2014 में शेयर बाजार

2014 में शेयर बाजार  

विभिन्न ग्रह विभिन्न प्रकार की कंपनियों को प्रभावित करते हैं। सूर्य और चंद्र विशेष रूप से सरकारी कंपनियों, सोना-चांदी, माणिक, दुग्ध, कृषि आधारित उद्योगां, एविएशन, विदेशी व्यापार अर्थात आयात-निर्यात को प्रभावित करते हैं। मंगल और शनि तांबा, बिजली, भूमि, पावर, रेल, आटोमोबाइल, ट्रान्सपोर्ट, लेबर, लोहा, स्टील, हेवी मशीन, होटल, खान-पान, पुलिस और सेना के सामान बनाने वाली कंपनियां को प्रभावित करते हैं। बुध ग्रह पन्ना, बैंक, शेयर ट्रेडिंग, बीमा, मार्केटिंग, आढ़त, सलाहकार, चार्टेड, लेखाकर, आदि व्यापारिक कंपनियां को प्रभावित करते हैं। बृहस्पति ग्रह सोना, पीतल, शिक्षा, प्रकाशन, समाचार पत्र, राजनैतिक संस्थाआं, अनुसन्धान और ज्ञान विज्ञान, तकनीक पर आधारित कंपनियों को प्रभावित करते हैं। शुक्र विलासिता, सौंदर्य प्रसाधन, दवाइयों, हास्पिटल, शराब, गहने, फिल्म, माडलिंग, हीरे-मोती, वस्त्र, इलेक्ट्रानिक्स उद्योग की कंपनियों पर असर दिखाते हं। राहु-केतु भारी मशीनरी, टेलीकाम, कम्प्यूटर, इन्फार्मेशन टेक्नोलाजी, विमान तकनीक, सूचना एवं प्रसारण, कानून और न्याय व्यवस्था, इत्यादि से संबंधित कंपनियों पर असर दिखाते हैं। जो ग्रह शुभ और सकारात्मक प्रभाव लिये होते हैं उनसे प्रभावित कंपनियां के शेयर्स में तेजी देखने को मिलती है और अशुभ और नकारात्मक प्रभाव वाले ग्रहों से प्रभावित कंपनियों के शेयर में मंदी का रूख रहता है और शेयर्स की कीमतों में अस्थिरता की स्थिति रहती है। भारत वर्ष की चन्द्र कुंडली में गुरु पूर्वार्ध में द्वादश और उत्तरार्ध में लग्न में गोचर करेगा, शनि दस माह तक चतुर्थ भाव में और अंतिम दो महीनां में पंचम भाव में गोचर करेगा जिसके प्रभावस्वरूप पूर्वार्ध में धर्म नीति और मर्यादा की हानि होगी, राजनीति और राजनीतिज्ञां का चरित्र हनन होगा। राष्ट्रहित से पूर्व निजी हित के कारण विश्व स्तर पर भारत वर्ष की आर्थिक, सामाजिक और औद्योगिक प्रगति में बाधा आएगी, रोजगार के अवसरों का अभाव रहेगा, शेयर बाजार, रियल्टी और भवन निर्माण एवं इंफ्रास्ट्रक्चर में मंदी का दौर रहेगा, लेकिन ऐसे में इनमं निवेश से वर्षांत में निश्चित रूप से लाभ प्राप्ति की आशा रहेगी। उत्तरार्ध में सरकार की नीतियों एवं कार्य प्रणाली में राष्ट्रहित और आर्थिक उदारता तथा मुक्त व्यापार नीति की स्पष्ट झलक दिखाई देगी जिसका सकारात्मक प्रभाव अर्थ व्यवस्था पर नजर आएगा। विदेशी मुद्रा की तुलना में रुपया मजबूत होगा, शेयर बाजार में सुधार आएगा, सकल राष्ट्रीय उत्पाद में वृद्धि और मुद्रा स्फीति में कमी से अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत वर्ष के मान-सम्मान में वृद्धि होगी। न्याय पालिका के कार्य प्रणाली में तीव्रता आएगी और उसकी शक्तियों में वृद्धि होगी और स्वास्थ्य और शिक्षा कार्यों में सुधार आएगा,महिलाओं को विशेष रूप से प्रत्येक क्षेत्र में विशेष उपलब्धियां प्राप्त होंगी। भूमि, रियल्टी, सोने, चांदी,काॅपर और निकेल में विशेष तेजी की आशा रहेगी। शेयर बाजार में, मोटर-वाहन उद्योग में भी तेजी की आशा रहेगी। बैंक और वित्तीय संस्थाओं, स्टील, पावर और पेट्रोलियम कंपनियों के शेयर्स में भी प्रत्येक गिरावट पर निवेश ठीक रहेगा। शराब और एफ. एम. सी. जी. के शेयर्स में इस वर्ष गत वर्ष की तुलना में अधिक लाभ की आशा रहेगी।