मकान नंबर से जानिए अपने घर को

मकान नंबर से जानिए अपने घर को  

मकान नंबर से जानिए अपने घर को विनय गर्ग प्र त्येक घर की अपनी एक विशेषता होती है। इनमें से कुछ शांति, शुभ एवं समृद्धिदायक होते हैं, जबकि कुछ घरों में आप अकेलापन एवं अशांति महसूस करते हैं। इसके अतिरिक्त कभी आप किसी पड़ोसी, मित्र या किसी रिश्तेदार के यहां जाते हैं तो वहां भी अच्छा या बुरा प्रभाव महसूस करते हैं। कुछ घरों में रहने पर आपको इच्छा होगी कि उसको कुछ विशेष तरीके से सजाया जाए, जबकि कुछ घर ऐसे भी होते हैं जहां रहते हुए आप कुछ खास करने की इच्छा नहीं रखते। कुछ घरों में मांगलिक गतिविधियां समय-समय पर होती रहती हैं तथा घर में मित्रों-रिश्तेदारों के आने-जाने से खुशहाली का सा माहौल बना रहता है, जबकि कुछ घरों में सब लोगों के होने के बावजूद एकाकीपन महसूस किया जाता है। कई बार आप किसी होटल में ठहरते हैं तो उस होटल के कमरा संख्या का भी आप पर अनुकूल या प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। अलग-अलग संख्या वाले कमरे में ठहरने पर आपकी अनुभूति अलग-अलग होती है। यह सब मकान नंबर एवं होटल के रूम नंबर पर निर्भर करता है। कहने का अर्थ यह कि किसी घर में आप रहें या होटल के कमरे में, आप पर मकान नंबर और रूम नंबर का प्रभाव अवश्य पड़ता है। मकान का नंबर जानने की विधि किसी मकान का नंबर ज्ञात करने के लिए उस मकान की संख्या के अंकों को जोड़ कर एकल अंक प्राप्त कर लें। मकान की संख्या प्राप्त करते समय अंग्रेजी अक्षरों के मान भी अंकों में जोड़ें। उदाहरण के लिए, यदि किसी मकान की संख्या 603 है तो 6$0$3 = 9 अंक उस मकान की संख्या होगी। यदि मकान संख्या ।.603 है तो मकान का नंबर बदल जाएगा, क्योंकि श्।श् के लिए संबंधित अंक 1 भी जोड़ना होगा। इस प्रकार 1$6$0$3 = 10 = 1$0 = 1 अंक उस मकान का नंबर होगा। यदि ।.603 के स्थान पर मकान संख्या 603.। होगा तो भी अंक 1 ही रहेगा। कई बार हम किसी विशेष मकान की ओर आकर्षित होते हैं और वहां हमारा मन अनुकूलता महसूस करता है। ऐसे घर या होटल का कमरा हमें हमेशा याद रहता है, क्योंकि यहां हमें सौहाद्रपूर्ण वातावरण प्राप्त होता है। जबकि इसके विपरीत कुछ घरों को देखकर मन बहुत व्याकुलता एवं मानसिक तनाव महसूस करता है, क्योंकि हमारा मन उस घर के अनुकूल अपने आपको नहीं पाता है। ऐसे घर में हम अपने आपको अकेला अनुभव करते हैं। ऐसे घर में रहने से सुख-समृद्धि खत्म हो जाती है एवं असफलता की प्राप्ति होती है। इस प्रकार, उपर्युक्त तथ्यों को ध्यान में रखते हुए विभिन्न नंबर से प्रभावित घर कैसे होते हैं - जानकर आप लाभ उठा सकते हैं। अंक 1 का घर 1 नंबर के घर में रहने से व्यक्ति के मन में प्रति दिन नये कार्य करने और पुरानी परंपराओं से मुक्ति के विचार आते हैं। मन में स्फूर्ति एवं ऊर्जा हमेशा बनी रहती है। ऐसे घर में रहने से व्यक्ति समृद्ध और क्रियाशील रहता है। ऐसे घर में रहने वाला जातक हमेशा आत्मनिर्भर होने के बारे में सोचता है। इसके अतिरिक्त शारीरिक स्वास्थ्य अच्छा रहता है और खेल की भावना जागृत होती है। नंबर 1 के घर में रहने से आगंतुकों का आना-जाना कम ही रहता है जिसके कारण जातक अपने बहुमूल्य समय को महत्वपूर्ण कार्यों