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बालों से करें भविष्यकथन

बालों से करें भविष्यकथन  

बालों से करें भविष्यकथन पं. डाॅ. महेश मोहन झा विज्ञान ने आज इतनी उन्नति कर ली है कि वह शरीर के बाल से ही डी. एन. ए. प्राप्त करके व्यक्ति की शारीरिक संरचना का पता लगा सकता है। शरीर के विभिन्न अंगों से भविष्य का पता लगाने की कला के पीछे भी वैज्ञानिक कारण रहे होंगे। बाल से प्राप्त डी. एन. ए. परीक्षण से जब शारीरिक संरचना को पता किया जा सकता है तो बाल के बाहरी आवरण से व्यक्ति के स्वभाव और क्षमता को भी समझा जा सकता है। बालों की बनावट के आधार पर किसी व्यक्ति से संबंधित कुछ मौलिक महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त की जा सकती हैं। यह शरीर की बनावट के आधार पर भविष्य कथन का ही आधुनिक रूप है। लंदन के वैज्ञानिकों ने अपने शोध से हाल ही में यह सिद्ध किया है कि बालों की सूक्ष्मता व्यक्ति की बुद्धि से सीधा संबंध रखती है। अपने शोध के प्रथम चरण में शोधकर्मियों ने कुछ सौ महिलाओं के बालों के नमूनों से उनके स्वभाव, चरित्र, और क्षमताओं का पता लगाया। उन्होंने निष्कर्ष निकाले कि जिन महिलाओं के बाल अपेक्षाकृत सूक्ष्म अर्थात पतले होते हैं, वे अधिक महत्वपूर्ण या अधिक वेतन के पदों पर कार्यरत होती हैं। जो स्त्रियां गृहिणियां होती हंै वे सामाजिक और दूसरे सृजनात्मक कार्यों में सक्रिय होती हैं। इसके विपरीत मोटे बालों वाली स्त्रियां अवसरवादी और अस्थिर चित्त की होती हैं। भारतीय मनीषियों ने हजारों वर्ष पहले ही उक्त तथ्य का पता लगा लिया था। सामुद्रिक शास्त्र में लिखा है कि सूक्ष्म (पतले) बालों की स्त्री रानी सदृश्य होती है। उसी प्रकार वराहमिहिर ने वृहत्संहिता में लिखा है कि मोटे और घने बालों वाले लोग निर्धन होते हैं। ग्रहों की दो श्रेणियां हैं। एक श्रेणी में वे ग्रह हैं, जो मस्तिष्क को निरंतर ऊर्जावान रखते हैं। सूर्य, चंद्र, गुरु, शुक्र और राहु इसी श्रेणी के ग्रह हैं, जो मस्तिष्क की उर्वरता को बढ़ाते हैं। इसके विपरीत मंगल, बुध, शनि और केतु हमेशा यथास्थिति बनाए रखने में विश्वास रखते हैं। स्थूल और रूखे बाल हों तो जातक मंगल, बुध, शनि और केतु जैसे विघटनकारी और विलंबकारी ग्रहों से प्रभावित होता है। सूक्ष्म, स्निग्ध और कोमल बाल सूर्य, चंद्र, गुरु, शुक्र और राहु का प्रतिनिधित्व करता है। सूर्य यश, चंद्र मानसिक शक्ति, बृहस्पति विवेकशीलता एवं बुद्धि, शुक्र सौंदर्य और राहु अच्छे अवसरों का प्रतीक है। बृहस्पति श्रेष्ठ ग्रह है क्योंकि यह विवेकशीलता और मस्तिष्क की क्षमताओं का प्रतिनिधित्व करता है। मस्तिष्क की क्षमताओं का सही दिशा में उपयोग करने की कला भी बृहस्पति ही सिखाता है। नेतृत्व क्षमता भी बृहस्पति के कारण ही आ पाती है। इन सब गुणों या विशेषताओं के बावजूद बृहस्पति का एक नकारात्मक पक्ष है कि वह सिर पर बालों की कमी करता है। एक दृष्टि से यह हमारे लिए सकारात्मक स्थिति भी है कि हम बृहस्पतिप्रधान व्यक्ति की पहचान तुरत कर सकते हैं। जिस परिवार में गंजापन वंशानुगत नहीं हो किंतु उसका कोई सदस्य बिना किसी स्वास्थ्य समस्या के गंजा हो तो यह गुरु के प्रभाव का ही द्योतक है। ऐसा जातक नेतृत्व क्षमता से संपन्न और विवेकशील होता है। जन्मांग में यदि लग्नगत गुरु हो, तो सिर में गंजेपन की शिकायत हो सकती है। अंक ज्योतिष के अनुसार बृहस्पति का अंक 3 है। प्रायः देखा जाता है कि अंग्रेजी के तीसरे, छठे, नौवें और 12वें मास की 3, 12, 21 और 30 तारीख को जन्म लेने वाले शिशुओं के बाल आरंभ में बहुत कम होते हैं। इनके सिर के बालों की वृद्धि अपेक्षाकृत विलंब से होती है। इसका कारण गुरु के अंक तीन का जातक पर अत्यधिक प्रभाव होना है। विवेकशीलता के गुणों के कारण बृहस्पति प्रधान जातकों का कोई भी कार्य लापरवाहीपूर्ण नहीं होता है। इन विशेषताओं के कारण जातक की कार्य के प्रति सोचने-समझने की क्षमता में वृद्धि होती है। मस्तिष्क की शक्ति पुष्ट होती है, लेकिन सिर के बाल गिरने लगते हैं। हमेशा ऐसा नहीं होता है कि ऐसे सभी लोगों के सिर के बाल एक ही स्थान