भारत वर्ष की चन्द्र कुंडली में गुरु पूर्वार्ध में द्वादश और उत्तरार्ध में लग्न में गोचर करेगा, शनि दस माह तक चतुर्थ भाव में और अंतिम दो महीनां में पंचम भाव में गोचर करेगा जिसके प्रभावस्वरूप पूर्वार्ध में धर्म नीति और मर्यादा की हानि होगी, राजनीति और राजनीतिज्ञां का चरित्र हनन होगा। राष्ट्रहित से पूर्व निजी हित के कारण विश्व स्तर पर भारत वर्ष की आर्थिक, सामाजिक और औद्योगिक प्रगति में बाधा आएगी, रोजगार के अवसरों का अभाव रहेगा, शेयर बाजार, रियल्टी और भवन निर्माण एवं इंफ्रास्ट्रक्चर में मंदी का दौर रहेगा, लेकिन ऐसे में इनमं निवेश से वर्षांत में निश्चित रूप से लाभ प्राप्ति की आशा रहेगी। उत्तरार्ध में सरकार की नीतियों एवं कार्य प्रणाली में राष्ट्रहित और आर्थिक उदारता तथा मुक्त व्यापार नीति की स्पष्ट झलक दिखाई देगी जिसका सकारात्मक प्रभाव अर्थ व्यवस्था पर नजर आएगा। विदेशी मुद्रा की तुलना में रुपया मजबूत होगा, शेयर बाजार में सुधार आएगा, सकल राष्ट्रीय उत्पाद में वृद्धि और मुद्रा स्फीति में कमी से अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत वर्ष के मान-सम्मान में वृद्धि होगी। न्याय पालिका के कार्य प्रणाली में तीव्रता आएगी और उसकी शक्तियों में वृद्धि होगी और स्वास्थ्य और शिक्षा कार्यों में सुधार आएगा,महिलाओं को विशेष रूप से प्रत्येक क्षेत्र में विशेष उपलब्धियां प्राप्त होंगी। भूमि, रियल्टी, सोने, चांदी,काॅपर और निकेल में विशेष तेजी की आशा रहेगी। शेयर बाजार में, मोटर-वाहन उद्योग में भी तेजी की आशा रहेगी। बैंक और वित्तीय संस्थाओं, स्टील, पावर और पेट्रोलियम कंपनियों के शेयर्स में भी प्रत्येक गिरावट पर निवेश ठीक रहेगा। शराब और एफ. एम. सी. जी. के शेयर्स में इस वर्ष गत वर्ष की तुलना में अधिक लाभ की आशा रहेगी। सीमेंट, रियल्टी,और इंफ्रास्ट्रक्चर के शेयर्स में दीर्घकालीन निवेश से दूर ही रहना ठीक रहेगा। जनवरी वर्ष के आरम्भ में बाजार वर्तमान स्तरों के आस-पास ही खुलने की आशा रहेगी और बाजार सकारात्मक रुख लेकर कारोबार करेगा। लेकिन शीघ्र ही बिकवाली के दबाव के कारण गिरावट की प्रबल आशा रहेगी इसलिए यदि लाभ मिले तो स्टील, लोहा, भारी मशीन, और रेल उद्योग के शेयर्स में बिकवाली करना ठीक रहेगा। बैंक और वित्तीय संस्थाओं एवं इंश्योरेंस कम्पनियों के शेयर में तेजी आते ही लाभ कमाना एक उचित निर्णय रहेगा क्योंकि शीघ्र ही पुनः नीचे के मूल्यों पर मिलने की आशा रहेगी। मीडिया एवं आई. टी. और टेलीकॉम उद्योग एवं शिपिंग इण्डस्ट्रीज में भी प्रत्येक तेजी पर लाभ कमाना एक ठीक निर्णय रहेगा। गिरावट पर एफ. एम. सी. जी. एवं