में लगा सकता है। ऐसे घर में रहने वाला व्यक्ति महत्वाकांक्षी और स्वतंत्रताप्रिय होता है। ऐसा घर विशेष तौर पर खिलाड़ियों, विद्यार्थियों, यात्रियों और अविवाहित पुरुष व स्त्रियों के लिए श्रेष्ठ होता है। अंक 2 का घर अंक 2 वाला घर सुखद और अनोखा होता है। भले ही वह कितना ही बड़ा या छोटा क्यों न हो। ऐसे घर में रहने वाला व्यक्ति छोटे-मोटे परिवर्तन घर में हमेशा करता रहता है। वह घर में पेड़-पौधे लगाने की सोचता है तथा गमले व पौधों से घर को सजाता है। ऐसे घर में रहने वाला व्यक्ति अन्य लोगों की भावनाओं को संतुलित करने में सहायक साबित होता है। यह घर अपने आपमें पारिवारिक घर साबित होता है। ऐसे घर में बड़े बच्चे अपने माता-पिता से मिलने आते रहते हैं। ऐसे घर में वस्तुओं का संग्रह, बाग-बगीचा, फूल-पौधे, सलाह और संबंधों का अच्छा तालमेल रहता है। ऐसा घर अध्यापक, समाजसेवी, घर के बड़े बुजुर्ग एवं सलाहकारों के लिए श्रेष्ठ रहता है। अंक 3 का घर 3 नंबर का घर सुख-समृद्धि वाला घर कहलाता है। इस घर में कभी कोई अशुभ घटना कभी नहीं होती है, बल्कि जातक हमेशा खुशी से परिपूर्ण रहता है और घर के सदस्यों और आगंतुकों के बीच तालमेल बैठाने में सफल रहता है। इस घर में रहने वाले व्यक्तियों के मन में हमेशा सकारात्मक विचार बने रहते हैं। कलाकार, कवि, लेखक और कल्पनाशील व्यक्तियों के लिए 3 अंक का घर शुभ होता है तथा छोटे बच्चे घर में हमेशा खुश रहते हैं। 3 अंक के घर की सजावट हमेशा घर के जातक की रचनात्मक रुचि को दर्शाती है। ऐसा घर देखने में बहुत सुंदर महसूस होता है। लेखक, कलाकारों, सामाजिक व्यक्तियों, राजनीतिज्ञों एवं संचार माध्यम से जुड़े लोगों के लिए ऐसा घर शुभ होता है। अंक 4 का घर अंक 4 वाला घर स्थिरता, पारदर्शिता, दिनचर्या, कार्य के प्रति सजगता एवं जिम्मेदारी का अनुभव कराता है। यह परिवार, व्यापार तथा संबंधों को आधार देता है तथा संबंधों में धैर्य एवं सहनशीलता भी देता है। ऐसे घर की वास्तुकला, सजावट एवं बागवानी आदि को बड़े अच्छे ढंग से देखा जा सकता है। इस घर में रहने वाले व्यक्तियों का विकास बिना किसी रुकावट के होता है तथा आपसी संबंध भी लंबे समय तक बने रहते हैं। ऐसा घर लेखाकार, भवन निर्माता, विद्यार्थियों, वास्तुकारों, कलाप्रिय लोगों, बैंक मैनेजर तथा बागवानी में रुचि रखने वाले व्यक्तियों के लिए शुभ होता है। ऐसे व्यक्ति जो क्रमिक रूप से विकास करते हुए लक्ष्य को प्राप्त करना चाहते हों, को ऐसे घरों में रहना चाहिए। अंक 5 का घर अंक 5 वाला घर कार्यशीलता, आंतरिक एवं बाह्य रूप से परिवर्तनकारी, विभिन्न विचार, सांस्कृतिक, रोमांटिक, बचकानी हरकतों, संवेदनशीलता, विभिन्नता, खेल की भावना और यात्रा प्रियता के प्रभाव देने वाला होता है। ऐसे मकान में रहने वाले व्यक्ति विवाह में कम, रोमांस में ज्यादा आस्था रखते हैं। ऐसे घर में पुस्तकें तथा फर्नीचर अस्त-व्यस्त रहती हैं। ऐसे घर में रहने वाला व्यक्ति यदि आत्मिक शक्ति से परिपूर्ण होता है तो वह अपने घर को एक संपूर्ण घर बनाने में सफल होता है। ऐसा घर लेखक, अध्यापक, यात्रियों, ट्रेवल एजेंट, बड़े परिवारों, सामाजिक लोगों, खिलाड़ियों के लिए सुखद अनुभूति देने वाला होता है। अंक 6 का घर अंक 6 