सफलता की ऊंची उड़ान

सफलता की ऊंची उड़ान  

केवल ज्ञान का भार ढोने का कोई महत्व नहीं। महत्व है ज्ञान के प्रायोगिक निरूपण का, जानने और मानने में अंतर है श्रेयस्कर है। हम पहले जानें फिर मानें। प्राणी जगत में व्यक्ति सर्वश्रेष्ठ प्राणी इसलिए कहलाता है कि उसमें विवेक एवं संवेदना का गुण है दुनिया का हर व्यक्ति जीवन में सुख-समृद्धि मानसिक शांति और कामयाबी की ऊंची उड़ान की इच्छा करता है। वास्तुशास्त्र व्यक्ति के आचार, विचार, पद, सम्मान व आर्थिक स्थितियों को भी प्रभावित करता है। जो वास्तुशास्त्र चुंबकीय प्रवाहों, वायु, सूर्य की ऊर्जा आदि पर आधारित है। इन पांच मूल तत्वों के सही सम्मिश्रण से ही बायोइलैक्ट्रिक एनर्जी की उत्पत्ति होती है जो व्यक्ति को जीवन में सफलता की ऊंची उड़ान पर ले जाती है। इंजीनियर राम बजाज ने कहा है - बड़े सपने, बड़े विचार, बड़ा विश्वास, बड़ा लक्ष्य, बड़ा फैसला ही बड़ी कामयाबी का आकार तय करता है। याद रखो कि सफल व्यक्ति सुपरमैन नहीं होता न ही उसके पास कोई जादुई शक्ति होती है। सफल व्यक्ति हमारे तुम्हारे जैसे साधारण व्यक्ति होते हैं परंतु फर्क अपने आप पर विश्वास और अपनी क्षमताओं पर विश्वास। अवसर तुम्हारे घर का दरवाजा खटखटाने नहीं आयेगा बल्कि तुम्हें अवसरों का दरवाजा खटखटाना होगा। सफलता की ऊंची उड़ान के लिए अच्छी शिक्षा, ज्ञान निरंतर अध्ययन जरूरी है उसके लिए निम्न वास्तु के उपाय हंै- 1. कार्य करते समय यथासंभव ब्रह्म मुहूर्त में पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करें। 2. कार्य टेबल पर पिरामिड एजूकेशन टावर, ग्लोब। ऊंचा उड़ने वाले पक्षी का चित्र रखें। 3. कार्य कक्ष के गेट की पीठ का अध्ययन ना करें। 4. सूर्य की ऊर्जा का भरपूर लाभ मिलता रहे। 5. कार्य सीट बीम, परछती, गार्डर के बीच न हो। 6. कार्य कक्ष में हल्का पीला/नीला रंग करें। 7. कार्य कक्ष में अनावश्यक सामान ना रखें स्टोर ना बनाये। 8. कार्य कक्ष में प्रेरणादायक चित्र/यंत्र लगाएं। 9. फेंगसूई के अनुसार सात घंटियों वाली पवन घंटी अध्ययन कक्ष के पश्चिम क्षेत्र में लगाएं। 10. नोटस बुक/किताबें हमेशा खुली ना रखें। 11. कार्य कक्ष में मंत्र/संगत की कैसेट बजाये। दृष्टिकोण (सोच) ही व्यक्ति को छोटा या बड़ा बनाती है। 1. हमारी प्रथम जरूरत है सकारात्मक दृष्टि होना। 2. कार्य शीघ्र शुरू करें टालमटोली का आदत ना बनायें। 3. सत्य को गलत ढंग से पेश ना करें। 4. खुद को एक ईमानदार व्यक्ति बनायें। 5. सच्चाई व ईमानदारी को अपनायें। 6. लक्ष्य बनाये लक्ष्य पर कार्य करें। 7. जो व्यक्ति काम शुरू करते हैं वो ही प्रतियोगिता में दौड़ की अंतिम लाईन पर पहुंचता है। 8. आत्मविश्वास और स्वाभिमान जगाएं। 9. नकारात्मक सोच को ना पनपने दें सकारात्मक सोच को जीवन में पैदा करें यह आपको जीवन की सफलता की ऊंची उड़ान पर ले जायेगी।


योजनापूर्वक इच्छित संतान विशेषांक  जनवरी 2012

शोध पत्रिका के इस अंक में अधिकतर आलेख योजनापूर्वक इच्छित संतान प्राप्ति के महत्वपूर्ण विषय पर हैं।

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