शराब उद्योग में निवेश के अवसर मिलेंगे। उनका सदुपयोग करें क्योंकि शीघ्र ही लाभ प्राप्ति की आशा रहेगी। मोटर वाहन उद्योग में भी नीचे के मूल्यों पर निवेश के अवसर मिलेंगे उसका फायदा उठा सकते हंै। तेल एवं पेट्रोलियम कम्पनियों में भी निवेश से अगले माह लाभ प्राप्ति की आशा रहेगी। नकारात्मक सरकारी नीतियां के चलते सीमेंट और रियल्टी एवं इन्फ्रास्ट्रक्चर के शेयरों में बिकवाली का दबाव रहेगा जिससे इनमें गिरावट आएगी। ऐसे में खरीदारी करना एक उचित निर्णय रहेगा। टेक्सटाइल, फैशन उद्योग में किसी विशेष तेजी या मंदी की आशा नहीं रहेगी। माह के अंत में बाजार नुकसान के साथ बंद होने की आशा रहेगी। फरवरी व्यापार का आरम्भ 3 तारीख को सोमवार के दिन होगा। ग्रहों के प्रभावस्वरूप बाजार गिरावट के साथ खुलने की प्रबल आशा रहेगी। ऐसे मे मेडिसीन और हॉस्पिटल उद्योग में नीचे के मूल्यां पर निवेश से इसी माह लाभ प्राप्ति की प्रबल आशा रहेगी। रुपये के अवमूल्यन से भी बाजार में तेजी का अभाव रहेगा लेकिन आई. टी. सेक्टर में तेजी की आशा रहेगी। इसमें भी पहले सप्ताह में नीचे के मूल्यां पर निवेश कर सकते हैं क्योंकि शीघ्र ही विदेशी निवेशकों के आने से बाजार के सकारात्मक होने की पूर्ण सम्भावना रहेगी। ऐसे में एफ. एम. सी. जी एवं शराब उद्योग में लाभ कमाना ठीक रहेगा। मोटर वाहन उद्योग में भी प्रत्येक तेजी पर बिकवाली करना एक उचित निर्णय रहेगा। पेट्रोल, डीजल एवं गैस में मूल्य वृद्धि से इनके शेयर्स में भी लाभ कमाने के अवसर मिलेंगे। उनका सदुपयोग कर सकते हैं। मेटल और पावर सेक्टर में गिरावट देखने को मिलेगी। इनमें निवेश कर सकते हैं। रंग और रसायन उद्योग में भी गिरावट की आशा रहेगी। ऐसे में निवेश से अगले माह लाभ प्राप्ति की पूर्ण आशा रहेगी। माह के अंत में बाजार समान स्तरों पर ही बंद होने की आशा रहेगी। मार्च व्यापार का आरम्भ 3 तारीख को सोमवार के दिन होगा। ग्रहों के प्रभावस्वरूप बाजार सकारात्मक रूप से खुलने की प्रबल आशा रहेगी। ऐसे में स्टील, मेटल और पावर उद्योग में बिकवाली करना ठीक रहेगा। रंग-रसायन और फर्टिलाइजर में भी यदि लाभ मिले तो फायदा उठा सकते हैं। बैंक, वित्तीय संस्थाआं, इन्श्योरेंस कम्पनियां, और म्युचुअल फंड एवं गोल्ड फंड्स में भी बिकवाली करके चलना एक उचित निर्णय रहेगा। कृषि आधारित उद्योगों और शराब उद्योग में प्रत्येक गिरावट निवेश के लिए एक लाभदायक अवसर सिद्ध होगा। सीमेंट और रियल्टी एवं इन्फ्रास्ट्रक्चर के शेयरों में निवेश से माह के अंत में लाभ प्राप्ति की आशा रहेगी। इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्राॅनिक्स कम्पनियों के शेयर्स में भी गिरावट देखने को मिलेगी। इनमें निवेश कर सकते हैं। होटल, रिसार्ट और टूर एंड ट्रेवल्स उद्योग में अगले माह तेजी की सम्भावना रहेगी इसलिए इस माह मंदी में खरीददारी कर सकते हैं। एफ. एम. सी. जी. एवं शराब और सिगरेट उद्योग में भी प्रत्येक गिरावट पर निवेश कर सकते हैं। अंत में बाजार बढ़त के