दिमाग के 42 खाने

दिमाग के 42 खाने  

दिमाग के 42 खाने पं. उमेश शर्मा मनुष्य के दिमाग की लहरों या खानों का विस्तृत विवरण दिमागी खाना नंकुंडली खाना नंकिस ग्रह से संबंधित होगा शक्ति असर 21 04 चंद्र हमदर्दी या रहम तंग पेशानी में कम, चैड़ी में अधिक, ऊंची में अति अधिक 22 05 बृहस्पति अपनी अक्ल चैड़ी पेशानी का अगला भाग उभरा हुआ होता है 23 06 केतु पसंदगी खूबसूरती, बनाव-श्रंगार, और हर चीज़ दिखावे के लिए सुंदर हो, खूबी या गुण की परवाह नहीं। 24 07 बुध हौसला सब बातों में ऊंचा साहस, मुझसे कोई और दूसरा शान न बढ़ा पायेगा। 25 08 पापी ग्रह नकल करने की शक्ति हर चीज़ की नकल करने की शक्ति, बहरुपियापन, झगड़ा- फ़साद, जब पापी ग्रहों का मंदी शक्ति की और अधिक ध्यान हो। 26 09 बृहस्पति मसखरापन दिल्लगी, प्रसन्न स्वभाव 09 बुध हद से अधिक मसखरापन बहुत ही भोलापन, बुद्धू, बेवकूफी 27 03 मंगल गौर की शक्ति बात की तह तक पहुंचने की शक्ति, हर चीज़ की असलियत तक पहुॅंचने का कारण 28 04 चंद्र का अपना पुरानी स्मृति गजु री घटनाआ ंे की हरदम ताजा याद,। अच्छी स्मरण- शक्ति 29 05 सूर्य कद तथा औसत शक्ति चिड़ियों से बाज़ मरवाने की शक्ति, हर तरह के व्यक्ति और वज़ूद और कारोबार की शक्ति। 30 06 केतु बराबरपन की शक्ति जैसा मुंह वैसी चपेड़, हर किसी की नकल को जांच लेने की शक्ति 31 07 शुक्र रंग रूप में दूध से दही और दोनों का फर्क की शक्ति, शक्ल और रंग में फर्क कर लेने की शक्ति 32 08 शनि सफाई धुलापन हर ची़ज को तरतीब और दुरुस्ती इन्तजाम, ज़ाहिरा मानसरोवर, तो अंदर से कपट की ख़ान 33 09 बुध गणित के नियमों की शक्ति दिल तथा दिमाग में अपनी मर्जी के अनुसार दायराबन्दी करने की शक्ति 34 10 मंगल बद जगह की याद जगहा ंे क े फर्क की शक्ति, परू ा धोखेबाज़, तैरते को डुबो लेने की आदत। मंगल अपने असूलों पर मंगल बद साबित हो या शनि मंदा हो। 35 11 बृहस्पति बीते समय चाहे कितनी ही घटनाऐं हो जाऐं,सब याद रखने की आदत, वर्तमान इतिहास पर गौर की शक्ति 36 12 राहु विचार समय आता है याद मुझको गुज़रा हुआ ज़माना, कभी हम भी बाइकबाल थे। समय की लम्बाई-चैड़ाई नापने की शक्ति। 37 01 शनि राग समय की लम्बाई-चैड़ाई नापने की शक्ति, कुदरती शक्ति और उसमें प्रवीण। 38 02 बृहस्पति जुबानदानी हर प्रकार की भाषाओं को जानने व खोज लेने की शक्ति 39 03 मंगल कारण जानने की शक्ति हर काम की घटाई जानने की शक्ति की शक्ति तथा खोज कर लेने की शक्ति 40 04 चंद्र एक चीज का दूसरी चीज से मुकाबला हर चीज की असलियत और आधार पर उसका दूसरी से मुकाबला 41 05 सूर्य फितरत मनुष्यता की असलियत पर ध्यान करने की शक्ति चाहे कुछ भी हो 42 06 बुध का अपना नेकी दूसरों को खुश करने की शक्ति, रज़ामदीं, खरबूजे को देख खरबुजा रंग बदले की तरह। इस प्रकार:- Û सूर्य प्रभावित करता है दिमागी ख़ाना नं. 08-20-29 और 41 को। Û चन्द्र प्रभावित करता है दिमागी ख़ाना नं. 04. 21 28, 40 को। Û मंगल प्रभावित करता है दिमागी ख़ाना नं. 03, 08, 17, 27, 41 को। Û मंगल बद प्रभावित करता है दिमागी ख़ाना नं. 04, 14, 34 को। Û बुध प्रभावित करता है दिमागी ख़ाना नं. 07, 10, 18, 24, 26, 33, 42 को। Û बृहस्पति प्रभावित करता है दिमागी ख़ाना नं. 02, 15, 19, 22, 26, 35, 38 को। Û शुक्र प्रभावित करता है दिमागी ख़ाना नं. 01, 03 06 07, 31 को। Û शनि प्रभावित करता है दिमागी ख़ाना नं. 01, 09, 11, 13, 32 37 को । Û राहु प्रभावित करता है दिमागी ख़ाना नं. 12, 25, 36 को। Û केतु प्रभावित करता है दिमागी ख़ाना नं. 06, 16, 18, 23, 25, 30 को। दिमागी खानों का उपयोग हम किसी भी जातक की विशेषताओं को जानने के लिए करतें हैं। इसे आप निम्न उदाहरण द्वारा समझ सकतें हैं। उदाहरण कुंडली: निम्न कुंडली में शुक्र खाना नं. 7 में स्थित हो कर दिमागी ख़ाना नं0 7 और 31 को प्रभावित कर रहा है एवं सूर्य एवं मंगल खाना नं. 8 से दिमाग के खाना नं. 8 को प्रभावित कर रहे हैं। दिमागी खाना नं. 7 तमन्ना जिन्दगी में बढ़ने की चाह, आयु में नहीं। दिमागी खाना नं. 31 रंग-रुप में दूध से दही और दोनों का फर्क की शक्ति शक्ल और रंग में अन्तर कर लेने की शक्ति दिमागी खाना नं0 8 मंगल नेक मजबूती-कामयाबी हो न हो, अपना काम नहीं छोड़ना, चाहे लाख मुसीबत हो। दिमागी खाना नं. 8 सूय मजबुती हर मुसीबत से टकराने वाला अर्थात जातक जिद्दी, हिम्मती, अत्यन्त महत्वाकांक्षी, अनुभवी एवं व्यक्ति को पहचानने की अद्भुत क्षमता वाला होगा। जिस कार्य को हाथ में लेगा उसे पूरा किये बगैर न छोड़ेगा चाहे उसे पुरा करने में कितनी ही हानि ही क्यों न हो। इस प्रकार आप देखेगें कि मात्र 3 ग्रह ही अलग अलग दिमागी ख़ानों को प्रभावित कर रहे हैं। किसी भी कुंडली के ग्रह किन-किन भागों को प्रभावित करेगें और उनका क्या प्रभाव होगा यह स्पष्ट रुप से एवं सरलता से जाना जा सकता है।



