2014 और आपका भारत

2014 और आपका भारत  

जनवरी लग्नेश गुरु वक्री है और गुरु सप्तम में है। सत्ता परिवर्तन होगा वायु, जल और अग्नि तत्व के ग्रह लग्न में हैं। बाजार भाव में तेजी, विदेशी मामलों में सुधार नहीं होगा। देश में उथल-पुथल मची रहेगी। फरवरी शुक्र वक्री है। देश की संपत्ति को 5/9 के योग बन रहा है। मित्र के घर में भी हानि, बाजार में कुछ स्थिरता आयेगी। राजस्व में सुधार नहीं आयेगा। टैक्स वसूली और शेयरों में भी कमजोरी आयेगी। बैंकों का काम के बढ़ने की संभावना आयेगी। केंद्रीय बजट बेकार होगा। 5 फरवरी को मंगल तुला मं आने से राहु-शनि के साथ होने से आर्थिक और राजनैतिक संकट आयेगा। यह मास देश की जनता के लिये संघर्षमय होगा। उत्तर भारत में मौसम काफी खराब रहेगा। महंगाई और बढ़ेगी। पर्वतीय क्षेत्रों में भारी हिमपात होगा आम आदमी को परेशानी होगी। मार्च सूर्य-गुरु त्रिकोण में होने से आर्थिक संकट में कमी आयेगी। पक्ष-विपक्ष के नेता तकरार अधिक करेंगे। अपराध बढ़ सकते हैं। मंगल वक्री होकर कन्या राशि में आने से सत्ता पक्ष में बल आयेगा। सरकारी खजाने में कमी आयेगी। बीमारी फैलने का दुर्योग बन रहा है। मंगल वक्री हो जाने से शेयर बाजार में शुरूआत में तेजी आयेगी जिसमें बैंकों के शेयरों में तेजी आयेगी। अप्रैल मास के आरंभ में शासक वर्ग मनमानी करेगा। देश में महंगाई बढ़ेगी। भूकंप उत्तर-पूर्व में आने की संभावना है। पाकिस्तान भारत को तंग करेगा और चीन भी भारत की भूमि पर कब्जा कर सकता है। माह में उत्तरार्द्ध में बाजार भाव स्थिर रहेगा। सोना चांदी में उछाल आयेगा। अनाज में स्थिरता रहेगी। कुछ महत्वपूर्ण व्यक्तियों की अचानक मृत्यु होगी। उत्तर-प्रदेश, पंजाब, बिहार में आंधी के साथ छीटें भी पड़ सकते हैं। मई मास के पूर्वार्द्ध में नेताओं के विरूद्ध असंतोष, यातायात साधनों में असुरक्षा, उत्तरार्द्ध में शांति हो सकती हे। रेल-यात्रा और दूर संचार में भी सुधार आयेगा। सार्वजनिक स्थानों में आतंकवादी दुर्घटना के योग हैं। सार्वजनिक संपत्तियों का नुकसान होगा। महंगाई नहीं रूकेगी। मास की शुरूआत में खाद्य पदार्थ महंगे होंगे। सोना चांदी में मंदी आयेगी। बाजार ऊंचा नीचा होता रहेगा। तेल पदार्थों में तेजी आयेगी। मानूसून देर से आयेगा। जून जून: सिनेमा जगत में नया मोड़ आयेगा। खेल कूद में सफलता, विदेशी व्यापार में वृद्धि होगी। प्राकृतिक आपदाओं का सामना करना पड़ेगा। यातायात साधन असंतोषजनक रहेंगे। श्रमिको की मांग बढ़ेगी। यह समय जनता के लिये सामान्य रहेगा। सोना चांदी के स्टाॅक करने वालों को भविष्य में लाभ मिलेगा। माह के तीसरे सप्ताह में शुक्र के प्रभाव से बाजार में चढ़ाव आयेगा। यह तेजी ज्यादा दिन नहीं रहेगी। उत्तरार्द्ध में गर्मी का प्रकोप बढ़ेगा। 22 जून को सूर्य आद्र्रा नक्षत्र में प्रवेश करेगा। भारत में प्रथम वर्षा अच्छी होगी। जुलाई सत्ता परिवर्तन के बाद देश की आर्थिक स्थिति में विस्फोट होगा। जमाखोरी बढ़ेगी। जिससे महंगाई नहीं रूकेगी। प्राकृतिक उपद्रव उत्तर-पूर्व, पश्चिम भागां में हा सकता है। सर्राफा बाजार में नरमी आयेगी। खाद्य, फल, सब्जियों में तेजी आयेगी। पश्चिमोत्तर भारत में प्रबल वर्षा होगी। मंगल के प्रभावी होने से लाल वस्तुओं में तेजी आयेगी। गणमान्य व्यक्तियों के मान सम्मान में वृद्धि होगी। चावल, गेहूं, तेल, घी में तेजी। रूई-सूत कपास में मंदी, तिलहन दलहन के भावों में तेजी। कुछ देशों से आपसी तनाव बढ़ने से झगड़े होंगे। देश में अस्थिरता फैलेगी। अगस्त रेल-यातायात में कुछ सुधार आयेगा। परंतु सरकारी खर्चों में कमी नहीं होगी। चारित्रिक पतन, देश की साख में कमी, राजनेताओं को कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा। देश में सुधार आ सकता है परंतु आपसी मेल न होने के कारण परिवर्तन अर्थात सुधार रूक जायेगा। संक्रामक रोग फैलने की संभावना। हत्याओं की घटनायें अधिक होंगी। उत्तर दिशा में काफी प्रकोप आयेगा। गेहूं- जौ- चना, सोना, चांदी, तांबा, पीतल में तेजी