आपकी राशि-आपका खान-पान

आपकी राशि-आपका खान-पान  

मेष राशि इस राशि वाले लोगां को गरमा गर्म और मसालेदार भोजन अधिक पसंद है। अचार, चटनी, पापड़ इत्यादि भी इनकी पहली पसंद है। ठंडा और फीका भोजन आपका मिजाज बिगाड़ सकता है इसलिए आपको स्वस्थ तन व मन के लिए ताजा व गर्म भोजन ही करना पसंद है। अग्नि तत्व की राशि होने के कारण तीखे मसाले, लाल मिर्च व एकदम गर्म रोटी, गर्म सब्जी आपकी रुचियों के अनुकूल है। वृष राशि आपकी राशि पृथ्वी तत्व की राशि है अतः इसी कारण इस राशि के लोगों को अच्छे सुगंधित मसालों वाला भोजन अध्क अच्छा लगता है जिसमें धनिया, जीरा, अज्मोंदा जैसे सुगंधित पदार्थ हों। कुछ भी मीठा खाना आपको अच्छा लगता है। मिथुन राशि आपकी राशि वायु तत्व की राशि है। आप चंचल, चलायमान व गतिशील प्रवृत्ति वाले हैं। आपसे अधिक इंतजार नहीं होता। यदि भोजन की बात की जाए तो आप ऐसा भोजन पसंद करते हैं जो शीघ्रता से पक जाए व तुरंत खाने को भी मिल जाए इसलिए fast food आपकी पहली पसंद है। आप अपने भोजन में भिन्नताएं भी पसंद करते हैं। आपको भिन्न-भिन्न प्रकार के व्यंजनों व भोजन की ललक रहती है क्यांेकि विविधतायं आपकी पहली पसंद हैं। कर्क राशि आपकी राशि जल तत्त्व की राशि है। जिस प्रकार जल में अनेक प्रकार की लहरें हिलोरं लेती हैं उसी प्रकार आपके मन में भी कभी-कभी भोजन के प्रति ऐसा ही विचार आता है कि क्यों ना कुछ खास बनाया जाए व उसका लुत्फ उठाया जाए। जिस समय चंद्रमा अपनी कलाओं से पूर्ण होना प्रारंभ करता है आपकी भोजन की रुचियों में भी उसी अनुसार वृद्धि होती है, जब चंद्रमा की कलाएं कम होने लगती हैं तो आपकी भोजन में रूचि भी घट जाती है, आप भोजन के मामले में संतोषी हैं। जहां जैसा भी मिल जाए ठीक है, पर कभी कभी इतने मुखर हो जाते हं कि बड़े मन से भोजन बनाना और खाना आपको बहुत भाता है। पतली दाल, तरी वाली सब्जी, सूप, जूस, पेय पदार्थ आपका मिजाज दुरुस्त कर सकते हैं। बासी भोजन से आपका मूड खराब हो सकता है। सिंह राशि आपकी राशि अग्नि तत्त्व की राशि है। अग्नि का अर्थ है गर्म, उत्तेजित प्रवृत्ति वाली। इसलिए सिंह राशि वाले लोग पुरुष हों या स्त्री अत्यन्त पराक्रमी, उत्तेजित, गर्म मिजाज भी होते हं। यही बात आपके भोजन को भी समान रूप से प्रभावित करती है जिसके फलस्वरूप इस राशि वाले लोगां को गरमा गर्म और मसालेदार भोजन चाहिए। मिठाई और नमकीन दोनों यदि इनके सामने परोसे जाएँ तो ये नमकीन को प्राथमिकता देंगे। बाजार की चीजें खाने का भी इन्हें बेहद शौक होता है। गरमा गर्म चाय व गरमा गर्म पकौडे़ इनकी पहली पसंद हो सकते हैं। कन्या राशि आपकी राशि पृथ्वी तत्व की राशि है। आप खाना खाने के ही शौकीन नहीं हैं अपितु आपको भोजन बनाने की कला भी अत्यन्त भाती है। आपकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि आप जब भी कुछ बनायं कुछ ना कुछ नया अवश्य करं। मसालों की जानकारी का भरपूर भण्डार छिपा है आपके दिमाग में। आपको सब्जियां, फल आदि तो पसंद हं साथ ही आपको भोजन सामग्री की भी पहचान है। आप तरल पेय पदार्थ भी खूब पसंद करते हैं। अपने हाथ से बनाया गया भोजन ही आपकी पहली पसंद है। तुला राशि आपकी राशि वायु तत्त्व की राशि है। आपको अपने जीवन में जो भी चाहिए वह उत्तम होना चाहिए। यही कामना सदैव आपके मन में रहती है। आपको भोजन की सुगंध से बहुत लगाव है। विविध्ता में ही आपकी रूचि रहती है। किसी खास प्रकार के भोजन के प्रति आप अधिक समय तक आकर्षित नहीं रह पाते। समयानुसार व स्थिति अनुसार आप स्वयं से समझौता करने में भी सक्षम हैं। आपके भोजन की रुचियों की जितनी प्रशंसा की जाए उतनी कम है । महँगे से महँगा भी खाना अथवा खिलाना पड़े तो आप हटने वाले नही हैं। आपको घर की अपेक्षा बाहर का खाना अधिक पसंद है। आपकी जुबान पर यह जुमला सदैव रहता है जो सबसे बढ़िया क्वालिटी है वही ले आओ । वृश्चिक राशि