अशुभ साबित हो सकता है आपके वाहन का नंबर

अशुभ साबित हो सकता है आपके वाहन का नंबर  

अशुभ साबित हो सकता है आपके वाहन का नंबर डाॅ. महेश मोहन झा श्री प्रदीप कुमार अच्छे व्यवसायी हैं। उम्र लगभग 40 वर्ष है, व्यक्तित्व गंभीर है। गाड़ी चलाते समय ट्रैफिक के नियमों का पूरी तरह पालन करते हैं। गति सीमा में चलना कोई उनसे सीखे। गत वर्ष उन्होंने एक नई मारुति ली। एक वर्ष के अंदर ही उस गाड़ी से चार दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। एक में उनकी जान जाते-जाते बची, जबकि एक अन्य दुर्घटना मंे एक आदमी की मृत्यु हो गई। एक और उदाहरण आयकर वकील श्री कमलेश सिंह का है। ये प्रतिदिन 225 से 150 कि.मी. कार चलाते हैं। हर माह एक चालान कटवाना इनकी आदत बन चुकी है। शहर के अलग-अलग कोनों में अपने मुवक्किलों से मिलने के लिए ये गति सीमाओं से दोगुनी गति से कार चलाते हैं। इनके साथी, इनके साथ बैठने से घबराते हैं, किंतु इनके वाहन द्वारा कोई दुर्घटना नहीं घटी। एक अन्य उदाहरण हैं श्री रामचद्र चैधरी श्री चैधरी एक सरकारी अधिकारी रहे हैं। वह भी तेज कार चलाते हैं, किंतु यातायात नियमों का पूर्ण पालन करते हैं। मार्गों में गति सीमा का उल्लंघन नहीं करते हैं। इनकी ड्राइविंग सुरक्षित कही जा सकती है, पर गत तीन वर्षों में इनकी तीन दुर्घटनाएं हो चुकी हैं और तीनों एक ही कार से हुई हैं। दूसरी कार से, जो इनके पास पिछले तीन वर्षों से है, आज तक कोई भी दुर्घटना नहीं हुई। ऊपर वर्णित पहले दो उदाहरण दो विपरीत स्थितियों के सूचक हैं। एक ओर जहां नियमानुसार वाहन चलाने वाले श्री प्रसाद की कार से अल्पावधि में कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, वहीं दूसरी ओर तेजी से वाहन चलाने के पर्याय बन चुके श्री सिंह पिछले पांच वर्षों में एक भी दुर्घटना के शिकार नहीं हुए। यहां इन दोनों उदाहरणों का निष्कर्ष यह है कि दुर्घटना कार चालक के कारण न होकर कार के कारण हुई। श्री चैधरी के उदाहरण में केवल एक ही कार से दुर्घटना होना भी इस तथ्य को दर्शाता है कि दोष कार चालक का न होकर कार का है। अब तीनों उदाहरणों की वास्तविक स्थिति पर गौर करें। श्री प्रदीप कुमार का जन्म दिनांक 27.04.1961 है। इस प्रकार इनका मूलांक 9 तथा भाग्यांक 3 है। इनकी दुर्घटना करने वाले वाहन का नंबर 5234 है, जिसका मूलांक 5 है। अब प्रदीप कुमार के मूलांक और भाग्यांक का कार के मूलांक से संबंध देखें। कार का मूलांक 5 उनके मूलांक 9 और भाग्यांक 3 का शत्रु अंक है। अतः इस शत्रुता का परिणाम दुर्घटनाओं के रूप में सामने आया। श्री सिंह का जन्म 5.9.1962 को हुआ, अतः इनका मूलांक और भाग्यांक 5 हुआ। इनके वाहन का नंबर 2795 है, अतः कार का मूलांक 5 हुआ। श्री सिंह के मूलांक और भाग्यांक तथा कार के मूलांक में मित्रता है, इसी कारण उनके साथ दुर्घटना नहीं हुई। श्री रामचंद्र चैधरी का जन्म 6.12. 1931 को हुआ, अतः इनका मूलांक और भाग्यांक क्रमशः 6 और 5 हुआ। उनकी एक गाड़ी का नंबर 3495 तथा दूसरी का 5696 है। इनके मूलांक क्रमशः 3 और 8 हैं। श्री चैधरी के मूलांक और भाग्यांक की प्रथम कार के मूलांक से मित्रता, किंतु दूसरी गाड़ी के मूलांक से शत्रुता है। यही कारण है कि इस कार से ही दुर्घटना हुई है, जिसका नंबर 5696 और मूलांक 8 है। कहने का आशय यह है कि व्यक्ति को वाहन लेते समय उन अंकों का चयन करना चाहिए, जिनके मूलांक की उसके मूलांक से मित्रता हो। किस मूलांक और भाग्यांक के जातक के लिए किस मूलांक और भाग्यांक तथा किस रंग का वाहन उपयुक्त होगा, इसका विवरण नीचे दिया जा रहा है। मूलांक या भाग्यांक 1: जिन लोगों का जन्म 1,10,19 या 28 तारीख को हुआ हो, उनका मूलांक 1 होगा। 1 मूलांक या भाग्यांक वाले व्यक्ति को 1, 2, 4 और 7 मूलांक वाले वाहन रखने चाहिए । 