साथ बंद होने की प्रबल सम्भावना रहेगी। अप्रैल व्यापार का आरम्भ 1 तारीख को मंगलवार के दिन होगा। ग्रहों के प्रभावस्वरूप बाजार वत्र्तमान स्तरों के आस-पास ही खुलने की प्रबल सम्भावना रहेगी। अपेक्षा से अधिक कृषि उत्पादन और सरकारी नीतियों में चावल, चीनी और खाद्य पदार्थों के निर्यात की अनुमति और समर्थन की सम्भावना रहेगी जिसके चलते चीनी और चावल मिलों एवं कृषि आधारित उद्योगों में भी तेजी की प्रबल सम्भावना रहेगी इसलिए आरम्भ में इनमें निवेश से इसी माह लाभ प्राप्ति की आशा रहेगी। इलेक्ट्रिकल्स, इलेक्ट्रानिक्स, होटल और मनोरंजन उद्योग में तेजी आते ही लाभ कमाना एक उचित निर्णय रहेगा। कोयला और पावर उद्योग में भी तेजी आते ही लाभ कमाना ठीक रहेगा। माह के अंत तक अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की मांग में कमी की आशा रहेगी इसलिए तेल, पेट्रोल और गैस उद्योग के शेयर्स में नीचे के मूल्यों पर खरीददारी से शीघ्र लाभ प्राप्ति की आशा रहेगी। मांग में कमी और उत्पादन में अधिकता के कारण मोटर-वाहन उद्योग में भी मंदी का रुझान दिखेगा लेकिन यह निवेश के लिए एक उत्तम अवसर रहेगा। माह के अंत में बाजार के समान स्तरों पर बंद होने की आशा रहेगी। मई व्यापार का आरम्भ अक्षय तृतीया के शुभ दिन 2 तारीख शुक्रवार को होगा इसलिए इस माह किसी भी नवीन निवेश से पूर्व पहले किये गये निवेश पर लाभ कमाना शुभ निर्णय रहेगा। सूर्य अपनी उच्च राशि में बुध और केतु के साथ विराजमान होंगे जिसके प्रभाव स्वरूप बाजार में सट्टेबाजी का अत्यधिक प्रभाव रहेगा। बाजार गिरावट के साथ खुलने की प्रबल सम्भावना रहेगी और बाजार में अस्थिरता का वातावरण रहेगा। विदेशी और संस्थागत निवेशकों का अभाव रहने से सरकारी कम्पनियांे के शेयर्स में विशेष रूप से गिरावट देखने को मिलेगी। ऐसे में उच्च स्तर की कम्पनियों में दीर्घकालीन निवेश एक उचित निर्णय रहेगा। लेकिन यदि लाभ मिले तो किसी भी अन्य सेक्टर में बिकवाली करना ठीक रहेगा क्योंकि गिरावट पर इसी माह पुनः निवेश के अवसर मिलेंगे। सीमेंट, रियल्टी एवं इन्फ्रास्ट्रक्चर, सेनिटरी और टाइल उद्योग में भी निवेश के अच्छे मौके मिलने की सम्भावना रहेगी। उनमें निवेश से शीघ्र लाभ प्राप्ति की आशा रहेगी। एविएशन, मनोरंजन, होटल, मीडिया और प्रकाशन उद्योग में लाभ प्राप्ति की सम्भावना रहेगी इसलिए प्रत्येक तेजी पर बिकवाली करके चलें और इनमें किसी भी नवीन निवेश से दूर रहें। माह के अंत में बाजार लाभ के साथ बंद होने की प्रबल आशा रहेगी। जून व्यापार का आरम्भ 2 तारीख को सोमवार के दिन होगा। ग्रहों के प्रभावस्वरूप बाजार सकारात्मक रूप से खुलने की प्रबल आशा रहेगी। देश में राजनैतिक उठा-पटक समाप्त होगी और सरकार में स्थिरता आएगी जिससे राष्ट्र की आर्थिक नीतियांे में स्पष्टता आएगी। प्राकृतिक रूप से भी संतुलित वर्षा और अन्य स्रोत भी राष्टीªय उत्पादन में सहयोग देते प्रतीत होंगे जिसके फलस्वरूप बाजार में सकारात्मक रुख लेकर व्यापार होने की प्रबल सम्भावना