग सूत्र एवं उपाय

जनवरी 2012

व्यूस: 162368

पुरुष के वीर्य और स्त्री के रज से मन सहित जीव (जीवात्मा) का संयोग जिस समय होता है उसे गर्भाधान काल कहते हैं। गर्भाधान का संयोग (काल) कब आता है ? इसे ज्योतिष शास्त्र बखूबी बता रहा है। चरक संहिता के अनुसार - आकाश, वायु, अग्नि, जल और... और पढ़ें

ज्योतिषउपायबाल-बच्चेघरमुहूर्तग्रह

लाल किताब के टोटके

मार्च 2011

व्यूस: 149752

लाल किताब के टोटके

महेश चंद्र भट्ट

राशियों पर आधारित विभिन्न टोटके केवल लाल किताब में दिये गए हैं। आइए, इस लेख द्वारा जानें कि विभिन्न राशि वाले जातकों को सुखी जीवन के लिए क्या-क्या उपाय करने चाहिए।... और पढ़ें

ज्योतिषउपायलाल किताबसफलताटोटकेराशि

जन्म वार से शरीर का आकर्षण

मई 2013

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यह सूर्य का वार है। सर्वप्रथम इसका नंबर एक है। जिसका जन्म 1, 10, 19 और 28 तारीख में हो तो उस जातक पर सूर्य का प्रभाव रहेगा। सूर्य ग्रहों का राजा है और आत्मा का कारक है। इस वार को जन्मे जातक... और पढ़ें

ज्योतिषप्रसिद्ध लोगआकर्षणभविष्यवाणी तकनीक

कन्या का विवाह कहां होगा

नवेम्बर 2006

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कन्या का विवाह कहां होगा

सीताराम त्रिपाठी

माता-पिता अपनी कन्या का विवाह करने के लिए वर की कुंडली का गुण मिलान करते है। कन्या के भविष्य के प्रति चिंतित माता-पिता का यह कदम उचित हिया। किन्तु इसके पूर्व उन्हें यह देखना चाहिए। की लडकी का विवाह किस उम्र में, किस दिशा में तथा क... और पढ़ें

ज्योतिषज्योतिषीय विश्लेषणविवाहभविष्यवाणी तकनीक

गृह कलह निवारण के अनुभूत उपाय

जुलाई 2006

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गृह कलह की कोई न कोई वजह जरुर होती है जिसे पति – पत्नी के तनाव का मुख्य कारण उनके घरवालों को लेकर उत्पन्न कलह होती है। कलह के कारण कई बार तो दाम्पत्य जीवन में तनाव इतना बढ़ जाता है की तलाक तक की नौबत आ जाती है।... और पढ़ें

ज्योतिषउपायटोटके

नाभि चढ़ना : एक वास्तविक समस्या

अकतूबर 2011

व्यूस: 109129

शिशु रूप में जब मानव गर्भावस्था में होता है, तब नाभि ही एकमात्र वह मार्ग होता है, जिसके माध्यम से वह अपनी सभी महत्वपूर्ण क्रियाओं, जैसे सांस लेना, पोषक तत्वों को ग्रहण करना तथा व्यर्थ और हानिकारक पदार्थों का निष्कासन करता हहै। जन्... और पढ़ें

ज्योतिषस्वास्थ्यज्योतिषीय विश्लेषणविविध

रत्न चयन व् धारण विधि -विधान

मई 2012

व्यूस: 105859

रत्न चयन व् धारण विधि -विधान

भगवान सहाय श्रीवास्तव

सही रत्न का चुनाव करना एक कठिन कार्य है, क्योंकि रत्न जहां लाभ करते हैं. वहीँ हानि भी पहुंचा सकते हैं. लग्न, चतुर्थ, पंचम, नवम, दशम, द्वितीय ये शुभ भाव हैं. यदि इनसे सम्बंधित ग्रह जन्मकुंडली में स्वग्रही... और पढ़ें

ज्योतिषरत्नसुख

तुला राशि को साढेसाती का प्रभाव सुखद रहेगा

जुलाई 2011

व्यूस: 83729

शनि १५ नवंबर २०११ को तुला राशि में प्रवेश करेंगे शनि की साढेसाती कन्या, तुला, वृश्चिक राशि पर रहेगी। इन तीनों राशियों में तुला राशि के जातकों के लिए शनि की साढेसाती शुभ रहेगी।... और पढ़ें

ज्योतिषमंत्रभविष्यवाणी तकनीक

लग्न कुंडली देखे या चलित कुंडली

जनवरी 2006

व्यूस: 81252

जब भविष्यवाणी करने की बात आती है तो भाव चलित कुंडली बहुत महत्वपूर्ण होती है। लोग प्रायः भ्रमित रहते हैं की किस कुंडली का प्रयोग किया जाए क्योंकि कभी कभार दोनों कुंडलियों में ग्रह स्थितियाँ अलग-अलग होती है।... और पढ़ें

ज्योतिषटैरोभविष्यवाणी तकनीक

सफल हनुमान साधना के नियम

आगस्त 2013

व्यूस: 78868

हनुमान जी को प्रसन्न करना बहुत सरल है। राह चलते उनका नाम स्मरण करने मात्र से ही सारे संकट दूर हो जाते हैं। जो साधक विधिपूर्वक साधना से हनुमान जी की कृपा प्राप्त करना चाहते हैं उनके लिए प्रस्तुत हैं कुछ उपयोगी नियम ...... और पढ़ें

ज्योतिषदेवी और देवविविध

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