1 मूलांक या भाग्यांक वाले किसी व्यक्ति को 6 या 8 मूलांक वाला वाहन नहीं रखना चाहिए। इन्हें पीले, सुनहरे अथवा क्रीम रंग का वाहन क्रय करना चाहिए, नीले, भूरे, बैंगनी या काले रंग का वाहन नहीं। मूलांक या भाग्यांक 2: जिन लोगों का जन्म 2, 11, 20 या 29 तारीख को हुआ हो, उनका मूलांक 2 होगा। 2 मूलांक वाले किसी व्यक्ति को 1,2,4 और 7 मूलांक वाला वाहन रखना चाहिए। इसके लिए मूलांक 9 वाला वाहन अशुभ होगा। ऐसे लोग सफेद अथवा हल्के हरे रंग का वाहन क्रय करें लाल और गुलाबी रंग का नहीं। मूलांक या भाग्यांक 3: जिनका जन्म 3,12,21 या 30 तारीख को हुआ हो उनका मूलांक 3 होगा। ऐसे लोग 3,6 या 9 मूलांक वाला वाहन रखें, 5 या 8 वाला वाहन अशुभ सिद्ध हो सकता है। 3 मूलांक वालों को पीले, बैंगनी, नीले या गुलाबी रंग का वाहन खरीदना चाहिए, हल्के हरे, सफेद या भूरे रंग का वाहन नहीं। मूलांक या भाग्यांक 4: जिन व्यक्ति का जन्म 4,13,22 या 31 तारीख को हुआ हो उनका मूलांक 4 होगा। इन्हें 4, 1, 2 या 7 मूलांक वाला वाहन रखना चाहिए। ऐसे लोगों के लिए मूलांक 9, 6 और 8 वाला वाहन अशुभ होगा। नीले या भूरे रंग का वाहन क्रय करना ऐसे लोगों के लिए शुभ होगा, गुलाबी या काले रंग का नहीं। मूलांक या भाग्यांक 5: 5, 14 या 23 तारीख को जन्मे लोगों का मूलांक 5 होगा, ऐसे लोगों को 5 मूलांक वाले वाहन रखने चाहिए, 3, 8 या 9 मूलांक वाले वाहन अशुभ साबित होंगे। ऐसे लोग हल्के हरे, सफेद या भूरे रंग का वाहन रखें, पीले, गुलाबी या काले रंग का नहीं। मूलांक या भाग्यांक 6: जिन व्यक्ति का जन्म 6, 15 एवं 24 तारीख को हुआ हो, उनका मूलांक 6 होगा। इन्हें 3, 6 या 9 मूलांक वाला वाहन रखना चाहिए। 8 या 4 मूलांक वाला वाहन इनके लिए अशुभ होगा। इन्हें हल्के नीले, गुलाबी या पीले रंग का वाहन क्रय करना चाहिए, काले रंग का वाहन अनिष्टकर हो सकता है। मूलांक या भाग्यांक 7: तारीख 7,16 या 25 को जन्मे व्यक्ति का मूलांक 7 होगा। मूलांक या भाग्यांक 7 वाले व्यक्ति को मूलांक 7,1,2 या 4 वाला वाहन रखना चाहिए। 8 या 9 मूलांक वाला वाहन इनके लिए अशुभ होगा। वाहन नीले या सफेद रंग का हो तो शुभ रहेगा। मूलांक या भाग्यांक 8: जिन लोगों का जन्म 8, 17 या 26 तारीख को हुआ हो, उनका मूलांक 8 होगा। इस मूलांक वालों को 8 मूलांक वाला वाहन खरीदना चाहिए और 1 और 4 मूलांक वाले वाहन से परहेज करना चाहिए। काले, नीले, भूरे एवं बैंगनी रंगों के वाहन रखना इनके लिए उपयुक्त होगा। मूलांक या भाग्यांक 9: तारीख 9, 18 यां 27 को जन्मे व्यक्ति का मूलांक 9 होगा। ऐसे लोगों के लिए 9, 3 या 6 मूलांक वाला वाहन शुभ और 5 या 7 मूलांक वाला अशुभ होगा। वाहन का रंग लाल या गुलाबी रखें तो शुभ हो। किसी व्यक्ति का मूलांक और भाग्यांक अलग-अलग हों तो ऐसी स्थिति में जीवन की घटनाओं का विश्लेषण करते हुए यह देखना चाहिए कि कौन सा मूलांक अधिक शुभप्रद रहा है। फिर उसी के अनुरूप वाहन के नंबर का चयन करना चाहिए। जिन लोगों का जन्म रात्रि में हुआ हो, उन्हें इस संबंध में दुविधा रहती है कि वे अपना मूलांक रात्रि से पूर्व वाली तारीख से मानें अथवा पश्चात् वाली तारीख को। इस संबंध में सुस्थापित मत यही है कि रात्रि 12 बजे तक जन्मे लोगों का मूलांक रात्रि से पूर्व की तारीख के अनुसार और रात्रि 12 बजे के पश्चात् जन्मे लोगों का मूलांक रात्रि के बाद वाली तारीख के अनुसार होगा। मूलांक के अनुसार वाहन खरीदने का शुभ दिन: मूलांक दिन 1 रविवार 2 सोमवार 3 गुरुवार 4 शनिवार 5 बुधवार 6 शुक्रवार 7 रविवार 8 शनिवार 9 मंगलवार



अंक शास्त्र विशेषांक   सितम्बर 2008

अंक शास्त्र में प्रचलित विभिन्न पद्वतियों का विस्तृत विवरण, अंक शास्त्र में मूलांक, नामांक व भाग्यांक का महत्व, अंक शास्त्र में मूलांक, भाग्यांक व नामांक के आधार पर भविष्य कथन की विधि, अंक शास्त्र के आधार पर पीड़ा निवारक उपाय, नामांक परिवर्तन की विधि एवं प्रभाव

सब्सक्राइब

अपने विचार व्यक्त करें

blog comments powered by Disqus
.