कुंडली व्याख्या


शनि और करियर

शनि और करियर

यशकरन शर्मा

करियर निर्माण में सभी ग्रहों की अलग-अलग भूमिका है। शनि सभी ग्रहों में सर्वाधिक महत्वपूर्ण ग्रह है जो व्यावसायिक जीवन में स्थिरता व सुरक्षा प्रदान करता है। शनि के इसी महत्वपूर्ण गुण को उजागर करने हेतु प्रस्तुत है यह लेख जिसमें शन... और पढ़ें

ज्योतिषज्योतिषीय विश्लेषणकुंडली व्याख्याग्रहभविष्यवाणी तकनीकव्यवसाय

नवेम्बर 2014

व्यूस: 14150

गूंगा बहरा होने के ज्योतिषीय कारण एवं उपाय

गूंगापन: जन्मलग्न या चंद्र लग्न से द्वितीय भाव वाणी का प्रतिनिधित्व करता है तथा बुध ग्रह को वाणी का कारक माना गया है। द्वितीय भाव, द्वितीयेश या कारक ग्रह बुध के पाप ग्रस्त या दुःख स्थानों में होने पर यह दोष उत्पन्न होता है।... और पढ़ें

ज्योतिषउपायज्योतिषीय विश्लेषणज्योतिषीय योगकुंडली व्याख्याभविष्यवाणी तकनीक

जनवरी 2011

व्यूस: 14010

वाहन सुख: कब और कैसा?

वाहन सुख: कब और कैसा?

रामप्रसाद उपाध्याय

प्रत्येक यक्ति के मन में यह जानने की उत्सुकता होती है कि उसे वाहन कब प्राप्त होगा। जन्मपत्रिका में वाहन सुख का अध्ययन चैथे और ग्यारहवें भाव से किया जाता है। वाहन का कारक ग्रह शुक्र माना गया है। व्यक्ति को वाहन सुख चतुर्थेश और एका... और पढ़ें

ज्योतिषज्योतिषीय योगदशाकुंडली व्याख्याभविष्यवाणी तकनीकगोचर

जुलाई 2004

व्यूस: 13944

प्रेम व अंतर्जातीय विवाह

प्रेम व अंतर्जातीय विवाह

किशोर घिल्डियाल

भारतीय समाज में विवाह एक संस्कार के रूप में माना जाता है। जिसमें शामिल होकर स्त्री पुरुष मर्यादापूर्ण तरीके से अपनी इच्छाओं की पूर्ति कर वंशवृद्धि या अपनी संतति को जन्म देते हैं। सामान्यतः विवाह का यह संस्कार परिवारजनों की सहमति य... और पढ़ें

ज्योतिषज्योतिषीय योगकुंडली व्याख्याघरविवाहग्रहभविष्यवाणी तकनीक

जुलाई 2013

व्यूस: 13616

फलित में अष्टक वर्ग की विशेषता

फलित ज्योतिष में फलादेश निकालने की अनेक विधियां प्रचलित हैं, जिनमें से पराशरोक्त सिद्धांत, महादशाएं, अंतर दशाएं, प्रत्यंतर दशाएं, सूक्ष्म दशायें इत्यादि के साथ, जन्म लग्न, चंद्र लग्न, नवांश लग्न के द्वारा, वर्ष, मास, दिन एवं घंटों... और पढ़ें

ज्योतिषअष्टकवर्गकुंडली व्याख्याघरग्रहभविष्यवाणी तकनीक

जनवरी 2004

व्यूस: 13378

संतान योग ज्योतिषीय आधार पर विवेचना

आज के अर्थ प्रधान युग में प्रत्येक व्यक्ति स्त्री/पुरुष धन धनवान एवं संपत्तिवान शीघ्राशीघ्र होना चाहता है। इस चाहत में विवाह विलंब से हो रहे हैं, तथा व्यक्ति का रूझान भी परिवार बढ़ाने का विवाह के उपरांत शीघ्र संतान नहीं चाहता अतः स... और पढ़ें

ज्योतिषज्योतिषीय योगबाल-बच्चेकुंडली व्याख्याघरग्रहभविष्यवाणी तकनीक

जुलाई 2009

व्यूस: 13158

बालारिष्ट योग (आयु निर्णय)

