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ग्रहों की अनुकूलता के लिए शुभफलदायी रत्न लाकेट

ग्रहों की अनुकूलता के लिए शुभफलदायी रत्न लाकेट  

ग्रहों की अनुकूलता के लिए शुभफलदायी रत्न लाॅकेट आचार्य रमेश शास्त्राी ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रहों के शुभ प्रभावों को प्राप्त करने के लिए रत्न धारण करना प्रमुख उपाय माना जाता है। ग्रह की शुभ बल वृद्धि के लिए जन्म राशि एवं जन्म लग्न के अनुसार रत्न करना शुभ फलदायक होता है। माणिक रत्न लाॅकेटः यह लाॅकेट सूर्य ग्रह के रत्न माणिक द्वारा निर्मित है। इसे धारण करने से सूर्य ग्रह संबंधी शुभ फल की वृद्धि होती है। इसके अतिरिक्त आयु- आरोग्य, पराक्रम आदि की वृद्धि होती है। इसे सिंह राशि, सिंह लग्न, मेष लग्न, वृष लग्न, वृश्चिक लग्न, धनु लग्न वाले जातक धारण कर सकते हैं। मोती रत्न लाॅकेटः यह रत्न लाॅकेट चंद्र ग्रह के रत्न मोती युक्त होता है। इसे चंद्र ग्रह की शुभता एवं बल, वृद्धि के लिए धारण किया जाता है। इसके अतिरिक्त इसे मानसिक शांति आदि के लिए भी धारण कर सकते हैं। कर्क लग्न, कर्क राशि, वृश्चिक लग्न, मीन लग्न वाले जातकों के लिए विशेष शुभफलदायी होता है। मूंगा रत्न लाॅकेट: यह रत्न लाॅकेट मंगल ग्रह के रत्न मूंगे से बना है, इसे मंगल ग्रह की बल वृद्धि के लिए धारण किया जाता है। इसके अतिरिक्त पराक्रम, साहस, शत्रु बाधा से मुक्ति आदि के लिए भी धारण कर सकते हैं। इसे मेष लग्न, मेष राशि, कर्क लग्न, सिंह लग्न, मीन लग्न वाले जातकों के लिए धारण करना अधिक शुभ फलदायी माना जाता है। पन्ना रत्न लाॅकेट: यह रत्न लाॅकेट बुध ग्रह के रत्न पन्ने से बना है। इसे बुध ग्रह की शुभ फल बल वृद्धि के लिए धारण किया जाता है। इसके अतिरिक्त इसे नजर दोष, तंत्र-मंत्र आदि बाधाओं के शमन के लिए धारण किया जाता है। यह कन्या राशि, कन्या लग्न, मिथुन राशि, मिथुन लग्न वाले जातकों के लिए विशेष शुभ फलदायक है। पीतांबरी रत्न लाॅकेट: यह रत्न लाॅकेट बृहस्पति ग्रह के उपरत्न पीतांबरी रत्न से निर्मित है। इसे ब ृ ह स् प ित ग ्र ह क ी शुभता के लिए धारण किया जाता है। इसके अतिरिक्त इसे आर्थिक वृद्धि, मंगल कार्य सिद्धि आदि के लिए धारण कर सकते हैं। धनु लग्न, धनु राशि, मीन लग्न, मीन राशि वाले जातकों के लिए यह रत्न लाॅकेट धारण करना शुभ माना जाता है। जरकन रत्न लाॅकेटः यह रत्न लाॅकेट शुक्र ग्रह के उपरत्न जरकन से य ु क् त ह ै । इ स लाॅकेट को शुक्र ग्रह की शांति के लिए धारण किया जाता है। यह वृष राशि, वृष लग्न, तुला राशि, तुला लग्न, मिथुन लग्न, मकर लग्न, कुंभ लग्न वाले जातकों के लिए विशेष शुभ फलदायक होता है। नीली रत्न लाॅकेट: यह रत्न लाॅकेट शनि ग्रह के उपरत्न नीली नामक रत्न से बना है। इसे शनि ग्रह की अनुकूलता के लिए धारण किया जाता है। यह रत्न लाॅकेट विशेष रूप से मकर राशि, मकर लग्न, कुंभ राशि, कुंभ लग्न तथा वृष लग्न एवं तुला लग्न वाले जातकों के लिए शुभ फलदायक है। गोमेद रत्न लाॅकेट: यह रत्न लाॅकेट राहु ग्रह के उपरत्न गोमेद से बना है, इसे राहु ग्रह की महादशा, अंतर्दशा में धारण किया जा सकता है। इसे धारण करने से राहु ग्रह संबंधी दोष दूर होते हैं। इसके अतिरिक्त इसे उदर विकार, कोर्ट-कचहरी के मामलों में सफलता आदि प्राप्त करने के लिए भी धारण किया जाता है। लहसुनिया रत्न लाॅकेटः यह रत्न लाॅकेट केतु के उपरत्न लहसुनिया से निर्मित हैं, इसे केतु ग्रह की शुभता, बल वृद्धि के लिए धारण किया जाता है। केतु की महादशा, अंतर्दशा में धारण कर सकते हैं। फिरोजा रत्न लाॅकेट: यह रत्न शुक्र ग्रह का भी उपरत्न माना जाता है। ह ी र ा ध् ा ा र ण् ा करने की सामथ्र्य न होने की स्थिति में इसे धारण कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त इसे वैवाहिक जीवन में पति-पत्नी के मध्य मधुर संबंध बने रहने के लिए भी धारण कर सकते हैं। इसे भूत-प्रेत आदि बाधा के शमन के लिए भी धारण किया जाता है।


अंक शास्त्र विशेषांक   सितम्बर 2008

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