आपकी राशि जल तत्त्व की राशि है। इसलिए आपको तरल पदार्थ से बेहद लगाव है परन्तु आपको अपने पसंदीदा भोजन का चयन करने में असमंजसता महसूस होती है। आपने अपने भोजन की कोई समय सीमा निर्धारित नहीं की है इसलिए आप जैसा, जहां मिलता है वही खा लेते हैं। आपको बंधनों में बंधना नहीं भाता इसलिए आप समझौता नहीं करते। जल में उत्पन्न होने वाले अनाज, दालें ,सब्जियां फल आपकी पसंद हैं। समय पड़ने पर बासी भोजन खाने से भी आप परहेज नहीं करते। आप जल में उत्पन होने वाले भोज्य पदार्थ पसंद करते हैं । फास्ट फूड आपकी पहली पसंद है। धनु राशि आपकी राशि अग्नि तत्त्व की राशि है। आपकी राशि का अग्नि तत्त्व परोपकारी प्रवृत्ति वाला है। आप संतोषी प्रवृत्ति वाले हैं और यही बात आपके पसंदीदा भोजन पर भी लागू होती है। जो भी खाने को मिल जाए आप चुपचाप ग्रहण कर लेते हैं। महंगा खाना आपको फिजूल खर्च लगता है, आप स्वच्छ भोजन अधिक पसंद करते हैं। तीखा भोजन, अचार, चटनी, आपकी पसंद है। भोजन की उपलब्धता आपके लिए आप की पसंद से अधिक महत्त्व रखती है। पसंद अनुसार मिल जाए तो ठीक नहीं तो कुछ भी चलेगा। आप घरेलू भोजन और फास्ट फूड में समान रुप से रूचि रखते हैं, मतलब तो पेट भरने से है । मकर राशि आपकी राशि पृथ्वी तत्व की राशि है,आप खाने के लिए जीना नहीं चाहते अपितु मात्र जीने के लिए खाना चाहते हैं। आपको जो भी खाने को मिल जाए उसी से संतुष्ट होकर प्रभु का धन्यवाद करते हैं। आप सच्चे मन से भोजन की प्रशंसा भी करते हंै। आपका सिद्धांत है कि ब्राह्मण भूखा नहीं जाना चाहिए । कभी-कभी आप स्वयं पर नियन्त्रण नहीं रख पाते और आवश्यकता से अधिक भोजन खा लेते हैं व बाद में खुद पछताते हं। समय अनुसार आपके भोजन की रुचियों में परिवर्तन होता रहता है। आप गरमा गर्म व ताजा भोजन अधिक पसंद करते हैं। कुल मिलाकर आप संतोषी प्रवृत्ति वाले हैं अतः जो मिल जाए उसी से संतुष्ट हो जाते हैं । कुंभ राशि आपकी राशि वायु तत्त्व की राशि है व शनि आपकी राशि का स्वामी है। जीवन के 25 वें और 36 वें वर्ष के पश्चात आपके पसंदीदा भोजन की रुचियों में परिवर्तन होता है। आप तीव्रता से खाते हैं व आवश्यकता से अधिक खाते हंै। आपको घर का खाना उतना रुचिकर नहीं लगता जितना बाहर का खाना। आप वह सब कुछ खाना पसंद करते हं जिसमं भरपूर स्वाद हो चाहे वह सब्जी हो अथवा दाल। आप बाजार की चीजों को अधिक प्राथमिकता देते हैं अतः चटपटी व मसालेदार चीजें आपकी पहली पसंद हैं। मीन राशि आपकी राशि जल तत्त्व की राशि है । आप में सात्त्विक गुण भी विद्यमान है अतः आप सात्त्विक भोजन को ही अपने जीवन में प्राथमिकता देते हैं। सात्त्विक, साफ, ताजा, तरल भोजन ही आपका पसंदीदा भोजन है। तरल पेय पदार्थ भी आपकी पहली पसंद है। दूध, दही, घी, लस्सी, तरी वाली दाल एवम् सब्जियाँ, सूप आप प्रसन्नचित्त होकर ग्रहण करते हैं। कभी-कभी आप भोजन के प्रति जिद्दी व अड़ियल रुख भी अपना लेते हैं। तरी वाली सब्जियां, रसदार भोजन आपको अत्यन्त भाता है। ताजा, स्वच्छ भोजन आपके मन को स्फूर्ति प्रदान करता है।



नव वर्ष विशेषांक  जनवरी 2014

फ्यूचर समाचार पत्रिका के नववर्ष विशेषांक में नववर्ष की भविष्यवाणियों में आपकी राशि तथा भारत व विश्व के आर्थिक, राजनैतिक व प्राकृतिक हालात के अतिरिक्त भारत के लिए विक्रम संवत 2014 का मेदिनीय फल विचार, 2014 में शेयर बाजार, सोना, डालर, सेंसेक्स व वर्षा आदि शामिल हैं। इसके साथ ही करियर में श्रेष्ठता के ज्योतिषीय मानदंड, आपकी राशि-आपका खानपान, ज्योतिष और महिलाएं, कुबेर का आबेरभाव नामक पौराणिक कथा, मिड लाइफ क्राइसिस, जनवरी माह के व्रत-त्यौहार, भागवत कथा, कर्मकांड का आर्विभाव, विभिन्न भावों में शनि का फल तथा चर्म रोग के ज्योतिषीय कारणों पर विस्तृत रूप से जानकारी देने वाले आलेख सम्मिलित हैं।

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