कस्पल पद्धति बर्थ टाईम रेक्टीफिकेशन

हर कस्पल कुंडली में सर्वप्रथम बर्थ टाईम रेक्टीफिकेशन (जन्म समय का शुद्धिकरण) करना अनिवार्य है क्योंकि कस्पल कुंडली में जिस भी भाव का प्रोमिस/ पोटेंशियल पढ़ना हो तो उस विशिष्ट भाव के सब सब लाॅर्ड से पढ़ा जाता है। सर्वप्रथम लग्... और पढ़ें

ज्योतिषअन्य पराविद्याएंज्योतिषीय विश्लेषणबाल-बच्चेभविष्यवाणी तकनीक

आगस्त 2016

व्यूस: 2608

जन्मपत्री देखकर बच्चों की संख्या व लिंग का निर्णय

प्रश्न: किसी भी पुरुष या स्त्री की जन्मपत्री देखकर बच्चों की संख्या व लिंग का निर्णय कैसे किया जा सकता है गोद लिए बच्चों का क्या प्रावधान है?... और पढ़ें

ज्योतिषज्योतिषीय विश्लेषणबाल-बच्चेभविष्यवाणी तकनीक

मई 2006

व्यूस: 2479

आध्यात्मिक उपायों द्वारा संतान प्राप्ति एवं सुख

भारतीय संस्कृति एवं सभ्यता में वैसे तो सभी सोलह संस्कारों का अपना-अपना महत्व है लेकिन विवाह संस्कार का संपूर्ण संस्कारों में विशिष्ट स्थान है। भारतीय सभ्यता में विवाह संस्कार का संतानोत्पत्ति से ही अधिक तात्पर्य है।... और पढ़ें

ज्योतिषउपायबाल-बच्चेसुखभविष्यवाणी तकनीकरूद्राक्ष

मई 2006

व्यूस: 2416

संतान बाधा निवारण के ज्योतिषीय उपाय

1.यदि पंचम भाव, पंचमेश और संतानकारक गुरु राहु के द्वारा (युति या दृष्टि) पीड़ित हों सर्प श्राप से संतान बाधा आती है। उपाय जप: ऊँ रां राहवे नमः या ऊँ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः 18000 बार जप शनिवार को करें।... और पढ़ें

ज्योतिषउपायज्योतिषीय विश्लेषणबाल-बच्चे

मई 2006

व्यूस: 2390

बर्थ टाईम रेक्टीफिकेशन कस्पल पद्धति

पिछले लेख में आपको बर्थ टाईम रेक्टीफिकेशन (बीटी. आर) करने के ठोस नियमों से अवगत करवाया गया था। इस लेख में एक उदाहरण की सहायता से बी. टी. आर. को समझाने का प्रयास किया गया है। पहले नियम यानि की रुलिंग प्लैनेट्स ;त्नसपदह च्सं... और पढ़ें

ज्योतिषअन्य पराविद्याएंबाल-बच्चेग्रहभविष्यवाणी तकनीक

सितम्बर 2016

व्यूस: 2314

संतान पक्ष को प्रभावित करता है काल सर्प योग

रह प्रकार के काल सर्प योगों में पद्म नामक काल सर्प योग कुंडली के पंचम भाव से संबंधित है। पंचम भाव संतान, शिक्षा, पूर्वजन्म के कर्म आदि का भाव है। इस योग के कारण संतान सुख में रुकावट आती है, शिक्षा में बाधा उत्पन्न होती है औ... और पढ़ें

ज्योतिषज्योतिषीय विश्लेषणज्योतिषीय योगबाल-बच्चेभविष्यवाणी तकनीक

मार्च 2006

व्यूस: 2282

संतान योग: कितने फलदायक

संतान योग: कितने फलदायक

संजय बुद्धिराजा

संतान सुख यानि गृहस्थ जीवन का उत्तम सुख ! गृहस्थ जीवन की फुलवारी में बच्चे रूपी फूलों की महक से जीवन की बगिया में बहार सी आ जाती है। जीवन सुख के रस से लवरेज हो जाता है। लेकिन क्या संतान सुख सभी के भाग्य में होता है ?... और पढ़ें

ज्योतिषज्योतिषीय योगबाल-बच्चेभविष्यवाणी तकनीक

अकतूबर 2016

व्यूस: 2190

संतान विचार: कुंडली किसकी देखें ?

जातक की संतान के जन्म समय व लिंग निर्धारण हेतु पति-पत्नी में से किसकी कुंडली का तथा कैसे विचार करना चाहिए विस्तार पूर्वक वर्णन करें।... और पढ़ें

ज्योतिषज्योतिषीय विश्लेषणबाल-बच्चेग्रहभविष्यवाणी तकनीक

जुलाई 2016

व्यूस: 1506

शिशु जन्म समय ज्योतिष द्वारा इच्छित संतान प्राप्ति

आज विज्ञान का युग है। विज्ञान के द्वारा मनुष्य प्रकृति पर विजय पाने की कोशिश करता रहा है।... और पढ़ें

ज्योतिषबाल-बच्चेसपने

दिसम्बर 2011

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