रहेगी। विदेशी निवेशकां की खरीदारी से भी बाजार में तेजी को बल मिलेगा। सरकारी कम्पनियां विशेष रूप से तेल गैस मार्केटिंग कम्पनियों में तेजी की आशा रहेगी। उनमं लाभ कमाना ठीक रहेगा। मेटल, पावर, सीमेंट, रियल्टी एवं इन्फ्रास्ट्रक्चर उद्योग में भी लाभ प्राप्ति की आशा रहेगी। उनमें प्रत्येक तेजी पर बिकवाली करना ठीक रहेगा। मोटर-वाहन उद्योग, भारी मशीन उद्योगों में नीचे के स्तरों पर निवेश के अवसर मिलेंगे, आई. टी. और इलेक्ट्रानिक्स मं भी प्रत्येक गिरावट पर निवेश एक उचित निर्णय रहेगा। एफ. एम. सी. जी., सौंदर्य प्रसाधन और तेल एवं तिलहन उद्योग के शेयर्स में भी निवेश से अगले माह लाभ प्राप्ति की पूर्ण आशा रहेगी। माह के अंत में बाजार लाभ के साथ बंद होने की प्रबल आशा रहेगी। जुलाई व्यापार का आरम्भ 1 तारीख को मंगलवार के दिन होगा। ग्रहों के प्रभावस्वरुप बाजार इस माह भी सकारात्मक रूख लेकर खुलेंगे लेकिन प्रत्येक तेजी पर जिस भी सेक्टर में लाभ मिले लाभ कमाना ठीक रहेगा। बैंकां, इन्श्योरेन्स कम्पनियों और वित्तीय संस्थानों एवं गोल्ड फंड्स में बिकवाली को प्राथमिकता देना ठीक रहेगा क्योंकि विदेशी निवेशकां द्वारा बिकवाली का दबाव रहेगा जिससे मार्केट में गिरावट आने की प्रबल सम्भावना रहेगी और बेचे गये शेयर्स नीचे के मूल्यों पर खरीदने का मौका मिलेगा लेकिन गिरावट में स्थिरता नहीं रहेगी। पहली तिमाही के परिणाम अपेक्षा के अनुसार आने से बाजार में पुनः तेजी का वातावरण बनेगा। ऐसे में मोटर-वाहन, रेलवे से जुड़ी कम्पनियां और भारी मशीन उद्योग में लाभ कमाने के अवसर मिलेंगे। एफ.एम. सी. जी. और कृषि आधारित उद्योग में भी विशेष तेजी की आशा रहेगी। ऐसे में इनमें लाभ कमाना ठीक रहेगा। होटल रिसार्ट, और फिल्म एवं मीडिया में भी बिकवाली करके चलना ठीक रहेगा। 13 जुलाई को राहु केतु तुला और मेष से क्रमशः कन्या और मीन राशि, में प्रवेश करेंगे एवं 21 जुलाई को वक्री शनि मार्गी होंगे और भारत वर्ष की कुंडली में चतुर्थ स्थान पर अपने अंतिम चरण में होंगे जिसके फलस्वरूप सेबी और सरकार का शेयर बाजार पर नियंत्रण बढ़ेगा जिससे सट्टेबाजी पर रोक लगेगी और व्यापार की मात्रा में कमी आएगी जिससे पुनः मंदी का वातावरण बनेगा और माह के अंत में बाजार गिरावट के साथ बंद होने की आशा रहेगी। अगस्त व्यापार का आरम्भ 1 तारीख को शुक्रवार के दिन होगा। ग्रहों के प्रभावस्वरुप बाजार नकारात्मक रुख के साथ खुलने की प्रबल सम्भावना रहेगी। पाकिस्तान और चीन के साथ संबंधांे में विवाद, आंतरिक असुरक्षा और जल प्रकोप से कृषि उत्पादों में कमी और नुकसान की आशा रहेगी जिससे चीनी, चावल मिलों और एफ. एम. सी. जी. उद्योग में गिरावट की प्रबल सम्भावना रहेगी। तेल, गैस, पेट्रोलियम और रबड़, रंग एवं रसायन की कम्पनियों में भी नीचे के मूल्यां पर निवेश के अवसर मिलेंगे। ऐसे में इनमं निवेश करना एक उचित निर्णय रहेगा क्योंकि डीजल की कीमतों में सरकारी सब्सिडी के समाप्त होने और मूल्यों के डिकंट्रोल होने से इन