स्वप्न, शकुन व् हस्ताक्षर विशेषांक  जून 2012

फ्यूचर समाचार पत्रिका के स्वप्न, शकुन व हस्ताक्षर विशेषांक में हस्ताक्षर विज्ञान, स्वप्न यात्रा का ज्योतिषीय दृष्टिकोण, स्वप्न की वैज्ञानिक व्याख्या, अवधारणाएं व दोष निवारण, स्वप्न का शुभाशुभ फल, जैन ज्योतिष में स्वप्न सिद्धांत, स्वप्न द्वारा भाव जगत में प्रवेश, शकुन शास्त्र में पाक तंत्र विचार. शकुन एवं स्वप्न का प्रभाव, शकुन एवं स्वप्न शास्त्र की वैज्ञानिकता, शकुन शास्त्र व तुलसीदास, हस्ताक्षर द्वारा व्यक्तित्व की पहचान, स्वप्नों द्वारा समस्या समाधान आदि रोचक, ज्ञानवर्द्धक आलेख शामिल किये गए हैं। इसके अतिरिक्त वास्तु परामर्श, वास्तु प्रश्नोतरी, विवादित वास्तु, यंत्र समीक्षा/मंत्र ज्ञान, हेल्थ कैप्सुल, लाल किताब, ज्योतिष सामग्री, सम्मोहन, सत्यकथा, स्वास्थ्य, पावन स्थल, क्या आप जानते हैं? आदि विषयों को भी शामिल किया गया है।

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