बच्चे तथा उसके माता-पिता द्वारा किए गए पूर्व जन्म के दुष्कृत्यों से संचित शिशु की जन्मकालिक क्रूर ग्रह स्थिति आदि को रिष्ट या अरिष्ट कहा गया है। रिष्ट तथा अरिष्ट का अर्थ शब्दकोश के अनुसार शुभ और अशुभ है, किंतु आयु निर्णय में इसका ... और पढ़ें

ज्योतिषस्वास्थ्यकुंडली व्याख्याघरचिकित्सा ज्योतिषग्रहभविष्यवाणी तकनीक

अकतूबर 2012

व्यूस: 12843

वक्री ग्रह व विवाह सुख

वक्री ग्रह व विवाह सुख

किशोर घिल्डियाल

भारतीय ज्योतिष में विवाह सप्तम भाव से देखा जाता है। सप्तम भाव जहां जीवन साथी हेतु देखा जाता है वहीं उसके स्वामी की स्थिति, उसका लग्नेश के साथ संबंध और इन सबसे ऊपर शुक्र (भोगकारक) ग्रह की स्थिति का आकलन सही प्रकार से किया जाए... और पढ़ें

ज्योतिषकुंडली व्याख्याविवाहग्रहभविष्यवाणी तकनीक

जुलाई 2014

व्यूस: 12650

मानसिक तनाव

मानसिक तनाव

अंजना जोशी

ज्योतिष, हस्तरेखाओं के माध्यम से मानसिक तनाव की स्थितियों का ज्ञान आसानी से किया जा सकता है और ज्योतिषीय, योग व शास्त्रीय उपायों से कुछ सीमाओं तक तनाव मुक्ति का प्रयास किया जा सकता है।... और पढ़ें

ज्योतिषस्वास्थ्यकुंडली व्याख्याघरचिकित्सा ज्योतिषग्रहभविष्यवाणी तकनीक

अकतूबर 2010

व्यूस: 12579

राहु-केतु की परम अशुभ फलदाई स्थिति

राहु-केतु का बिंदु मात्र अस्तित्व होने पर भी इनके मानव जीवन पर पड़ने वाले अशुभ प्रभाव के कारण हमारे परम ज्ञानी व दिव्यदृष्टि ऋषियों ने उन्हें छाया ग्रह की संज्ञा दी है, और पापी ग्रहों की श्रेणी में शनि व मंगल के साथ रखा है। इनक... और पढ़ें

ज्योतिषकुंडली व्याख्याभविष्यवाणी तकनीक

जुलाई 2014

व्यूस: 11984

Ask a Question?

Some problems are too personal to share via a written consultation! No matter what kind of predicament it is that you face, the Talk to an Astrologer service at Future Point aims to get you out of all your misery at once.

SHARE YOUR PROBLEM, GET SOLUTIONS

  • Health

  • Family

  • Marriage

  • Career

  • Finance

  • Business

लोकप्रिय विषय

करियर बाल-बच्चे चाइनीज ज्योतिष दशा वर्ग कुंडलियाँ दिवाली डऊसिंग सपने शिक्षा वशीकरण शत्रु यश पर्व/व्रत फेंगशुई एवं वास्तु टैरो रत्न सुख गृह वास्तु प्रश्न कुंडली कुंडली व्याख्या कुंडली मिलान घर जैमिनी ज्योतिष कृष्णामूर्ति ज्योतिष लाल किताब भूमि चयन कानूनी समस्याएं प्रेम सम्बन्ध मंत्र विवाह आकाशीय गणित चिकित्सा ज्योतिष Medicine विविध ग्रह पर्वत व रेखाएं मुहूर्त मेदनीय ज्योतिष नक्षत्र नवरात्रि व्यवसायिक सुधार शकुन पंच पक्षी पंचांग मुखाकृति विज्ञान ग्रह प्राणिक हीलिंग भविष्यवाणी तकनीक हस्तरेखा सिद्धान्त व्यवसाय पूजा राहु आराधना रमल शास्त्र रेकी रूद्राक्ष श्राद्ध हस्ताक्षर विश्लेषण सफलता मन्दिर एवं तीर्थ स्थल टोटके गोचर यात्रा वास्तु परामर्श वास्तु दोष निवारण वास्तु पुरुष एवं दिशाएं वास्तु के सुझाव स्वर सुधार/हकलाना संपत्ति यंत्र राशि
और टैग (+)
horoscope