के घर में रहने वाला व्यक्ति अपने आप को सुरक्षित एवं सुखी महसूस करता है। ऐसा घर अधिकतर सजावट में सुंदर होता है। ऐसे घरों में अधिकतर महिला सदस्यों का शासन होता है। घर के अन्य सदस्य इस पर कोई आपत्ति महसूस नहीं करते हैं। घर में रहने वाले बच्चे, सौहार्द्रपूर्ण एवं प्रसन्नता का वातावरण महसूस करते हैं। ऐसे घर में पौराणिक परंपराएं, सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं पूजा-अनुष्ठान आदि होते रहते हैं। ऐसा घर नर्सों, समाजसेवियों, बच्चों के लिए कार्य करने वाले कार्यकर्ताओं, वृद्ध माता-पिता, सेवा प्राप्त व्यक्ति आदि के लिए सुखदपूर्ण होता है। अंक 7 का घर अंक 7 का घर मानसिक शांति, सुख एवं आनंद की अनुभूति देने वाला होता है। यहां रहकर गहन अध्ययन और शोध किए जा सकते हैं तथा जिनसे चमत्कारिक फलों की प्राप्ति होती है। ऐसे घर हमेशा रहस्यों से परिपूर्ण होते हैं तथा ऐतिहासिक पहचान रखते हैं। गहन विचारशील व्यक्ति, वैज्ञानिक, शोध करने वाले व्यक्ति, मंत्री, अध्यापक, मनोवैज्ञानिक और दार्शनिक ऐसे स्थानों पर रहकर अच्छे कार्य कर सकते हैं। आध्यात्मिक व्यक्ति भी ऐसे घरों में रहकर संतुष्टि महसूस कर सकते हैं। ऐसा घर परिवार के बजुर्गों के लिए सहज होता है। अगर ऐसे घरों में लकड़ी पर गहरे रंगों का प्रयोग किया गया हो तो 7 के अंक के प्रभाव को और अधिक बढ़ा देता है। अंक 8 का घर अंक 8 वाला घर धन का घर कहलाता है। मान्यता है कि धन का वृक्ष ऐसे घरों के आगे लगा होता है। वास्तव में यह घर यहां रहने वाले व्यक्तियों के लिए अवसर प्रदान करता है। ऐसे घर में रहने वाले व्यावहारिक व जिम्मेदार होते हंै। उनके मन में सदैव व्यापार से संबंधित विचार आते रहते हैं। ऐसा घर वास्तविक घर से बड़ा महसूस होता है। ऐसे घर में पुराना फर्नीचर ज्यादा अच्छा लगता है। ऐसे घर में भूमि का ढलान और खिड़कियां घर को महल का रूप प्रदान करती हैं। ऐसे घर शेयर दलाल, गृह, व्यापार, उद्योगपतियों, डाॅक्टरों, मैनेजर, खिलाड़ियों, राजनीतिज्ञों एवं महान विभूतियों के लिए श्रेष्ठ माना गया है। अंक 9 का घर अंक 9 वाला घर अक्सर आरामदायक एवं मानसिक शांति देने वाला होता है। ऐसा घर आनंद एवं स्फूर्तिदायक होता है। इस घर में रहने वाले व्यक्तियों के मन में आत्मविश्लेषण की भावना प्रबल होती है। ऐसा घर कलात्मक तथा रचनात्मक अभिरुचि वाले लोगों के लिए उत्तम होता है, क्योंकि यहां ऐसे कार्य निर्बाध रूप से हो सकते हैं। यह जरूर है कि ऐसे घर में रहते हुए व्यक्ति को समय का अभाव महसूस होता है। ऐसे घर में रहने वालों की संख्या कम होती है, लेकिन उनमें प्रतिरोधक क्षमता अधिक होती है। ऐसे स्थान पर निदान एवं उपचार की शिक्षा का प्रचार एवं प्रसार किया जा सकता है। साथ ही आध्यात्मिक सभाएं या चिंतन आदि इस अंक से प्रभावित घर या मकान में सफलतापूर्वक की जा सकती हैं। ऐसे घर में सजावट प्रदर्शन के रूप में दिखाई देती है। ऐसे घर अध्यात्म से जुड़े लोगों, कलाकार, दार्शनिक, सेविकाओं, डाॅक्टरों, उपचारकों, देखभाल करने वालों, विश्वभ्रमण करने वालों तथा मानवतावादी व्यक्तियों के लिए शुभ होता है।



अंक शास्त्र विशेषांक   सितम्बर 2008

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