विविध स्वप्नों के निहितार्थ

विविध स्वप्नों के निहितार्थ  

विविध स्वप्नों के निहितार्थ जय इन्दर मलिक स्वप्न के बारे में अनेक मत पाये गये हैं। हमारे प्राचीन ग्रंथों में इस विषय पर बहुत चर्चा की गई है। स्वप्न की प्रायः तीन अवस्थायें होती हैं। जागृत अवस्था स्वप्न अवस्था सुषुप्ति अवस्था रात को पहले पहर में आने वाले स्वप्न प्रायः बुरे होते हैं। आधी रात के बाद वाले सपने करीब-करीब शुभ माने जाते हैं। स्वप्न कई प्रकार के होते हैं। जैसे अच्छे फल वाले अशुभ समय का पूर्वाभास कराने वाले और कुछ निष्फल होते हैं। मनुष्य जागृत अवस्था में जिन-जिन विषयों का चिंतन करता है अथवा जिन-जिन वस्तुओं को देखता है अथवा किसी घटना-विशेष के बारे में सुनता है, उन्हीं से संबंधित भिन्न-भिन्न संयोगजनित अनेक प्रकार के स्वप्न देखता है। स्वप्न लोक कुछ ऐसा ही है जहां हमें अपने इच्छा के विरूद्ध भी जाना पड़ता है। हमारी कुछ इच्छायें जो समाज के भय से जागृत अवस्था में पूरी नहीं होती वे स्वप्न द्वारा पूरी होकर मन को तृप्त करती हैं। शुभ स्वप्न फल तथा उसका विचार उड़ना, दीवार पर चढ़ना, पेड़ से कूदना आदि का अर्थ संकटों को आसानी से पार करना है। स्वप्न में दूसरे का चश्मा लगाने का अर्थ है दूसरे की राय से प्रभावित होना। जलती आग देखे तो समस्या पर विजय मिले। जलता दीपक देखना आशा पूरी करता है। दौड़ता हाथी देखना सुख-समृद्धि का सूचक है। अपने घर में आग लगी देखना कार्य पूर्ति का होना। ऊंट देखे तो विवेक से काम लेने पर लाभ मिलता है। दांत उखड़ना प्रेम कम होना। स्वयं दांत उखाड़े तो नया प्रेम हो। जलते चूल्हे पर रोटी बनाना शुभ होता है। स्वप्न में बस या ट्रक चलाना देखे तो समझें, बहुत बड़ा अवसर मिलने वाला है। गाय, मधुमक्खी या मोर देखने का अर्थ भौतिक समृद्धि मिलने वाली है। बादल देखना तरक्की हो। आम खाना, धन मिले। घनघोर घटा देखना- राजा से लाभ। घोड़े पर चढ़ना- व्यापार में लाभ कटघरे में शेर देखना - शत्रु से बचना। तंबू देखना - नया काम बनेगा। ढोल बजाना - सफलता मिलने तथा लंबी यात्रा का प्रतीक है। मछली पकड़े या किसी को मछली पकड़ते देखे तो व्यापारिक सफलता मिलती है। दीवार में कील ठोकना - किसी वृद्ध से लाभ मिलता है। सफेद फूल देखना - दुखों से छुटकारा मिले। सुगंध लगाना- मान-सम्मान प्राप्ति सूचक है। चांदी देखना - धन एवं अहंकार में वृद्धि हो। हवाई जहाज देखना- यात्रा हो। समुद्र देखना - धन यश की प्राप्ति हो। पूजा करना: अचानक धन मिले। एक अंगूठी पहनना - धन लाभ तथा प्रसन्नता बढ़े। मोती देखना: लड़की पैदा हो। अर्थी देखना- रोग से मुक्ति व आय में वृद्धि। स्वप्न में यदि कोई मार्ग रोके, आगे बढ़ने न दे तो आप मित्रों की बात मान कर चलें। किसी खोई हुई वस्तु को स्वप्न में पाना: आने वाले जीवन में सुख मिलता है। सर के बाल कटे देखना - ऋण मुक्त