आयेगी। सट्टे में तेजी, रसीले पदार्थ तेज होंगे। सभी धातुएं तेज हांेगी। मेवा भी तेज होगा। वातावरण में प्रदूषण बढ़ने से स्वास्थ्य की समस्या बढ़ेगी। प्रजा में कलह की प्रवृत्ति बढ़ेगी। सितंबर दूसरे देश वाले भारत के प्रति कूटनीति की प्रक्रिया अपनायेंगे। देश की आंतरिक स्थिति ठीक नहीं रहेगी। मंत्रीगण विदेशों में अधिक भ्रमण करेंगे। सत्तापक्ष सशक्त होकर उभरेगा। जन्म दर में कमी, अच्छे मौसम से किसानों में संतोष आयेगा। पूर्वी-पश्चिमी क्षेत्रों में विदेशी घुस पैठ बढ़ने की संभावना। श्रमिक असंतोष उभरेगा जो बाद में शांत हो जायेगा। शेयरों में तेजी आयेगी। अधिकांश वस्तुओं के भाव तेज होंगे। रसीले पदार्थ सस्ते हेांगे। सूर्य की कन्या संक्रांति होने से बाजार में तेजी आयेगी। मास के पूर्वार्द्ध में अधिकांश ग्रह निर्बल राशियों में होने के कारण वर्षा में अवरोध उत्पन्न होगा। मासान्त में मौसम साफ हो जायेगा। अनाज का संग्रह करना लाभदायक रहेगा। अक्तूबर इस महीने देश की आंतरिक स्थिति ठीक रहेगी। ग्रहों के अनुकूल प्रभाव से शांति रहेगी। जमाखोरी पर नियंत्रण और अधिक मजबूती से देश में महंगाई कम रहेगी। मौसम अनुकूल रहेगा। धर्म का प्रचार अधिक होगा। वायु सेना में बढ़ोत्तरी होगी। व्यापारिक शक्ति सामान्य रहेगी। सत्ता पक्ष मजबूत होगा और प्रस्ताव पास करने में सोच-विचार करके ही निर्णय लेना पड़ेगा। सूर्य तुला संक्रांति में होने के कारण अनाजों में तेजी आयेगी। लोहा-तांबा महंगा होगा। पूर्वोत्तर में अधिक वर्षा का योग है जिससे खड़ी फसल को काफी नुकसान होगा। सोना चांदी तेज होगा। चाय काफी महंगे होंगे। समुद्रीतटीय प्रदेशां में वायु वेग के साथ वर्षा होगी। नवंबर राजनैतिक पार्टियां अपनी महत्वाकांक्षा पूर्ति के लिये गृह कलह करेंगे। जनता को नेताओं के गलत कार्यों से इस माह अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ेगा। सार्वजनिक स्थानों में तोड-फोड़ से संपत्ति का बहुत नुकसान होगा। इस समय सभी दलों का कुर्सी प्रेम स्पष्ट दिखाई देगा। अच्छे मौसम से कृषि उत्पादन में वृद्धि, शनि-राहु के राशि परिवर्तन से विपक्ष कमजोर रहेगा। सूर्य की वृश्चिक संक्रांति के कारण वस्तुओं में स्थिरता और तेजी समाप्त होगी। रसीले पदार्थों में मंदी, लोहा-धातुओं में मंदी। अनेक स्थानों में बादल होंगे। बूंदा बांदी होगी। दिल्ली, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश में वायु वेग के साथ ओला वृष्टि होगी। सत्ता-पक्ष और जनता का मन मुटाव होगा। दूध घी महंगा होगा। दिसंबर मास की शुरूआत में सत्तापक्ष अपनी मनमानी दिखायेगा। शनि-राहु की दृष्टि देश की संपत्ति पर पड़ेगी जिससे दंगा फसाद, अग्नि कांड और आराजकता होने की संभावना है। यातायात के साधनों में असुरक्षा रहेगी। सार्वजनिक संपत्ति का नुकसान हो सकता है। सैन्य प्रदर्शन होगा। मंदी रहेगी। संग्रह करने वालों को लाभ मिलेगा रोगों में वृद्धि होगी। लोहा धातुएं तेज होंगी। निवेशकों को लाभ मिलेगा। यह महीना प्राकृतिक प्रकोप का कारक है। नेताओं के विरूद्ध जन असंतोष जागृत होगा। सोना-चांदी तेज होंगे- रसीले पदार्थ सस्ते होंगे। अतः यह वर्ष कोई विशेष अच्छा प्रभाव नहीं देगा।



नव वर्ष विशेषांक  जनवरी 2014

फ्यूचर समाचार पत्रिका के नववर्ष विशेषांक में नववर्ष की भविष्यवाणियों में आपकी राशि तथा भारत व विश्व के आर्थिक, राजनैतिक व प्राकृतिक हालात के अतिरिक्त भारत के लिए विक्रम संवत 2014 का मेदिनीय फल विचार, 2014 में शेयर बाजार, सोना, डालर, सेंसेक्स व वर्षा आदि शामिल हैं। इसके साथ ही करियर में श्रेष्ठता के ज्योतिषीय मानदंड, आपकी राशि-आपका खानपान, ज्योतिष और महिलाएं, कुबेर का आबेरभाव नामक पौराणिक कथा, मिड लाइफ क्राइसिस, जनवरी माह के व्रत-त्यौहार, भागवत कथा, कर्मकांड का आर्विभाव, विभिन्न भावों में शनि का फल तथा चर्म रोग के ज्योतिषीय कारणों पर विस्तृत रूप से जानकारी देने वाले आलेख सम्मिलित हैं।

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