कम्पनियों में विशेष तेजी की आशा रहेगी। हाॅस्पिटल, मेडिसीन और फार्मा सेक्टर में भी प्रत्येक गिरावट निवेश के लिए एक उचित अवसर रहेगा। विदेशी बाजारों की तेजी और सोना चांदी एवं बहुमूल्य धातुओं की कीमतों में गिरावट का शेयर बाजार पर सकारात्मक प्रभाव दिखाई देगा जिससे मध्याह्न के पश्चात् बाजार में पुनः तेजी का रुख आने की आशा रहेगी। ऐसे में ऐश्वर्य, विलासिता और रिटेल, फैशन, होटल, रेस्टोरेंट, फूड चेन आदि में लाभ कमाना ठीक रहेगा। स्टील, एल्युमिनियम और पावर उद्योग में भी यदि लाभ मिले तो बिकवाली एक उचित निर्णय रहेगा। मोटर-वाहन और उनसे जुड़े उद्योगां में माह के अंतिम सप्ताह में गिरावट पर निवेश से अगले माह लाभ प्राप्ति की प्रबल आशा रहेगी। माह के अंत में बाजार के मामूली तेजी के साथ बंद होने की आशा रहेगी। सितंबर व्यापार का आरम्भ 1 तारीख को सोमवार के दिन होगा। ग्रहों के प्रभावस्वरुप बाजार वर्तमान स्तरों के आस पास ही खुलने की प्रबल सम्भावना रहेगी। सरकार की ओर से आर्थिक सुधारां के प्रयास और सब्सिडी में कटौती से सरकारी घाटे में कमी आएगी लेकिन महंगाई दर और ब्याज दरों में वृद्धि की प्रबल आशा रहेगी जिससे मांग में कमी रहेगी जिसका प्रभाव कम्पनियां की लिक्विडिटी और कैश फ्लो पर नकारात्मक असर दिखायेगा जिससे बाजार में मंदी का रुख दिखाई देगा लेकिन मध्याह्न के पश्चात् सरकार की ओर से नवीन और रुकी हुई परियोजनाआं को हरी झंडी दिखाने से सीमेंट और रियल्टी एवं इन्फ्रास्ट्रक्चर के शेयर में माह के अंतिम सप्ताह में तेजी आ सकती है। इसलिए प्रारम्भ में प्रत्येक गिरावट पर इनमें निवेश करना एक उचित निर्णय रहेगा। दूसरी तिमाही में स्टील, मेटल, और मोटर-वाहन उद्योग के परिणाम आशा के अनुकूल होने के पूर्वानुमानों की खबरां से इनके शेयर्स में भी तेजी का रुख रहेगा। ऐसे में इनमं बिकवाली करना ठीक रहेगा। एफ. एम. सी. जी. और कृषि आधारित उद्योगों में भी लाभ कमाने के अवसर मिलेंगे। उनका सदुपयोग कर सकते हैं। बैंकां और वित्तीय संस्थाओं एवं इंश्योरेंस कम्पनियों के शेयर में प्रत्येक गिरावट पर निवेश करना ठीक रहेगा। अंत में बाजार सकारात्मक रुख के साथ बंद होने की प्रबल आशा रहेगी।



नव वर्ष विशेषांक  जनवरी 2014

फ्यूचर समाचार पत्रिका के नववर्ष विशेषांक में नववर्ष की भविष्यवाणियों में आपकी राशि तथा भारत व विश्व के आर्थिक, राजनैतिक व प्राकृतिक हालात के अतिरिक्त भारत के लिए विक्रम संवत 2014 का मेदिनीय फल विचार, 2014 में शेयर बाजार, सोना, डालर, सेंसेक्स व वर्षा आदि शामिल हैं। इसके साथ ही करियर में श्रेष्ठता के ज्योतिषीय मानदंड, आपकी राशि-आपका खानपान, ज्योतिष और महिलाएं, कुबेर का आबेरभाव नामक पौराणिक कथा, मिड लाइफ क्राइसिस, जनवरी माह के व्रत-त्यौहार, भागवत कथा, कर्मकांड का आर्विभाव, विभिन्न भावों में शनि का फल तथा चर्म रोग के ज्योतिषीय कारणों पर विस्तृत रूप से जानकारी देने वाले आलेख सम्मिलित हैं।

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