हो। मुंशी स्वप्न में कार्यालयों के रजिस्टरों या बही खाते में गलतियां पाता है तो वह अपने मालिक के अच्छे काम का यश पाता है। यदि स्वप्न में घर में किसी की मृत्यु पर सभी विलापकर रहें हो तो लक्ष्मी और सुख मिलता है। यदि सपने में व्यक्ति बुलबुल देखे तो विद्वान से लाभ मिलता है। अशुभ स्वप्न फल खुले केश वाली विधवा को लाल या श्वेत वस्त्र पहने हंसते हुये अपनी ओर आते देखना मृत्यु या मृत्यु तुल्य कष्ट। सिर या छाती पर ताड़ या काले फलों का गिरना भी मृत्यु तुल्य कष्ट का प्रतीक है। अपने शरीर में तेल लगाना, नृत्य गीतयुक्त विवाहोत्सव को देखना कार्य की विफलता का सूचक है। यदि स्वप्न में अपने आप शीश तोड़ते हुये देखे तो परिवार में किसी की मृत्यु होने के संकेत हैं। यदि स्वप्न में कोई चीटियों को मारे तो व्यापार में हानि। स्वप्न में रोता हुआ बच्चा देखे तो बीमारी और निराशा का सूचक है। यदि स्वप्न में आप बर्फ गिरती हुई देखे अथवा स्वयं को बर्फ में देखे तो समझें, शत्रुओं द्वारा बड़ा षडयंत्र रचा जा रहा है। यदि स्वप्न मंे पानी में डूब रहे हो या डूबने से बचने का प्रयास कर रहे हो तो समझें, किसी संकट में फंसने वाले हैं। जलती हुई आग देखे तो शत्रुओं से हानि होने वाली है। यदि ऊपर से गिर रहे हो तो अवनति का संकेत है। यदि आप के हाथ में तलवार या अस्त्र हो तो किसी से भविष्य में झगड़ा होने वाला है। यदि अपने हाथ में सोना देखे तो जो काम आप कर रहे हैं उसे छोड़ दें। यह असफल होने के संकेत हैं। सपने में खरगोश देखना दुर्भाग्यपूर्ण है। यदि सपने में मछली पकड़ते हैं या किसी अन्य को मछली पकड़ते देखते हैं तो आपको असफलता के साथ निराशा मिलने का संकेत हैं। यदि सपने में सुरमा लगा रहे हैं तो रोग से कष्ट मिलने का संकेत है। बासुरी बजा रहे हैं तो परेशानी आने वाली है। रोटी खाना- बीमारी का संकेत हैं। यदि स्वप्न में आंधी आती देखे तो यात्रा में कष्ट आये।



दीपावली विशेषांक  October 2017

फ्यूचर समाचार का अक्टूबर का विशेषांक पूर्ण रूप से दीपावली व धन की देवी लक्ष्मी को समर्पित विशेषांक है। इस विशेषांक के माध्यम से आप दीपावली व लक्ष्मी जी पर लिखे हुए ज्ञानवर्धक आलेखों का लाभ ले सकते हैं। इन लेखों के माध्यम से आप, लक्ष्मी को कैसे प्रसन्न करें व धन प्राप्ति के उपाय आदि के बारे में जान सकते हैं। कुछ महत्वपूर्ण लेख जो इस विशेषांक में सम्मिलित किए गये हैं, वह इस प्रकार हैं- व्रत-पर्व, करवा चैथ व्रत, दीपावली एक महान राष्ट्रीय पर्व, दीपावली पर ‘श्री सूक्त’ का विशिष्ट अनुष्ठान, धन प्राप्त करने के अचूक उपाय, दीपावली पर करें सिद्ध विशेष धन समृद्धि प्रदायक मंत्र एवं उपाय, आपका नाम, धन और दिवाली के उपाय, दीपावली पर कैसे करें लक्ष्मी को प्रसन्न, शास्त्रीय धन योग आदि।

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