से झड़ें। भिन्न मामलों में सिर के बालों के झड़ने के स्थान अलग-अलग होते हंै। मस्तिष्क के अगले भाग में दोनों तरफ गंजापन होना उत्तम माना गया है। ऐसे लोग विचारशील और व्यावहारिक होते हैं। वे प्रायः प्रौढ़ावस्था के आते-आते अपने लक्ष्य के करीब तक पहुंच चुके होते हैं। इनमें बौद्धिक क्षमता पर्याप्त होती है, जो इन्हें लगातार सक्रिय रखती है। ये सृजनात्मक कार्यों में ज्यादा रुचि लेते देखे गए हैं। मस्तक के ठीक पीछे शिखा के पास बाल न होना संघर्ष करवाता है। प्रायः ऐसे लोगों को उनका भाग्य साथ नहीं देता है। वे लगातार संघर्ष करते हैं और अपने कल्पनालोक में विचरण करते रहते हैं। उनमें कार्य की शुरूआत करने की क्षमता का अभाव पाया जाता है। यद्यपि वे श्रेष्ठ नेतृत्वकर्ता सिद्ध हो सकते हैं, लेकिन ऐसा तभी संभव है जब उन्हें व्यवसाय के आरंभ में आर्थिक के साथ-साथ मानसिक सहयोग भी प्राप्त हो। बहुत से लोगों के सिर पर बाल होते ही नहीं। ऐसा किसी रोग विशेष के कारण भी हो सकता है। यदि इस गंजेपन का संबंध व्यक्ति के क्रियाकलापों से हो तो वह हमेशा नकारात्मक फलों को देने वाला होना चाहिए। ऐसे जातक की सफलता संदिग्ध होती है। वह चाहे बड़ी से बड़ी सफलता प्राप्त कर भी ले, लेकिन कार्य दूसरों के अधीन रह कर ही करता है। उसमें आत्मविश्वास का अभाव होता है। मस्तक के सामने के भाग का गंजा होना सामान्य फल देता है। भौतिक दृष्टि से यह अच्छा संकेत नहीं है। लेकिन ऐसे लोगों को प्राप्तियां बेहतर होती हैं। वे स्वयं अपनी उपलब्धियों को भोग नहीं पाते हैं, लेकिन आने वाली पीढ़ियां उनकी ऋणी रहती हैं। सामान्य मेहनत से ही उन्हें अच्छी सफलता प्राप्त हो जाती है। लेकिन वे भविष्य के प्रति इतने चिंतित रहते हैं कि उस सफलता का उपयोग अपने लिए नहीं कर पाते हैं। जिन लोगों के बाल घुंघराले होते हैं। वे अत्यधिक सक्रिय और अपने काम के महारथी होते हैं। प्रायः देखने में आता है कि घुंघराले बालों के जातक समाज में अपनी उपस्थिति को दिखाने के लिए कड़ी मेहनत करते हैं। बालों का लंबे समय तक काला बना रहना व्यक्ति के कार्यों या उपलब्धि से संतुष्ट रहने का सूचक है। ऐसे लोग साधारण बुद्धि के स्वामी होते हैं। बालों का सुनहरा होना पारिवारिक पृष्ठभूमि पर निर्भर करता है। यदि किसी जातक के परिवार के सदस्यों के विपरीत सुनहरे बाल हों तो वह अपने परिवार से सामंजस्य बैठा पाने में विफल रहता है। उसका स्वभाव परिवार के अन्य सदस्यों के स्वभाव से नहीं मिलता। जिसके कानों के ऊपर बाल होते हैं। किंतु सिर का मध्य गंजा होता है, वह अवसरवादी और वाचाल होता है। वह अपनी स्थिति को हमेशा बढ़ा चढ़ा कर दिखाता है। उसे सफलता कुछ विलंब से मिलती है, लेकिन स्थायी होती है। यदि बाल समय से पूर्व ही सफेद हो रहे हों, तो यह अत्यधिक परिश्रम का सूचक है। आवश्यकता से अधिक चिंतित रहने वाले लोगों के बाल भी समय से पूर्व ही सफेद हो जाते हैं। सफेद बालों के साथ यदि आंखों के चारों तरफ कालापन भी दिखाई दे, तो यह पारिवारिक कलह का लक्षण है। ऐसे जातकों की स्मरण शक्ति प्रायः नष्ट हो जाती है। जो पुरुष लंबे बाल रखता है वह बहिर्मुखी स्वभाव का होता है। यह भी संभव है कि ये लोग एक से अधिक कार्य जानते हांे। बालों का घना होना बौद्धिक क्षमता पर अंकुश लगाता है। ऐसे जातक अल्प बुद्धि के होते हैं। हमेशा छोटे से स्वार्थ के लिए अपना बड़ा नुकसान कर लेते हैं। निर्णय क्षमता का उनमें प्रायः अभाव होता है। जिनके सिर पर बालों की कमी है उनकी सोच हमेशा सकारात्मक और महत्वाकांक्षी होती है। संभव है कि उन्हें जीवन में प्राप्तियां कम हों लेकिन उनके फैसले हमेशा बुद्धिमत्तापूर्ण होते हैं।


हस्तरेखा एवं मुखाकृति विशेषांक   जनवरी 2008

हस्तरेखा विज्ञान का इतिहास एवं परिचय, हस्तरेखा शास्त्र के सिद्धांत एवं नियम, हस्तरेखा विश्लेषण की विधि, हस्तरेखा एवं ज्योतिष का संबंध, मुखाकृति विज्ञान क्या हैं? मुखाकृति विज्ञान से जातक का विश्लेषण एवं भविष्य कथन कैसे किया जाएं ? यह विशेषांक कुछ ऐसे ही गूढ़ विषयों पर आधारित है.

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