वास्तु संबंधित प्रश्न

प्रद्गन : पृथ्वी अपनी धुरी पर घूमती हुई सूर्य की परिक्रमा करती है। अर्थात् पृथ्वी स्थिर नहीं है। ऐसे में वास्तु की प्रासंगिकता क्या है? उत्तर : यह सही है कि पृथ्वी अपनी धुरी पर घूमती हुई सूर्य की परिक्रमा करती है, साथ ही हमारा पूर... और पढ़ें

स्वास्थ्यवास्तुसुखगृह वास्तुव्यवसायिक सुधारसंपत्ति

अकतूबर 2010

व्यूस: 8746

पदमावती यंत्र / पदमावती मंत्र

कष्टोंपचार के त्रिविध साधनों में से यंत्र एवं मंत्र दो अति महत्वपूर्ण साधन माने गए हैं। वैदिक काल से ही इनकी श्रेष्ठता किसी न किसी रूप में इनके कुशल एवं लाभदायक अनुप्रयोगों द्वारा स्पष्ट होती रही हैं।... और पढ़ें

देवी और देवउपायमंत्रसंपत्तियंत्र

फ़रवरी 2013

व्यूस: 8729

किस वस्तु का व्यापार करें किससे होगा लाभ

कौन ग्रह तथा किस तरह के विषेष ग्रह योगों से और किस व्यापार से लाभ होगा। इस लेख में इस विषय पर संक्षेप में बड़ी उपयोगी और सटीक जानकारी दी गई है।... और पढ़ें

ज्योतिषभविष्यवाणी तकनीकसफलतासंपत्तिराशि

अप्रैल 2011

व्यूस: 8594

दिशाओं में छिपी समृद्धि: पंचतत्व व इष्टदेव

व्याधिं मृत्यं भय चैव पूजिता नाशयिष्यसि। सोऽह राज्यात् परिभृष्टः शरणं त्वां प्रपन्नवान।। प्रण्तश्च यथा मूर्धा तव देवि सुरेश्वरि। त्राहि मां पùपत्राक्षि सत्ये सत्या भवस्य नः।। ”तुभ पूजित होने पर व्याधि, मृत्यु और संपूर्ण भयों का ना... और पढ़ें

देवी और देववास्तुगृह वास्तुव्यवसायिक सुधारसंपत्ति

अप्रैल 2012

व्यूस: 8518

लक्ष्मी प्राप्ति के लिए विशेष प्रभावशाली दीपावली पूजन पोटली

देवी महालक्ष्मी संपूर्ण, ऐश्वर्य, चल, अचल, संपति, धन, यश, कीर्ति एवं सकल सुख वैभव को देने वाली साक्षात् जगत माता नारायणी है। श्री गणेश जी समस्त विध्नों कि नाशक, अमंगालों के हरण करता, सद्विद्या एवं बुद्धि के दाता हैं, कार्तिक अमावस... और पढ़ें

देवी और देवमंत्रसंपत्तियंत्र

नवेम्बर 2007

व्यूस: 8118

जन्मांग में आपका धन एवं आमदनी का साधन

विभिन्न लग्नों के धनदायक ग्रहों की बलवान स्थिति व्यक्ति को खूब धन लाभ कराती है। यदि कुंडली में धन भाव और लाभ भाव दोनों श्रेष्ठ है तो व्यक्ति धन आसानी से कमा सकता है। किस योग से किस जन्म लग्न में और किन ग्रहों से धन प्राप्त होता है... और पढ़ें

ज्योतिषकुंडली व्याख्याभविष्यवाणी तकनीकसंपत्ति

मई 2011

व्यूस: 7911

लक्ष्मी आगमन के विशेष वास्तु उपचार

गृह के मुख्य द्वारा को गृहमुख माना जाता है. इसका वास्तु शास्त्र में विशेष महत होता हा. यह परिवार व् गृहस्वामी की शालीनता,समृद्धि विद्वता दर्शाता है. इसलिए मुख्य द्वार को हमेशा बाकी द्वारों की अपेक्षा कुछ बड़ा व् सुसज्जित रखने की प्... और पढ़ें

देवी और देववास्तुभविष्यवाणी तकनीकसंपत्ति

दिसम्बर 2009

व्यूस: 7893

भोजशाला (रसोई)

भोजशाला (रसोई)

सेवाराम जयपुरिया

जैसा खाओगे अन्न वैसा बनेगा मन (16 कक्षों की कल्पना के कारण में भोजनालय भी है।) इसलिये रसोईघर घर का सबसे संवेदनशील स्थान होता है। यह सर्वविदित है कि प्रत्येक प्राणी के जीवन में भोजन का बहुत महत्त्व है। क्योंकि यह शारीरिक व मानसिक द... और पढ़ें

स्वास्थ्यवास्तुसुखगृह वास्तुव्यवसायिक सुधारसंपत्ति

अकतूबर 2010

व्यूस: 7652

कुछ उपयोगी टोटक

कुछ उपयोगी टोटक

संत बाबा फतह सिंह

छोटे-छोटे उपाय हर घर में लोग जानते हैं, पर उनकी विधिवत्जानकारी के अभाव में वे उनके लाभ से वंचित रह जाते हैं।... और पढ़ें

स्वास्थ्यउपायविवाहटोटकेसंपत्ति

जनवरी 2011

व्यूस: 7601

ज्योतिषीय व वास्तु उपायों का संबंध

प्रत्येक व्यक्ति में यह स्वभाविक इच्छा होती है कि मैं सदा सुखी, धनी व स्वस्थ रहूं। जब उसकी किसी भी इच्छा की पूर्ति नहीं होती तो वह विचलित हो जाता है। अपनी इच्छाओं की पूर्ति के लिए वह ज्योतिषीय वास्तु उपायों का सहारा लेता है।... और पढ़ें

ज्योतिषस्वास्थ्यउपायवास्तुसुखगृह वास्तुव्यवसायिक सुधारसंपत्ति

अकतूबर 2010

व्यूस: 7457

Ask a Question?

Some problems are too personal to share via a written consultation! No matter what kind of predicament it is that you face, the Talk to an Astrologer service at Future Point aims to get you out of all your misery at once.

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